भारतीय क्रिकेट टीम के प्रबंधन के भीतर एक दिलचस्प स्थिति पैदा हो गई है जहां एक खिलाड़ी के चयन को लेकर दिग्गजों के बीच असहमति देखने को मिली है और आने वाले दिनों में भारतीय क्रिकेट टीम एक ही समय पर दो अलग अलग हिस्सों में बंटकर खेलती हुई नजर आएगी। यह मुकाबला भी दो अलग अलग फॉर्मेट में आयोजित होने वाला है। एक तरफ भारतीय टी20 टीम जापान के आइची नागोया में आयोजित होने वाले एशियन गेम्स 2026 में अपनी चुनौती पेश करेगी तो वहीं दूसरी टीम भारत में ही वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में हिस्सा लेगी। इस दोहरे कार्यक्रम के कारण कुछ खिलाड़ियों को केवल एक ही टीम में जगह मिल सकती थी और इसी चयन प्रक्रिया के दौरान वॉशिंगटन सुंदर के नाम पर वीवीएस लक्ष्मण और गौतम गंभीर शुभमन गिल की जोड़ी के बीच मतभेद सामने आए हैं।
शेड्यूलिंग का टकराव और चयन की चुनौती
एशियन गेम्स और भारत वेस्टइंडीज वनडे सीरीज के समय में बहुत कम अंतर है जिसके कारण खिलाड़ियों का बंटवारा अनिवार्य हो गया था। एशियन गेम्स में भारतीय टीम के मुकाबले 28 सितंबर से शुरू होने वाले हैं जबकि उससे ठीक एक दिन पहले यानी 27 सितंबर से भारत और वेस्टइंडीज की वनडे सीरीज का आगाज हो जाएगा। इन दोनों ही महत्वपूर्ण आयोजनों के लिए टीमों का चयन कुछ समय पहले ही पूरा किया जा चुका है। टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर, तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर जैसे खिलाड़ी टीम इंडिया के लिए नियमित रूप से दोनों फॉर्मेट में खेलते रहे हैं। बीसीसीआई एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने को लेकर काफी गंभीर है इसलिए अय्यर और बुमराह जैसे मुख्य खिलाड़ियों को टी20 स्क्वॉड में शामिल करना जरूरी समझा गया। हालांकि सुंदर के मामले में स्थिति थोड़ी अलग रही।
वॉशिंगटन सुंदर को लेकर क्यों हुई खींचतान
एक रिपोर्ट के अनुसार जब वेस्टइंडीज सीरीज के लिए टीम का चयन किया जा रहा था तब हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल ने वॉशिंगटन सुंदर को अपनी टीम में शामिल करने की पुरजोर मांग की थी। गंभीर और गिल का तर्क था कि वेस्टइंडीज की टीम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की संख्या काफी अधिक है और ऐसी स्थिति में सुंदर की ऑफ स्पिन गेंदबाजी टीम के लिए बेहद कारगर साबित हो सकती थी और वे चाहते थे कि सुंदर वनडे सीरीज का हिस्सा बनें ताकि विपक्षी टीम के बाएं हाथ के बल्लेबाजों पर लगाम कसी जा सके। लेकिन एशियन गेम्स में टीम के कोच की भूमिका निभा रहे वीवीएस लक्ष्मण ने सुंदर को रिलीज करने से साफ इनकार कर दिया। लक्ष्मण ने अपनी दलील में कहा कि एशियन गेम्स में नेपाल जैसी टीमों के खिलाफ भी बाएं हाथ के बल्लेबाजों की मौजूदगी एक चुनौती होगी और वहां सुंदर की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
नीतिश कुमार रेड्डी का टीम में बदलाव
वीवीएस लक्ष्मण की जिद के आगे अंततः गंभीर और गिल की मांग को ठुकरा दिया गया और वॉशिंगटन सुंदर को एशियन गेम्स की टीम में ही बरकरार रखा गया और इस खींचतान के समाधान के रूप में एक बदलाव किया गया जिसके तहत नीतिश कुमार रेड्डी को एशियन गेम्स की टीम से रिलीज कर दिया गया और उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे स्क्वॉड में शामिल किया गया। अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या एशियन गेम्स में भारत और नेपाल की भिड़ंत होती है और अगर ऐसा होता है तो वॉशिंगटन सुंदर की गेंदबाजी वहां कितनी प्रभावी साबित होती है। दूसरी ओर शुभमन गिल की कप्तानी वाली वनडे टीम को सुंदर की अनुपस्थिति में वेस्टइंडीज के बाएं हाथ के बल्लेबाजों का सामना करने के लिए नई रणनीति तैयार करनी होगी।
