वेनेजुएला में बुधवार की रात प्रकृति का कहर बनकर टूटी, जब एक के बाद एक आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। 5 तीव्रता के इन भूकंपों ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इस भीषण प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 235 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, स्थिति और भी गंभीर हो सकती है क्योंकि 39,000 लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। मलबे के नीचे दबे लोगों को निकालने का काम युद्ध स्तर पर जारी है, लेकिन लापता लोगों की इतनी बड़ी संख्या ने प्रशासन और परिजनों की चिंता बढ़ा दी है। इस आपदा में सैकड़ों लोग घायल हुए हैं जिनका विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है।
राहत कार्यों में आ रही बाधाएं और तबाही का मंजर
राजधानी काराकस में भूकंप का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला है। देश का मुख्य एयरपोर्ट इस आपदा में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसके कारण विदेशों से आने वाली मदद और राहत सामग्री पहुंचाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मलबे के नीचे से अभी भी लोगों की चीखें और आवाजें सुनाई दे रही हैं, जिससे बचाव दल तेजी से काम करने की कोशिश कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह भूकंप वेनेजुएला में पिछले 100 साल यानी एक सदी से भी ज्यादा समय में आए सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक है। जैसे-जैसे बचाव कार्य आगे बढ़ रहा है, मलबे से शवों के निकलने का सिलसिला जारी है और आशंका जताई जा रही है कि मौत का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है।
अमेरिका में रहने वाले वेनेजुएला के लोगों की पहल
इस संकट की घड़ी में अमेरिका में रहने वाले वेनेजुएला के नागरिक अपने देशवासियों की मदद के लिए आगे आए हैं। गुरुवार को वहां बड़े पैमाने पर डोनेशन ड्राइव यानी दान अभियान शुरू करने की तैयारी की गई। साल 1995 में वेनेजुएला से अमेरिका जाकर बसे सेल्स मैनेजर टोरेस ने बताया कि डोराल वाले ग्रुप में हर कोई मदद के लिए हाथ बढ़ा रहा है। लोग अपनी क्षमता के अनुसार पैसे, दवाइयां, पीने का साफ पानी और अन्य जरूरी सामान इकट्ठा कर रहे हैं। टोरेस के अनुसार, उनकी कोशिश है कि राहत सामग्री की पहली खेप जल्द से जल्द वेनेजुएला भेजी जा सके ताकि प्रभावित लोगों को तुरंत राहत मिल सके।
लापता लोगों की तलाश और चिकित्सा सामग्री की कमी
भूकंप के बाद सामने आई तस्वीरें दिल दहला देने वाली हैं। धूल और खून से लथपथ बच्चों, बुजुर्गों और पालतू जानवरों को कंक्रीट के मलबे से बाहर निकालते हुए देखा जा सकता है। 39,000 लोगों के लापता होने की खबर ने अमेरिका में रह रहे उनके रिश्तेदारों को गहरे सदमे में डाल दिया है, जो अपने परिजनों की सलामती की खबर पाने के लिए व्याकुल हैं। घायलों के इलाज के लिए चिकित्सा उपकरणों और दवाओं की भारी कमी महसूस की जा रही है। वर्तमान में गॉज़, बैंडेज, एंटीसेप्टिक, डिस्पोज़ेबल ग्लव्स, फ़ेस मास्क, सिरिंज, थर्मामीटर और ब्लड प्रेशर मॉनिटर जैसे मेडिकल सामान की बहुत ज्यादा मांग है।
बचे हुए लोगों की आपबीती और नुकसान का आकलन
मैरीटाइम इंडस्ट्री कंसल्टेंट एरेनास ने अपना दुख साझा करते हुए बताया कि इस भूकंप ने उनसे उनका सब कुछ छीन लिया है और भूकंप की विभीषिका झेलने वाले अन्य लोगों ने बताया कि जब धरती कांपने लगी, तो इमारतों से बाहर भागते समय मची भगदड़ में कई लोग चोटिल हो गए। कई रिहायशी इलाके पूरी तरह जमींदोज हो गए हैं और बड़ी-बड़ी इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गई हैं। लोग अपनों की तलाश में मलबे के ढेर के पास दिन-रात खड़े हैं। तबाही का मंजर इतना खौफनाक है कि हर तरफ सिर्फ बर्बादी और बिछड़े हुए लोगों का शोर सुनाई दे रहा है। प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाएं लगातार मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयास में जुटी हुई हैं।
