अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीद से कच्चे तेल में 6 फीसदी की भारी गिरावट

अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की बढ़ती उम्मीदों और होर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य शिपिंग बहाल करने के ईरान के भरोसे के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 6 फीसदी की बड़ी गिरावट आई है।

वैश्विक ऊर्जा बाजार में बुधवार को एक बड़ी हलचल देखने को मिली जब कच्चे तेल की कीमतों में 5 फीसदी से अधिक की कमी दर्ज की गई। विशेष रूप से WTI क्रूड ऑयल की कीमतों में लगभग 6 फीसदी की भारी गिरावट देखी गई और यह 88 डॉलर 30 सेंट प्रति बैरल के स्तर पर आ गया। इस बड़ी गिरावट का मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच एक शांति समझौते की बढ़ती उम्मीदें हैं। इस संभावित समझौते ने निवेशकों के बीच विश्वास पैदा किया है, जिससे तेल की कीमतों में नरमी आई है और वैश्विक बाजार को बड़ी राहत मिली है।

होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व और ईरान का भरोसा

बाजार में इस राहत की मुख्य वजह ईरान की ओर से आया वह बयान है जिसमें तेहरान ने अगले एक महीने के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सामान्य व्यापारिक जहाजों की आवाजाही बहाल करने का भरोसा दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक स्तर पर होने वाली कच्चे तेल और एलएनजी (LNG) की कुल आपूर्ति का लगभग 20 फीसदी हिस्सा इसी संकरे समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। यही कारण है कि इस मार्ग पर किसी भी तरह का तनाव पूरी दुनिया में ऊर्जा संकट पैदा कर सकता है और कीमतों को बहुत ऊपर पहुंचा सकता है।

तनाव कम होने के संकेत और जहाजों की आवाजाही

पिछले कुछ दिनों से युद्ध जैसे हालात और बढ़ते तनाव के कारण इस मार्ग से जहाजों का निकलना मुश्किल हो गया था। हालांकि, अब जमीनी स्तर पर हालात सुधरते दिख रहे हैं। मंगलवार को कम से कम दो विदेशी सुपरटैंकर इस मार्ग से सुरक्षित बाहर निकले। लगभग एक हफ्ते के अंतराल के बाद यह पहली बार हुआ जब करीब 40 लाख बैरल कच्चा तेल बिना किसी रुकावट के इस रास्ते से गुजरा। इस घटनाक्रम ने बाजार को यह सकारात्मक संकेत दिया है कि आपूर्ति श्रृंखला फिर से पटरी पर लौट रही है और भविष्य में तेल की कमी नहीं होगी।

मई महीने में तेल की कीमतों में 16 फीसदी की गिरावट

मार्च और अप्रैल के महीनों में कच्चे तेल की कीमतों में काफी तेजी देखी गई थी, लेकिन मई का महीना तेल बाजार के लिए गिरावट भरा रहा है और मई महीने में अब तक कच्चे तेल की कीमतों में 16 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। वर्तमान में तेल की कीमतें पिछले पांच हफ्तों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई हैं। व्यापारियों और निवेशकों को अब यह उम्मीद है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सफल रहेगी, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुल जाएगा और तेल की वैश्विक आपूर्ति सामान्य हो जाएगी। मई महीने में दर्ज की गई 16 फीसदी की यह गिरावट वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो लंबे समय से महंगाई के दबाव से जूझ रही है।

राजनयिक प्रयास और मार्को रुबियो का रुख

इस पूरे घटनाक्रम पर दुनिया भर के विशेषज्ञों की नजर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत पर टिकी है। ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि वाशिंगटन के साथ अप्रत्यक्ष बातचीत का दौर अभी जारी है। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि शांति समझौते को अंतिम रूप देने में अभी कुछ और दिनों का समय लग सकता है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच समझौता सफलतापूर्वक संपन्न हो जाता है, तो आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमतों में और भी अधिक गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे भारत जैसे तेल आयातक देशों को बड़ी राहत मिलेगी।