पश्चिम बंगाल में बड़ा संवैधानिक उलटफेर: राज्यपाल ने भंग की विधानसभा, ममता बनर्जी की विदाई

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने संविधान के अनुच्छेद 174 के तहत विधानसभा भंग कर दी है। चुनाव में भाजपा को 207 सीटों के साथ बहुमत मिलने के बावजूद ममता बनर्जी द्वारा इस्तीफा देने से इनकार करने के बाद यह कदम उठाया गया। अब 9 मई को नई सरकार का शपथ ग्रहण होगा।

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने गुरुवार को एक बड़ा संवैधानिक कदम उठाते हुए बंगाल विधानसभा को भंग कर दिया है। यह निर्णय हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के परिणामों के बाद लिया गया है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को स्पष्ट बहुमत प्राप्त हुआ है। बहुमत मिलने के बावजूद, निवर्तमान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव में 'वोट चोरी' का गंभीर आरोप लगाते हुए अपने पद से इस्तीफा देने से स्पष्ट इनकार कर दिया था। इसी गतिरोध के बीच, वर्ष 2026 की चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्यपाल आरएन रवि ने विधानसभा भंग करने का आदेश जारी किया है।

संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग और गजट नोटिफिकेशन

राज्यपाल ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 174 के क्लॉज (2) के सब-क्लॉज (b) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा को भंग करने का निर्देश दिया। /1L-03/2026) के माध्यम से सार्वजनिक किया गया। राज्य सरकार के संसदीय कार्य विभाग (Parliamentary Affairs Department) द्वारा जारी इस निर्देश के मुताबिक, मौजूदा विधानसभा 7 मई, 2026 से औपचारिक रूप से भंग मानी जाएगी।

प्रशासनिक आदेश और 18वीं विधानसभा का मार्ग प्रशस्त

गवर्नर आरएन रवि द्वारा हस्ताक्षरित इस आदेश को राज्य के मुख्य सचिव दुष्यंता नरियाला (IAS) ने जनहित में जारी किया है। संवैधानिक परंपराओं के अनुसार, नई सरकार के कार्यभार संभालने से पहले पुरानी विधानसभा को भंग करना एक अनिवार्य प्रक्रिया है। इस आदेश के साथ ही राज्य की 17वीं विधानसभा का कार्यकाल समाप्त हो गया है और नए निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ 18वीं विधान सभा के गठन का मार्ग प्रशस्त हो गया है। आगामी कुछ दिनों में नई कैबिनेट के शपथ ग्रहण और नई विधानसभा के प्रथम सत्र के आयोजन की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।

ममता बनर्जी का इस्तीफा देने से इनकार और चुनावी आंकड़े

उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने राज्य की कुल 293 सीटों में से 207 पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। इस परिणाम के साथ ही बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है। ममता बनर्जी की पार्टी को इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा, जिससे उनका 15 वर्षों का शासन समाप्त हो गया है। हालांकि, चुनाव परिणामों के बाद ममता बनर्जी ने लगभग 100 सीटों पर वोट चोरी का आरोप लगाया और दावा किया कि उन्हें जबरन हराया गया है। उनके इस्तीफे से इनकार के बाद राज्यपाल ने विधानसभा भंग करने का निर्णय लिया, जिससे मुख्यमंत्री के रूप में उनका कार्यकाल स्वतः समाप्त हो गया।

भाजपा की नई सरकार के गठन की तैयारी

दूसरी तरफ, भाजपा ने राज्य में नई सरकार के गठन की कवायद तेज कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुरुवार की रात को कोलकाता पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को भाजपा के नवनिर्वाचित विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें विधायक दल के नेता का चयन होगा। इसके पश्चात, 9 मई को कोलकाता के ब्रिगेड मैदान में नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा।