जंतर मंतर पर उपद्रव: प्रदर्शनकारियों के हमले में एसीपी विवेक भगत घायल, पटना में भी भारी बवाल

दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारियों की आड़ में उपद्रवियों ने पुलिस पर पत्थरों और बोतलों से हमला किया, जिसमें एसीपी विवेक भगत घायल हो गए। वहीं पटना में 5000 से अधिक छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस को लाठीचार्ज और वाटर कैनन का सहारा लेना पड़ा।

देश की राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर इलाके में एक बार फिर भारी हंगामा और बवाल देखने को मिला है। प्रदर्शनकारियों की आड़ में छिपे कुछ उपद्रवियों ने अचानक पुलिसकर्मियों पर हमला बोल दिया। यह घटना टॉलस्टॉय मार्ग पर हुई, जहां भीड़ ने पुलिस पर जमकर पत्थर और बोतलें बरसाईं और इस अचानक हुए हमले में कनॉट प्लेस के एसीपी विवेक भगत गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी खुद उन्हें तुरंत राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल लेकर गए, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। यह हमला रात के लगभग 8 बजकर 30 मिनट पर हुआ, जिसने इलाके में तनावपूर्ण स्थिति पैदा कर दी है।

टॉलस्टॉय मार्ग पर पुलिस पर हमला

दिल्ली के कनॉट प्लेस के पास स्थित टॉलस्टॉय मार्ग पर रात 8 बजकर 30 मिनट के आसपास माहौल अचानक बिगड़ गया। प्रदर्शनकारियों के बीच मौजूद कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस बल को निशाना बनाना शुरू कर दिया। भीड़ की ओर से किए गए पथराव और बोतलों के प्रहार ने पुलिस को बचाव की मुद्रा में ला दिया। इसी दौरान एसीपी विवेक भगत चोटिल हो गए। पुलिस के अनुसार, यह हमला सुनियोजित तरीके से किया गया था जिसमें प्रदर्शन की आड़ लेकर पुलिसकर्मियों को चोट पहुंचाने की कोशिश की गई। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में घायल एसीपी को अस्पताल पहुंचाया गया और इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है।

आरएएफ जवान के साथ बर्बरता

जंतर मंतर के आसपास के इलाके में हिंसा का यह सिलसिला पिछले दो दिनों से जारी है। इससे पहले वाली रात को भी इसी तरह की खौफनाक तस्वीरें सामने आई थीं। कनॉट प्लेस के पास प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवानों के साथ मारपीट की थी। भीड़ ने एक आरएएफ जवान को जमीन पर गिरा दिया और उसे लात-घूंसों से बुरी तरह पीटा। इस दौरान जवान को गंदी-गंदी गालियां भी दी गईं। वह जवान पूरी तरह से भीड़ से घिर चुका था और उपद्रवी उस पर टूट पड़े थे। बड़ी मशक्कत के बाद उस जवान की जान बचाई जा सकी। सुरक्षा बलों पर इस तरह के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जो कानून व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन गए हैं।

पटना में छात्रों का उग्र प्रदर्शन

दिल्ली से शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन अब देश के अन्य हिस्सों में भी फैल गया है। बिहार की राजधानी पटना में आज वामपंथी छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) ने एक विशाल प्रदर्शन का आयोजन किया। इस प्रदर्शन में 5000 से भी ज्यादा छात्र शामिल हुए। छात्रों ने गांधी भवन से राजभवन की ओर मार्च करने का ऐलान किया था। जैसे ही यह मार्च आगे बढ़ा, प्रदर्शनकारी और पुलिस आमने-सामने आ गए। इस दौरान पटना की सड़कों पर जमकर हंगामा हुआ और प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ तीखी झड़प हुई।

पुलिस की कार्रवाई और लाठीचार्ज

पटना में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कड़े कदम उठाने पड़े। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और फिर आंसू गैस के गोले छोड़े। जब स्थिति और अधिक बिगड़ने लगी, तो पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया। 5000 से अधिक छात्रों की भीड़ और पुलिस के बीच हुई इस भिड़ंत ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया। दिल्ली और पटना दोनों ही जगहों पर प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है, जिससे आम जनजीवन और सुरक्षा व्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है।