अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को चीन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उसने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच ईरान की सैन्य मदद की, तो उसके उत्पादों पर अमेरिका में भारी टैरिफ लगाया जाएगा। ट्रंप ने यह बयान फॉक्स न्यूज के कार्यक्रम 'संडे मॉर्निंग फ्यूचर्स' में दिया, जहां उन्होंने चीन और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग पर चिंता व्यक्त की। राष्ट्रपति के अनुसार, यदि चीन ईरान को हथियार मुहैया कराते हुए पाया गया, तो उसके सामान पर 50% तक का आयात शुल्क लगाया जा सकता है।
हथियारों की आपूर्ति और टैरिफ की चेतावनी
राष्ट्रपति ट्रंप ने साक्षात्कार के दौरान कहा कि उन्हें ऐसी रिपोर्ट मिली हैं कि चीन ने ईरान को विमान भेदी शोल्डर मिसाइलें (Anti-Aircraft Shoulder Missiles) प्रदान की हो सकती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक संबंध हैं, लेकिन ईरान को सैन्य सहायता देना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ट्रंप ने इस संभावित कदम को एक 'बड़ा आर्थिक प्रहार' बताया, जिसका उद्देश्य चीन को ईरान के सैन्य तंत्र को मजबूत करने से रोकना है।
ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर सैन्य कार्रवाई के संकेत
ट्रंप ने ईरान के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि स्थिति और बिगड़ती है, तो अमेरिका ईरान की ऊर्जा व्यवस्था को निशाना बना सकता है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना एक दिन के भीतर ईरान के पावर प्लांट और अन्य महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्रों को निष्क्रिय करने की क्षमता रखती है। ट्रंप ने कहा कि ईरान की पूरी ऊर्जा व्यवस्था और बिजली उत्पादन संयंत्रों पर नियंत्रण करना एक बड़ी कार्रवाई होगी, जिसे आवश्यकता पड़ने पर अंजाम दिया जा सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी और नौसैनिक आदेश
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत विफल होने के बाद, ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना को होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी करने का आदेश दिया है। यह क्षेत्र वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसके जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि इस समुद्री मार्ग पर उनका पूर्ण नियंत्रण है और किसी भी चुनौती का गंभीर परिणाम होगा। अमेरिका का उद्देश्य इस मार्ग को बारूदी सुरंगों से मुक्त करना और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग के लिए सुरक्षित बनाना है।
शिपिंग पर प्रभाव और अवैध टोल वसूली का मुद्दा
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान वर्तमान में होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार कर रहा है और आरोप है कि ईरान चीन से जुड़े जहाजों को सुरक्षित रास्ता दे रहा है, जबकि अन्य देशों के जहाजों पर पाबंदी लगाई जा रही है। इसके अतिरिक्त, कुछ जहाजों से 'अवैध टोल' वसूली की खबरें भी सामने आई हैं। ट्रंप ने इसे 'वैश्विक जबरन वसूली' करार देते हुए कहा कि अमेरिकी नौसेना उन जहाजों को रोकेगी जिन्होंने ईरान को ऐसा भुगतान किया है।
शी जिनपिंग के साथ आगामी बैठक और कूटनीतिक तनाव
तनावपूर्ण माहौल के बीच, राष्ट्रपति ट्रंप अगले महीने बीजिंग में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने वाले हैं। यह बैठक पहले से निर्धारित थी, लेकिन ईरान के साथ बढ़ते विवाद के कारण इसे अस्थायी रूप से टाल दिया गया था। इस बैठक में व्यापारिक मुद्दों के साथ-साथ ईरान को दी जा रही सैन्य सहायता पर भी चर्चा होने की संभावना है। ट्रंप ने साफ किया है कि अमेरिकी जहाजों या शांतिपूर्ण व्यापारिक जहाजों पर किसी भी हमले का जवाब कड़ी सैन्य कार्रवाई से दिया जाएगा।
