सरकार ने आर्थिक सुधारों के मोर्चे पर बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल), भारतीय जहाजरानी निगम और कंटेनर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया समेत पांच प्रमुख सार्वजनिक उपक्रमों में सरकार की हिस्सेदारी बेचने को मंजूरी दे दी। इनमें हिस्सेदारी बेचने के साथ प्रबंधन नियंत्रण भी दूसरे हाथों में सौंपा जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संवाददाताओं को यह जानकारी दी। वित्त मंत्री ने कहा कि इसके अलावा मंत्रिमंडल ने प्रबंधन नियंत्रण अपने पास रखते हुए चुनिंदा सार्वजनिक उपक्रमों में सरकार की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत से नीचे लाने को भी मंजूरी दी है।
वित्त मंत्री ने कहा कि बीपीसीएल के निजीकरण से पहले नुमालीगढ़ रिफाइनरी को उससे अलग किया जाएगा और किसी दूसरी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी द्वारा इसका अधिग्रहण किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 में 1.05 लाख करोड़ रुपये का विनिवेश लक्ष्य रखा है। सरकार को चालू वित्त वर्ष में विनिवेश से अब तक 12,995.46 लाख करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं, जिसमें आईआरसीटीसी के आईपीओ से प्राप्त 637.97 करोड़ रुपये भी शामिल हैं।
