विश्व आर्थिक मंच (WEF) के मंच से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसी कूटनीतिक हलचल पैदा कर दी है, जिसने पूरी दुनिया की नजरें दावोस पर टिका दी हैं। ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमिर जेलेंस्की के साथ एक घंटे तक गहन चर्चा की और इसके तुरंत बाद रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए अपना सबसे बड़ा दांव चल दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब यह युद्ध खत्म होना। चाहिए क्योंकि इसमें बहुत अधिक निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है।
जेलेंस्की के साथ एक घंटे की गुप्त मंत्रणा
दावोस में ट्रंप और जेलेंस्की के बीच हुई यह मुलाकात लगभग एक घंटे तक चली। इस बैठक को बेहद 'सार्थक' बताया जा रहा है। ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि जेलेंस्की के साथ उनकी बातचीत बहुत अच्छी रही और हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि फिलहाल 'बोर्ड ऑफ पीस' को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन प्रक्रिया सही दिशा में आगे बढ़ रही है। जेलेंस्की ने भी इस मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया दी और उन्होंने ट्रंप को पिछले एयर डिफेंस पैकेज के लिए धन्यवाद दिया और भविष्य में और अधिक सैन्य सहायता की उम्मीद जताई।
पुतिन से मिलने मॉस्को जाएगा ट्रंप का डेलिगेशन
ट्रंप ने केवल जेलेंस्की से मिलकर ही अपनी बात खत्म नहीं की, बल्कि उन्होंने रूस के साथ सीधे संवाद का रास्ता भी खोल दिया है। ट्रंप ने घोषणा की है कि उनका एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल आज या कल रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने मॉस्को जा रहा है और इस डेलिगेशन में ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद जेरेड कुशनर शामिल हैं। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य युद्धविराम की संभावनाओं को तलाशना और एक ठोस शांति समझौते की नींव रखना है।
20 सूत्रीय शांति योजना और लैंड डील का पेच
सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पुतिन के सामने 20 सूत्रीय शांति योजना (20-Point Peace Plan) पेश कर सकता है। इस योजना में सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा 'लैंड डील' यानी जमीन के बंटवारे को लेकर है और विटकॉफ ने संकेत दिए हैं कि वे दोनों पक्षों को एक ऐसे समझौते पर लाने की कोशिश कर रहे हैं जो व्यावहारिक हो। रूस की मांग रही है कि यूक्रेन अपने पूर्वी डोनबास क्षेत्र को उसे सौंप दे, जबकि यूक्रेन सुरक्षा गारंटी और अपनी क्षेत्रीय अखंडता पर अड़ा हुआ है और ट्रंप प्रशासन इसी गतिरोध को तोड़ने के लिए नए विचारों पर काम कर रहा है।
गाजा शांति बोर्ड और वैश्विक कूटनीति
ट्रंप ने दावोस में केवल यूक्रेन ही नहीं, बल्कि मध्य पूर्व के संकट पर भी बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने 'गाजा पीस बोर्ड' लॉन्च किया है, जिसमें 20 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। ट्रंप ने इस बोर्ड के लिए 80 देशों को न्योता भेजा था। यह दिखाता है कि ट्रंप अपनी 'डीलमेकर' वाली छवि को वैश्विक स्तर पर फिर से स्थापित करना चाहते हैं। उनका मानना है कि अमेरिका की सक्रिय मध्यस्थता के बिना दुनिया के इन बड़े संघर्षों को समाप्त करना असंभव है।
युद्ध का मानवीय पक्ष और ट्रंप की चेतावनी
ट्रंप ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि युद्ध में मरने वालों की संख्या भयावह है और उन्होंने कहा, "मेरा संदेश पुतिन के लिए सीधा है- युद्ध खत्म होना चाहिए। बहुत सारे लोग मारे गए हैं और अब इसे रोकने का समय आ गया है और " ट्रंप का यह बयान उन आलोचकों को भी जवाब है जो मानते थे कि वे यूक्रेन की मदद पूरी तरह बंद कर देंगे। ट्रंप ने संतुलन बनाने की कोशिश की है, जहां वे एक तरफ यूक्रेन की रक्षा जरूरतों को सुन रहे हैं, तो दूसरी तरफ रूस के साथ टेबल पर बैठने की तैयारी भी कर रहे हैं।
क्या सफल होगी ट्रंप की मध्यस्थता?
रूस-यूक्रेन युद्ध अब एक ऐसे मोड़ पर है जहां दोनों पक्ष थक चुके हैं, लेकिन कोई भी झुकने को तैयार नहीं है। ट्रंप की यह पहल कितनी सफल होगी, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि पुतिन और जेलेंस्की 'लैंड डील' पर कितने लचीले होते हैं और फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें मॉस्को में होने वाली स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की पुतिन के साथ बैठक पर टिकी हैं। यदि वहां से कोई सकारात्मक संकेत मिलता है, तो यह। इस दशक की सबसे बड़ी कूटनीतिक जीत साबित हो सकती है।