राष्ट्रगान के बीच से चले गए सतीश महाना, यूपी में सियासी घमासान शुरू

उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह राष्ट्रगान के दौरान कार्यक्रम छोड़कर जाते दिख रहे हैं। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने इसे राष्ट्रगान का अपमान बताया है, जबकि आयोजकों ने इसे गलतफहमी करार दिया है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने राज्य की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस वीडियो में विधानसभा अध्यक्ष एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगान बजते समय बीच में ही सलामी मंच से उतरकर जाते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो के सामने आने के बाद सतीश महाना विवादों के घेरे में आ गए हैं और उन पर राष्ट्रगान का अपमान करने के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं और विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर संवैधानिक पद की गरिमा पर सवाल उठाए हैं।

उन्नाव के कार्यक्रम में क्या हुआ?

यह पूरी घटना शनिवार 22 अगस्त को उन्नाव के पूरन नगर स्थित एक स्कूल में घटित हुई। वहां उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद का 46वां प्रांतीय अधिवेशन और संगोष्ठी आयोजित की गई थी। सतीश महाना इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम की शुरुआत में उन्हें नियमानुसार गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। वायरल वीडियो के अनुसार, जब वहां राष्ट्रगान (जन-गण-मन) बजना शुरू हुआ, तभी सतीश महाना अचानक अपने कान के पास कुछ ठीक करते हुए मंच से नीचे उतरने लगे। वह राष्ट्रगान के बीच में ही अपनी गाड़ी की ओर बढ़े और वहां से रवाना हो गए।

हैरानी की बात यह रही कि महज 52 सेकंड की अवधि वाले राष्ट्रगान के पूरा होने तक का भी सतीश महाना ने इंतजार नहीं किया। वीडियो में देखा जा सकता है कि उनके साथ उनके समर्थक और कार्यक्रम में मौजूद अन्य लोग भी उनके पीछे-पीछे वहां से चल दिए। इस व्यवहार को लेकर अब सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं और लोग इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन बता रहे हैं।

कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का हमला

कांग्रेस ने इस घटना को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। जिला कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ नेता दिनेश शुक्ला ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी। उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि उन्होंने अपने प्रोटोकॉल का सम्मान तो लिया और चल दिए, लेकिन क्या यह राष्ट्रगान का अपमान नहीं है? इस पोस्ट के बाद इंटरनेट पर बहस छिड़ गई है और लोग इस वीडियो को साझा करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।

आम आदमी पार्टी ने भी इस घटना का वीडियो साझा करते हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष और भाजपा पर निशाना साधा है। पार्टी ने अपने बयान में कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष और भाजपा नेता सतीश महाना के पास राष्ट्रगान को सम्मान देने तक का समय नहीं है। पार्टी ने आगे सवाल किया कि आज पूरा देश भाजपा से पूछ रहा है कि राष्ट्रगान का अपमान करने वाले अपने नेता पर पार्टी क्या कार्रवाई करेगी? विपक्षी दलों का कहना है कि एक जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति से इस तरह के आचरण की उम्मीद नहीं की जा सकती।



आयोजकों ने दी सफाई और बचाव

विवाद बढ़ता देख कार्यक्रम के आयोजक वेणु रंजन भदौरिया ने सतीश महाना के बचाव में एक स्पष्टीकरण जारी किया है। उन्होंने इस पूरी घटना को एक गलतफहमी करार दिया। भदौरिया ने सफाई देते हुए कहा कि जिस स्थान पर विधानसभा अध्यक्ष को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जा रहा था, वहां वास्तव में राष्ट्रगान नहीं बज रहा था और उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रगान अंदर मुख्य कार्यक्रम स्थल यानी सभागार में बज रहा था और उसकी आवाज केवल बाहर उस जगह तक आ रही थी जहां गार्ड ऑफ ऑनर की प्रक्रिया चल रही थी। आयोजक के मुताबिक, इसी तकनीकी कारण से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि वह राष्ट्रगान के बीच से गए हैं।

सतीश महाना का राजनीतिक परिचय

सतीश महाना कानपुर की महाराजपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वह उन्नाव में उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के 46वें प्रांतीय सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे थे, जो अब इस विवाद के कारण चर्चा का केंद्र बन गया है। फिलहाल इस मामले पर सियासी बयानबाजी जारी है और विपक्ष लगातार भाजपा को घेरने की कोशिश कर रहा है।