इंडिया / Exit Poll के नतीजों से आदित्य ठाकरे का मुख्यमंत्री बनने का सपना चकनाचूर

AajTak : Oct 24, 2019, 11:23 AM

Maharashtra assembly elections | महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की शुरुआत के साथ ही शिवसेना अपने युवा नेता और उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री के तौर पर पेश करने की कोशिश करती हुई नजर आई. भले ही शिवसेना ने खुलकर कुछ नहीं बोला, लेकिन अंदरखाने ये बात चलती रही कि अगर पार्टी मजबूत स्थिति में होती है तो वह आदित्य ठाकरे को मुख्यमंत्री बनाने का दावा पेश करेगी, लेकिन India Today-Axis My India के एग्जिट पोल के सर्वे अगर नतीजों में तब्दील होते हैं तो शिवसेना के सीएम पद के अरमानों पर पानी फिर सकता है.

इसकी बड़ी वजह आदित्य ठाकरे की सक्रियता रही है. वह शिवसेना की युवा इकाई के प्रमुख हैं. हाल ही में उन्होंने महाराष्ट्र में पांच हजार किलोमीटर से अधिक की यात्रा कर लोगों से सीधे संपर्क साधा. इससे न सिर्फ आदित्‍य ठाकरे की सियासी समझ बढ़ी बल्कि विभिन्‍न वजहों से चर्चा में भी रहे.

यही वजह है कि शिवसेना के सांसद संजय राउत ने एक रैली में कह भी दिया कि उनकी पार्टी उपमुख्यमंत्री का पद नहीं चाहेगी. इशारा साफ था कि शिवसेना सीटों के मामले में मजबूत बनकर उभरती है तो वह मुख्यमंत्री के पद पर समझौता नहीं करेगी.

सोमवार को आए महाराष्ट्र के India Today-Axis My India के एग्जिट पोल के अनुमानों से शिवसेना की ये उम्मीदें टूटती हुई नजर आ रही हैं. एग्जिट पोल के अनुसार महाराष्ट्र में बीजेपी और शिवसेना गठबंधन सरकार की वापसी के आसार नजर आ रहे हैं. बीजेपी-शिवसेना को 166-194 सीटें मिलने का अनुमान है. उसमें शिवसेना को 50-70 सीट मिलने की संभावना है, जबकि 109-124 सीटों के साथ बीजेपी महाराष्ट्र में बड़ी पार्टी बनकर उभर रही है. बीजेपी के बड़ी पार्टी बनकर उभरने के बाद शिवसेना इस स्थिति में नहीं रहेगी कि वह मुख्यमंत्री पद को लेकर दावा कर सके.

आम नेता की भूमिका के लिए आदित्य तैयार- शिवसेना

आदित्य ठाकरे के सवाल पर शिवसेना की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी गोल-मोल जवाब देती हुई नजर आईं. उन्होंने 'आजतक' से कहा कि नतीजों से तस्वीर और साफ हो जाएगी. विपक्ष ने जैसे दुष्प्रचार किया उसके बावजूद हम फिर से सरकार बना रहे हैं और जनता ने हमारे गठबंधन को स्वीकार किया है. 2014 में भले ही अलग चुनाव लड़े हों, लेकिन जनता चाहती थी कि बीजेपी-शिवसेना साथ आए.

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि आदित्य ठाकरे आम नेता की जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार हैं और उनकी पहली जिम्मेदारी अपने क्षेत्र की जनता को लेकर होगी. आने वाले समय में जनता जो भी जिम्मेदारी देगी वह उसे निभाने के लिए तैयार हैं.

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि छोटे भाई और बड़े भाई की बात करना बेकार है, क्योंकि हमने बीजेपी का साथ दिया है. राम मंदिर और 370 जैसे मुद्दों पर हम एक मंच पर खड़े हैं. हमारा मकसद महाराष्ट्र का विकास है, जिसके लिए हम प्रतिबद्ध हैं. राजनीतिक दलों के विचार अलग-अलग हो सकते हैं. विपक्ष देश और राज्य के मुद्दों को उठाने में पूरी तरह से विफल रहा है.

शिवसेना तय करे आदित्य ठाकरे की भूमिका- सुधांशु त्रिवेदी

वहीं, बीजेपी के नेता सुधांशु त्रिवेदी का कहना है कि शिवसेना को तय करना है कि आदित्य ठाकरे को क्या जिम्मेदारी देनी है. उनके खाते में जो भी मंत्री आएंगे उन्हें क्या पद देना है. यह शिवसेना ही तय करेगी.

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि अगर बीजेपी और शिवसेना में पहले थोड़ा मनमुटाव भी रहा हो, लेकिन हमारा परिवार एक ही माना जाता है. हम अगर चाहे भी तो अलग नहीं हो सकते क्योंकि जनता हमें साथ ही देखना चाहती है. बता दें कि महाराष्ट्र में 164 सीटों पर बीजेपी और शिवसेना 124 सीटों पर चुनाव लड़ीं है. हालांकि, बीजेपी ने अपने छोटे सहयोगी दलों को अपने निशान पर चुनावी मैदान में उतारा था.