डीके शिवकुमार ने ली कर्नाटक के 25वें मुख्यमंत्री पद की शपथ, जी परमेश्वर बने डिप्टी सीएम

डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की है। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस समारोह में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे सहित कई दिग्गज नेता शामिल हुए, जबकि जी. परमेश्वर ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में आधिकारिक तौर पर शपथ ग्रहण कर ली है। बेंगलुरु के लोक भवन में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने नए मुख्यमंत्री को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। यह महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद हुआ है। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया सहित राजनीति जगत के कई बड़े चेहरे वहां मौजूद रहे।

शपथ ग्रहण और औपचारिक विवरण

शपथ ग्रहण के दौरान डीके शिवकुमार ने अपने दादा गंगाधर के नाम पर शपथ ली। वहीं, राज्य के नए उपमुख्यमंत्री के रूप में जी. परमेश्वर ने पदभार संभाला और उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. आर. अंबेडकर के नाम पर अपनी शपथ पूरी की। मंच पर औपचारिकताओं से पहले शिवकुमार ने वहां मौजूद सभी वरिष्ठ नेताओं का व्यक्तिगत रूप से अभिवादन किया। उन्होंने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे जैसे नेताओं का शॉल ओढ़ाकर और फूलों के गुलदस्ते भेंट कर आत्मीय स्वागत किया, जो उनके प्रति सम्मान को दर्शाता था।

ज्योतिषीय सलाह और कार्यक्रम प्रबंधन

इस बार के शपथ ग्रहण समारोह में एक विशेष बदलाव देखने को मिला। आमतौर पर लोक भवन में होने वाले कार्यक्रमों का मंच पश्चिम दिशा की ओर रखा जाता था, लेकिन इस बार ज्योतिषियों की विशेष सलाह पर मंच को पूर्व दिशा की ओर तैयार किया गया था। इस पूरे भव्य कार्यक्रम के आयोजन और प्रबंधन की कमान शिवकुमार के भाई डीके सुरेश ने संभाली थी, जिन्होंने सुनिश्चित किया कि कार्यक्रम बिना किसी बाधा के संपन्न हो।

जनता का हुजूम और व्यक्तिगत अनुष्ठान

जैसे ही मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुई, डीके शिवकुमार के प्रशंसकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हुजूम लोक भवन की ओर उमड़ पड़ा। भारी भीड़ के कारण विधानसभा के आसपास के इलाकों में यातायात पूरी तरह से ठप हो गया और लंबा जाम लग गया। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले शिवकुमार ने बेंगलुरु के सदाशिवनगर स्थित अपने निवास पर अपनी माता गौराम्मा के चरण स्पर्श किए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। शपथ ग्रहण समारोह से पहले उनके आवास पर धार्मिक अनुष्ठानों का भी आयोजन किया गया। शिवकुमार के घर पर विशेष पूजा-अर्चना की गई, जिसमें 5 से अधिक पुजारियों ने हिस्सा लिया। ये पुजारी अपने साथ पूजा की सभी आवश्यक सामग्री लेकर पहुंचे थे और उन्होंने नए मुख्यमंत्री के सफल कार्यकाल के लिए विशेष प्रार्थनाएं कीं।

मंत्रिमंडल में जातीय समीकरण का समन्वय

डीके शिवकुमार के नए मंत्रिमंडल के गठन में सामाजिक और जातीय समीकरणों का विशेष ध्यान रखा गया है और प्रशासन में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए वोक्कालिगा, लिंगायत और दलित समुदायों को 3-3 मंत्री पद दिए गए हैं। कुरुबा समुदाय के हिस्से में 2 मंत्री पद आए हैं। इसके अतिरिक्त, अनुसूचित जनजाति, मुस्लिम और ईसाई समुदायों को 1-1 मंत्री पद आवंटित कर एक समावेशी कैबिनेट तैयार करने का प्रयास किया गया है ताकि समाज के हर वर्ग का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके।

समारोह में शामिल गणमान्य अतिथि

इस समारोह में देश के विभिन्न हिस्सों से आए गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। उपस्थित नेताओं में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सांसद राहुल गांधी, महासचिव केसी वेणुगोपाल, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और कर्नाटक कांग्रेस प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला प्रमुख थे। इनके अलावा केरल के नेता सतीशान, हरिप्रसाद, पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद अजहरुद्दीन, राजीव शुक्ला और कई फिल्मी हस्तियां भी वहां मौजूद रहीं और कार्यक्रम में डीके शिवकुमार के परिवार के सदस्य भी शामिल हुए। एक विशेष बात यह रही कि बीजेपी से निष्कासित विधायक शिवराम हेब्बर और एसटी सोमशेखर भी इस शपथ ग्रहण समारोह में नजर आए।