Diwali 2022 / दिवाली के बाद मंदिर को लेकर भक्तों को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने दी बड़ी खुशखबरी

Zoom News : Oct 25, 2022, 05:28 PM
Diwali 2022: दिवाली के बाद श्री राम तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर को लेकर भक्तों को खुशखबरी दी है. अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण करा रहे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने कहा है कि मंदिर निर्माण का 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और कार्य प्रगति संतोषजनक है. ट्रस्ट ने दीपावली के एक दिन बाद मंगलवार को मीडिया को उस जगह जाने की इजाजत दी जहां से मंदिर निर्माण की प्रगति का जायजा लिया जा सकता है. ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय ने बताया, ”मुख्य मंदिर का 40 प्रतिशत और कुल मिलाकर परिसर में 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है. हम निर्माण कार्य की प्रगति और गुणवत्ता से संतुष्ट हैं.”

भ्रमण के दौरान संवाददाताओं को उस स्थान पर भी ले जाया गया जहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले शनिवार को मंदिर निर्माण कार्य का जायजा लिया था. राय ने बताया कि मंदिर निर्माण में 1800 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. उन्होंने बताया कि मंदिर का पहला तल दिसंबर 2023 तक बनकर तैयार हो जाएगा. उन्होंने कहा कि उसके बाद मकर संक्रांति पर 14 जनवरी 2024 को मंदिर में भगवान राम की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी और उसे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि ट्रस्ट ने मंदिर परिसर में प्रमुख साधु-संतों की प्रतिमाएं लगवाने के लिए स्थान निर्धारित करने का भी फैसला किया है.

पीएमओ को भेजी गई थी रिपोर्ट

बता दें, इस साल पांच अगस्त को अयोध्या के राम मंदिर के शिलान्यास के दो साल पूरे हो गए थे. 5 अगस्त 2020 को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर की आधारशिला रखी थी.पिछले महीने निर्माण कार्य से जुड़ी एक रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भेजी गई थी. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के हवाले से भवन निर्माण समिति के चेयरमैन निपेंद्र मिश्रा ने मंदिर निर्माण की स्थिति को लेकर अधिकृत साइट पर लेटर पैड जारी किया था. सूत्रों के मुताबिक मंदिर निर्माण के प्रगति की यही रिपोर्ट पीएमओ को भेजी गई थी.

मंदिर के गर्भ ग्रह और भूतल का काम जोरों पर है. प्लिंथ का काम भी पूरा कर लिया गया है. ये प्लिंथ 5 फीट चौड़ा ढाई फुट ऊंचे 17000 पत्थरों से बनाया गया है. जानकारी मिली है कि मंदिर में लगाए जा रहे प्रत्येक ग्रेनाइट पत्थर के ब्लॉक का वजन लगभग तीन टन है. पत्थर को उठाने के लिए चार टावर क्रेन और कई मोबाइल क्रेन समेत अन्य उपकरण लगाए गए हैं.

यात्री सुविधाओं के केंद्र का हो रहा है निर्माण

मंदिर परिसर में एक साथ 5000 श्रद्धालुओं के लिए प्रतीक्षालय पीने का पानी शौचालय और अन्य उपयोगी कार्य की योजना बनाई गई है. श्रद्धालुओं के लिए परिसर में तीर्थ यात्री सुविधा केंद्र बनाया जाएगा. श्रद्धालु अपना निजी सामान तीर्थ यात्रा केंद्र में निशुल्क जमा कर सकेंगे.

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