Indian Economy / क्या भारत बन पाएगा दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी? यहां समझें पूरा कैलकुलेशन

Vikrant Shekhawat : Feb 19, 2024, 08:09 AM
Indian Economy: इस समय जब दुनिया के अधिकतर देश मंदी के संकट से जूझ रहे हैं. इस बीच भारत तेजी से विकास कर रहा है. फिर भी भारत के विकसित राष्ट्र बनने का सपना पूरा करना देश के लिए एक सबसे बड़ी चुनौती है. भारत को लगभग तीन दशकों तक 9-10 प्रतिशत की वार्षिक दर से बढ़ने और लगातार विकास करने की जरूरत है, तब जाकर विकसित भारत का सपना पूरा होगा. भारत के जी-20 शेरपा और नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत ने रविवार को कहा कि ऐसा करके हम 2047 तक 35,000 अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएंगे.

अभी ये है भारत की रैंकिंग

कांत ने टेक एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन मुंबई (टीईएएम) के कार्यक्रम ‘मुंबई टेक वीक’ (एमटीडब्ल्यू) के एक सत्र में कहा कि हम दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं और 2027 तक हम जापान और जर्मनी को पीछे छोड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएंगे. हमारा लक्ष्य है कि 2047 में जब आजादी के सौ साल पूरे होंगे, तब तक भारत 35,000 अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाए.

2047 तक भारत का सपना होगा पूरा

कांत ने कहा कि इसका मतलब है 2047 तक भारत दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा. उन्होंने कहा कि 35,000 अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का मतलब है कि हमें करीब तीन दशकों तक 9-10 फीसदी की सालाना वृद्धि की जरूरत है और इसका मतलब है कि हमें लगातार इनोवेशन करने की जरूरत है. भारत ने 1.4 अरब लोगों की डिजिटल पहचान बनाई और तकनीकी रूप से देश बहुत आगे बढ़ गया है.

अभी क्या है भारत की हालत?

भारत के 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने का अनुमान है. मोदी सरकार की नीतियों के चलते देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) बढ़ा है. बीते 9 साल में ये 615.73 अरब डॉलर रहा है. भारत का विदेशी मुद्रा भंडार भी तेजी से बढ़ा है. आज ये 620.44 अरब डॉलर के लेवल पर पहुंच चुका है. यानी कुल मिलाकर देखें तो वह दिन भी नजदीक है, जब भारत ग्लोबल इंजन का हब बनेगा.

रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने भी ये बात दावोस के एक वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की सालाना बैठक में कहा था कि भारत पर अंतरराष्ट्रीय भरोसा अब तक के उच्चतम स्तर पर है. चालू वित्त वर्ष के लिए RBI का विकास अनुमान 7% था. NSO (राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय) ने 7.3% कहा है. इसलिए, जब हमने चालू वर्ष के लिए 7% कहा, तो बाहर बहुत सारी राय थी कि RBI जरूरत से ज्यादा अनुमान लगा रहा है. लेकिन वास्तव में, NSO ने चालू वर्ष के लिए 7.3% और वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कहा है.

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