ट्रंप का बड़ा दावा: आज होगा यूएस-ईरान शांति समझौता, खुलेगा होर्मुज स्ट्रेट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा ऐलान किया है कि आज ईरान के साथ शांति समझौते पर हस्ताक्षर होंगे, जिसके बाद होर्मुज स्ट्रेट को सभी के लिए खोल दिया जाएगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच एक बहुत बड़ा दावा किया है और ट्रंप ने घोषणा की है कि संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर आज हस्ताक्षर किए जाने हैं। राष्ट्रपति के अनुसार, इस ऐतिहासिक समझौते पर दोनों देशों के हस्ताक्षर होते ही होर्मुज स्ट्रेट को सभी के लिए फिर से खोल दिया जाएगा और ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ईरान के साथ अमेरिका के संबंध अब पिछली सरकारों की तुलना में बहुत अलग और काफी बेहतर स्थिति में पहुंच गए हैं। फरवरी से मिडिल ईस्ट में जारी भारी तनाव पर आज इस समझौते के साथ विराम लग सकता है।

होर्मुज स्ट्रेट का खुलना और व्यापारिक मार्ग

राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इस डील पर आज हस्ताक्षर होने हैं और जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, होर्मुज स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय यातायात और व्यापार के लिए खुल जाएगा। यह जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है और ट्रंप ने कहा कि यह समझौता न केवल शांति लाएगा बल्कि वैश्विक व्यापारिक मार्गों को भी सुरक्षित करेगा। उन्होंने पिछली सरकारों की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में ईरान के साथ जो समीकरण बने हैं, वे पहले कभी नहीं देखे गए और होर्मुज स्ट्रेट का खुलना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।

परमाणु हथियारों पर ट्रंप का रुख और बी-2 बॉम्बर्स

ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर ट्रंप ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने कहा कि अब ईरान परमाणु हथियार नहीं चाहता है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान को अब किसी भी तरीके से परमाणु हथियार नहीं मिलेंगे, चाहे वे उन्हें खरीदने की कोशिश करें, बनाने की या किसी अन्य माध्यम से हासिल करने की। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम प्रभावी रूप से निष्क्रिय हो चुका है। उन्होंने एक विशेष योजना का जिक्र करते हुए कहा कि सही समय आने पर, जब सब कुछ पूरी तरह शांत हो जाएगा, अमेरिका अपने शानदार बी-2 बॉम्बर्स और बेहतरीन पायलटों की मदद से पहाड़ों के नीचे छिपाई गई परमाणु सामग्री को बाहर निकालेगा। इस सामग्री को बाद में प्रोसेस किया जाएगा और ईरान या अमेरिका में कहीं भी ले जाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया जाएगा।

ओबामा प्रशासन के साथ तुलना और वित्तीय विवरण

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इस समझौते की तुलना पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के समय हुए जेसीपीओए (JCPOA) समझौते से की। ट्रंप ने ओबामा की डील को परमाणु हथियार पाने का एक आसान और सीधा रास्ता बताया। उन्होंने दावा किया कि अगर वह पुरानी डील लागू रहती, तो ईरान के पास 6 साल पहले ही परमाणु हथियार आ जाते और वह अब तक उनका इस्तेमाल भी कर चुका होता। ट्रंप ने यह भी याद दिलाया कि ओबामा प्रशासन ने ईरान को अरबों डॉलर दिए थे, जिसमें 1 अरब 70 करोड़ डॉलर नकद भी शामिल थे। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उनके इस नए समझौते में किसी भी प्रकार के पैसे का लेन-देन नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि उनका समझौता पिछली डील के बिल्कुल उलट है और इसमें परमाणु हथियार न होने की पक्की गारंटी दी गई है।

शहबाज शरीफ का बयान और समझौते की समयसीमा

इस समझौते की पुष्टि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी होती दिख रही है। ट्रंप के इस बड़े ऐलान से पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी संकेत दिए थे कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को अगले 24 घंटों के भीतर अंतिम रूप दिया जा सकता है। अब ट्रंप ने खुद इस बात की पुष्टि कर दी है कि रविवार को दोनों देश इस महत्वपूर्ण डील पर हस्ताक्षर कर देंगे। ट्रंप ने विश्वास जताया कि यह समझौता क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि हालात सामान्य होने पर न्यूक्लियर डस्ट लेने के लिए अमेरिका ईरान जाएगा, जिससे परमाणु खतरे को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।