केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के विकास और राजनीतिक परिदृश्य पर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि तीन दशकों के वामपंथी शासन और 15 वर्षों के तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के शासन के बाद, अब शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा सरकार के तहत "सोनार बांग्ला" आंदोलन फिर से जीवित हो गया है। शाह ने जोर देकर कहा कि पश्चिम बंगाल एक समय शिक्षा के क्षेत्र में पूरे देश से 5 दशक आगे रहता था और इस भूमि ने आजादी के आंदोलन में कई महान सेनानी दिए हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल ने हर क्षेत्र में देश का मार्गदर्शन किया है, लेकिन लंबे समय तक यह राज्य बाहरी देशों के कम्युनिस्टों वाली विचारधारा वाली सरकारों के चंगुल में फंसा रहा। गृह मंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक अपील पर 10 वर्षों के कड़े संघर्ष के बाद अब यहां शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार है, जो बंगाल के गौरव को वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
दुनिया के सबसे बड़े दही उत्पादन संयंत्र की आधारशिला
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, अमित शाह ने रविवार को पश्चिम बंगाल में अमूल बंगाल डेयरी परियोजना के अंतर्गत दुनिया के सबसे बड़े दही उत्पादन संयंत्र की आधारशिला रखी। उन्होंने न्यू टाउन स्थित विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर से डिजिटल माध्यम के जरिए हावड़ा में बनने वाले इस विशाल संयंत्र का शिलान्यास किया और इस महत्वपूर्ण अवसर पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और अमूल ब्रांड के तहत डेयरी उत्पादों का विपणन करने वाली गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (जीसीएमएमएफ) के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। शाह ने अपने संबोधन में कहा कि पश्चिम बंगाल में जिस तरह का बदलाव अब देखने को मिल रहा है, वैसा बदलाव आजादी के बाद किसी भी अन्य राज्य में नहीं हुआ है। उन्होंने पिछली सरकारों की आलोचना करते हुए कहा कि पहले राज्य पर तीन दशकों तक लेफ्ट की विदेशी सोच हावी थी और उसके बाद 15 साल तक भ्रष्ट एवं वैचारिक रूप से दिवालिया टीएमसी का शासन रहा।
सुरक्षा और शासन व्यवस्था पर महत्वपूर्ण चर्चा
पश्चिम बंगाल के अपने तीन दिवसीय दौरे का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार ने शासन के अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन बातचीत की है। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले दो दिनों के दौरान घुसपैठ को पूरी तरह रोकने, कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने और महिलाओं की सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं और उन पर विस्तार से चर्चा की गई है। केंद्रीय गृह मंत्री ने विश्वास जताया कि प्रस्तावित अमूल बंगाल डेयरी प्रोजेक्ट राज्य के डेयरी क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से दूध उत्पादकों की आय में काफी सुधार होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
700 करोड़ रुपये का निवेश और किसानों को लाभ
हावड़ा फूड पार्क में बनने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना में लगभग 700 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इस संयंत्र की क्षमता प्रतिदिन लगभग 30 लाख लीटर दूध प्रसंस्करण की होगी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस संयंत्र में हर दिन करीब 1000 टन दही और अन्य मूल्यवर्धित डेयरी उत्पादों का उत्पादन किया जा सकेगा। इसके पूरी तरह तैयार होने के बाद, यह दुनिया की सबसे बड़ी दही उत्पादन इकाई के रूप में उभरेगी और इस परियोजना से पश्चिम बंगाल के 1 लाख 25 हजार से अधिक डेयरी किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है, जिनमें 30000 से अधिक महिलाएं शामिल हैं। इससे किसानों को उनके दूध के लिए एक स्थिर और भरोसेमंद बाजार उपलब्ध होगा और राज्य में डेयरी सहकारी नेटवर्क को अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी।
