राज्यसभा में अलका गुर्जर ने उठाई भगवान देवनारायण धाम के समग्र विकास की मांग

राज्यसभा सांसद अलका गुर्जर ने मालासेरी डूंगरी और सवाई भोज क्षेत्र के एकीकृत विकास की मांग की है, जिसके लिए केंद्र ने 48 करोड़ 73 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं।

नई दिल्ली में आयोजित राज्यसभा के सत्र के दौरान सांसद अलका गुर्जर ने राजस्थान के अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल भगवान देवनारायण जी की प्राकट्य स्थली मालासेरी डूंगरी और सवाई भोज क्षेत्र के एकीकृत विकास का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि यह पूरा क्षेत्र करोड़ों श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र है, विशेष रूप से गुर्जर समाज के लिए इसका अत्यधिक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। अलका गुर्जर ने मांग की कि इस क्षेत्र को धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए, जिससे न केवल आस्था का सम्मान होगा बल्कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को एक नई और सकारात्मक दिशा भी प्राप्त होगी।

देव धाम योजना 2.0 और वित्तीय आवंटन

0' के अंतर्गत 48 करोड़ 73 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की है। इस महत्वपूर्ण वित्तीय आवंटन का उपयोग मालासेरी डूंगरी, सवाई भोज, बरनागर, साडू माता की बावड़ी और गठगोड़ा जैसे पांच प्रमुख धार्मिक स्थलों के समग्र विकास और कायाकल्प के लिए किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन स्थलों का नियोजित विकास न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण की दृष्टि से भी अत्यंत आवश्यक है ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी जड़ों से जुड़ी रह सकें और अपने गौरवशाली इतिहास को समझ सकें।

एकीकृत हेरिटेज सर्किट और आधुनिक बुनियादी ढांचा

अलका गुर्जर ने अपनी मांग को विस्तार देते हुए कहा कि इन सभी पांचों धार्मिक स्थलों को एक एकीकृत हेरिटेज एवं धार्मिक पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने बुनियादी ढांचे में सुधार की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए मालासेरी डूंगरी से सवाई भोज तक एक आधुनिक फोर-लेन सड़क के निर्माण का प्रस्ताव रखा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने देशभर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए वहां उच्च स्तरीय आवास व्यवस्था, विशाल पार्किंग स्थल और अन्य आधुनिक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का पुरजोर आग्रह किया। उनका मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी और विश्वस्तरीय सुविधाओं से यहां आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के अनुभव में व्यापक सुधार होगा और क्षेत्र की वैश्विक पहचान बनेगी।

सांस्कृतिक संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का सुदृढ़ीकरण

भगवान देवनारायण जी के जीवन दर्शन, समृद्ध लोक संस्कृति और उनके गौरवशाली इतिहास को प्रदर्शित करने के लिए सांसद ने वहां एक अत्याधुनिक डिजिटल संग्रहालय और ओपन एयर थिएटर की स्थापना की भी मांग की और उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राजस्थान सरकार वर्तमान में सवाई भोज मंदिर के सौंदर्यीकरण और क्षेत्र के अन्य विकास कार्यों में पहले से ही सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। अलका गुर्जर ने विश्वास व्यक्त किया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूर्ण होने से न केवल धार्मिक पर्यटन को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए और बेहतर अवसर सृजित होंगे, जिससे अंततः ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बहुत मजबूती मिलेगी। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार दोनों से इस योजना को शीघ्रता से पूरा करने का आह्वान किया ताकि श्रद्धालुओं को जल्द लाभ मिल सके।