उत्तर कन्नड़ जिले में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है जहां थट्टे हक्कलू नदी में सीपियां इकट्ठा करने गए एक ही परिवार के 8 सदस्यों की डूबने से मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालों में 7 महिलाएं शामिल हैं। यह घटना उस समय हुई जब परिवार के सदस्य नदी के किनारे अपनी पारंपरिक गतिविधि में व्यस्त थे। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में मातम पसर गया है और स्थानीय प्रशासन लापता लोगों की तलाश में जुटा हुआ है।
थट्टे हक्कलू नदी में कैसे हुआ यह बड़ा हादसा
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, भटकल तालुक के शिराली गांव के लगभग 14 लोग नदी में सीपियां चुनने के लिए उतरे थे। तटीय क्षेत्रों और नदी के किनारों पर रहने वाले समुदायों के लिए सीपियां इकट्ठा करना एक पुरानी और पारंपरिक आजीविका का हिस्सा है और बताया जा रहा है कि नदी में उतरते समय इन लोगों ने पानी की गहराई और बहाव की गति का सही अंदाजा नहीं लगाया। जैसे ही वे नदी के गहरे हिस्से में पहुंचे, अचानक पानी की तेज धारा ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
बचाव के प्रयास में डूबे अन्य सदस्य
हादसे की शुरुआत तब हुई जब एक या दो लोग पानी के तेज बहाव में बहने लगे और उन्हें डूबता देख परिवार के अन्य सदस्य और साथ आए लोग उन्हें बचाने के लिए गहरे पानी में कूद पड़े। दुर्भाग्य से, हाल ही में हुई बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ था और बहाव बहुत तेज था। बचाने की कोशिश में कूदे लोग भी खुद को संभाल नहीं पाए और एक-एक करके 8 लोग नदी की लहरों में समा गए। वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने शोर सुनकर तुरंत पानी में छलांग लगाई और कुछ लोगों को बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
राहत और बचाव कार्य की वर्तमान स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम, बचाव कर्मी और स्थानीय गोताखोर मौके पर पहुंच गए। अब तक नदी से 8 शव बरामद किए जा चुके हैं, जिनमें 7 महिलाएं और एक अन्य व्यक्ति शामिल है। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान शिराली निवासी के रूप में हुई है। अभी भी 2 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश के लिए व्यापक खोज अभियान चलाया जा रहा है। बचाव दल नदी के निचले इलाकों में सर्च ऑपरेशन चला रहा है ताकि लापता लोगों का पता लगाया जा सके।
क्षेत्र में शोक की लहर और प्रशासनिक चेतावनी
एक ही परिवार के इतने सदस्यों की मौत से शिराली गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। अधिकारियों का कहना है कि बारिश के मौसम में नदियों का व्यवहार अनिश्चित हो जाता है, जिससे इस तरह के हादसे होने की संभावना बढ़ जाती है। पुलिस और प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे नदी के गहरे हिस्सों में जाने से बचें, खासकर तब जब पानी का बहाव तेज हो। फिलहाल, प्रशासन का पूरा ध्यान लापता 2 लोगों को ढूंढने और पीड़ित परिवार को सहायता प्रदान करने पर केंद्रित है।
