रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर आधिकारिक बयान जारी किया है। पुतिन ने इस घटना को एक 'घृणित हत्या' करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। रूसी राष्ट्रपति के अनुसार, यह कार्रवाई मानवीय नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून के सभी स्थापित मानकों का पूर्ण उल्लंघन करती है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान और इजराइल के बीच तनाव चरम पर है और क्षेत्र में सैन्य संघर्ष की स्थिति बनी हुई है।
पुतिन ने हत्या को बताया अंतरराष्ट्रीय मानकों का उल्लंघन
रूसी राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने अपने आधिकारिक संबोधन में कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता की हत्या अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और कानून के लिए एक गंभीर झटका है और पुतिन ने जोर देकर कहा कि किसी भी संप्रभु राष्ट्र के शीर्ष नेता को इस तरह निशाना बनाना वैश्विक व्यवस्था के सिद्धांतों के विरुद्ध है। रूसी अधिकारियों के अनुसार, पुतिन ने इसे एक ऐसी कार्रवाई बताया है जो न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालती है, बल्कि मानवीय मूल्यों का भी अपमान करती है। क्रेमलिन द्वारा जारी संदेश में इस घटना को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक चिंताजनक संकेत बताया गया है।
हमले में खामेनेई के परिवार के कई सदस्यों की मौत
ईरान के सरकारी मीडिया और आधिकारिक सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, इजराइल-अमेरिकी हमलों में केवल आयतुल्लाह अली खामेनेई ही नहीं, बल्कि उनके परिवार के कई सदस्य भी मारे गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले में खामेनेई की बेटी, पोती, बहू और दामाद की भी जान चली गई है और यह हमला ईरान के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाकर किया गया था, जिसमें सर्वोच्च नेता का निवास स्थान भी शामिल था। ईरानी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि परिवार के सदस्यों को बचने का अवसर नहीं मिला।
डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई की मौत पर दी प्रतिक्रिया
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए इसे न्याय की जीत बताया है। ट्रंप ने कहा कि खामेनेई इतिहास के सबसे क्रूर लोगों में से एक थे और उनकी मौत ईरान के लोगों के साथ-साथ उन सभी देशों के लिए न्याय है जिन्होंने उनके शासन के दौरान पीड़ा झेली है और ट्रंप के अनुसार, खामेनेई और उनके सहयोगियों ने वर्षों तक आतंक का माहौल बनाए रखा था। अमेरिकी प्रशासन ने इस घटना को वैश्विक सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण मोड़ माना है और इसे आतंकवाद के विरुद्ध एक बड़ी कार्रवाई के रूप में प्रस्तुत किया है।
बेंजामिन नेतन्याहू का ईरानी नागरिकों के नाम संदेश
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस घटना के बाद ईरान की जनता को सीधे संबोधित किया। नेतन्याहू ने कहा कि आने वाले दिनों में इजरायली सेना आतंकवादी शासन के हजारों ठिकानों पर हमले जारी रखेगी। उन्होंने ईरानी नागरिकों से अपील की कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और अत्याचार की जंजीरों से खुद को मुक्त करें। नेतन्याहू ने कहा कि यह पीढ़ी में एक बार आने वाला अवसर है और ईरानी लोगों को सड़कों पर उतरकर इस शासन को उखाड़ फेंकना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायल का लक्ष्य ईरान की जनता नहीं, बल्कि वहां का शासन है।
अलीरेजा अराफी को नियुक्त किया गया नया सर्वोच्च नेता
आयतुल्लाह अली खामेनेई की मृत्यु के बाद ईरान ने तेजी से नए नेतृत्व की घोषणा की है। अलीरेजा अराफी को देश का नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया है। 1959 में याज्द प्रांत के मेयबोद शहर में जन्मे अराफी एक प्रमुख शिया धर्मगुरु हैं। वे वर्तमान में गार्जियन काउंसिल और असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के सदस्य होने के साथ-साथ बसिज के प्रमुख भी हैं। अराफी के पास व्यापक प्रशासनिक और धार्मिक अनुभव है, जिसमें अल-मुस्तफा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के चेयरमैन और कोम के इमाम के रूप में उनकी भूमिकाएं शामिल हैं। वे अब राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन और न्यायपालिका प्रमुख गुलाम-हुसैन मोहसेनी-एजेई के साथ मिलकर देश का संचालन करेंगे।
