चीन को झटका: अमेरिका और मलेशिया के बीच $1 बिलियन की रेयर अर्थ डील

अमेरिका ने रेयर अर्थ मैटेरियल के लिए मलेशिया के साथ 1 बिलियन डॉलर का समझौता किया है। इसका उद्देश्य चीन पर निर्भरता कम करना और पेंटागन के लिए मिसाइल व रडार जैसे हथियारों के निर्माण हेतु आवश्यक संसाधनों की आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

एशिया में अमेरिका को रेयर अर्थ मैटेरियल के क्षेत्र में एक नया रणनीतिक साझेदार मिल गया है और मलेशिया ने रेयर अर्थ मैटेरियल की प्रोसेसिंग में तेजी ला दी है, जिसके बाद अमेरिका ने उसके साथ करीब 1 बिलियन डॉलर का एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। अमेरिका की इस पहल का मुख्य उद्देश्य रेयर अर्थ मैटेरियल के वैश्विक बाजार में चीन के वर्चस्व को चुनौती देना और अपनी निर्भरता को कम करना है। पेंटागन को मिसाइल और रडार जैसे आधुनिक हथियार बनाने के लिए इन सामग्रियों की निरंतर आवश्यकता होती है।

पेंटागन और मलेशिया के बीच 1 बिलियन डॉलर का समझौता

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, पेंटागन और मलेशिया के बीच रेयर अर्थ मैटेरियल को लेकर एक डील हुई है। यह डील लगभग 1 बिलियन डॉलर की है, जो एक प्रारंभिक (preliminary) समझौता है। इस धनराशि का उपयोग मलेशिया में रेयर अर्थ मैटेरियल के निष्कर्षण और भविष्य के विकास कार्यों के लिए किया जाएगा और पेंटागन ने इस रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है, ताकि रक्षा क्षेत्र की जरूरतों को पूरा किया जा सके।

मलेशिया में रेयर अर्थ संसाधनों का विशाल भंडार

मलेशिया के कुआंतान के पास भारी मात्रा में रेयर अर्थ मैटेरियल होने की जानकारी सामने आई है। इन संसाधनों को निकालने के लिए मलेशिया ने एक ऑस्ट्रेलियाई कंपनी के साथ समझौता किया है और यह कंपनी न केवल निष्कर्षण का कार्य करेगी, बल्कि उन अन्य संभावित स्थानों की भी पहचान करेगी जहां रेयर अर्थ मैटेरियल मौजूद हो सकते हैं। हाल ही में मलेशियाई सरकार ने नॉन-रेडिएक्टिव रेयर अर्थ की खोज की है। 7 लाख टन रेयर अर्थ संसाधन मौजूद हैं। अनुमान है कि मलेशिया के पास कुल 15-20 लाख टन तक रेयर अर्थ मैटेरियल का भंडार हो सकता है।

रक्षा प्रणालियों के लिए रेयर अर्थ की अनिवार्यता

अमेरिका को अपनी सैन्य शक्ति को मजबूत बनाए रखने के लिए भारी मात्रा में रेयर अर्थ मैटेरियल की आवश्यकता है और मिसाइल, रडार सिस्टम और एयर डिफेंस सिस्टम जैसे जटिल हथियारों के विकास में ये सामग्रियां अनिवार्य भूमिका निभाती हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, ईरान जंग के बाद अमेरिका को इन संसाधनों की भारी जरूरत है। अब तक अमेरिका अपनी इन जरूरतों के लिए मुख्य रूप से चीन पर निर्भर था, लेकिन अब वह मलेशिया के माध्यम से एक वैकल्पिक आपूर्ति श्रृंखला स्थापित कर रहा है।

चीन के वैश्विक दबदबे को चुनौती

वर्तमान में वैश्विक स्तर पर रेयर अर्थ मैटेरियल की आपूर्ति पर चीन का एकाधिकार है, जो दुनिया की कुल सप्लाई का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा नियंत्रित करता है। अमेरिका इस एकाधिकार को समाप्त करने के लिए मलेशिया को एक प्रमुख केंद्र के रूप में तैयार कर रहा है। मलेशिया ने भी अपनी प्रोसेसिंग क्षमता को बढ़ाने की घोषणा की है, जिससे वह वैश्विक बाजार में एक बड़े खिलाड़ी के रूप में उभर सके।

अमेरिका की यह रणनीति न केवल उसकी रक्षा जरूरतों को सुरक्षित करेगी, बल्कि एशिया में चीन के आर्थिक और रणनीतिक प्रभाव को संतुलित करने में भी सहायक सिद्ध होगी। मलेशिया द्वारा प्रोसेसिंग क्षमता में वृद्धि और नए भंडारों की खोज इस दिशा में एक निर्णायक कदम है।