नई दिल्ली / दिल्ली में आज सांस लेना 25 सिगरेट के बराबर है संसद में विजय गोयल

Live Hindustan : Nov 21, 2019, 05:45 PM

नई दिल्ली, संसद के शीतकालीन सत्र का आज चौथा दिन है। देशभर में ख़ासकर दिल्ली में वायु प्रदूषण ख़तरनाक स्तर पर पहुंचने के मामले में राज्यसभा में गुरुवार को कुछ सदस्यों के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा हुई। राज्यसभा की संशोधित कार्यसूची में इस विषय को लोकहित के महत्वपूर्ण विषय पर पेश ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के लिये सूचीबद्ध किया गया। इस प्रस्ताव का नोटिस भाजपा सदस्य आरके सिन्हा, विजय गोयल और केजे अलफ़ोंस ने दिया था।

उल्लेखनीय है कि वायु प्रदूषण के मुद्दे पर आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय की विभाग संबंधी संसद की स्थायी समिति ने भी बुधवार को पर्यावरण मंत्रालय सहित अन्य संबद्ध केंद्रीय एजेंसियों से इस दिशा मे किए गए उपायों की समीक्षा की थी। उच्च सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के माध्यम से यह विषय पर्यावरण मंत्री के संज्ञान में लाया जा सकेगा। इसके अलावा भाकपा ने भी राज्यसभा में नियम 267 के तहत कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन सहित सार्वजनिक क्षेत्र की पांच कंपनियों में सरकार की पूरी हिस्सेदारी बेचे जाने के मुद्दे पर चर्चा कराने की माँग की है।

राजस्थान ने बीजेपी सांसद विजय गोयल ने कहा, प्रदूषण पर चर्चा इसलिए हो रही है कि राजधानी आज इतनी प्रदूषित हो गई है। केन्द्र सरकार ने बहुत कुछ किया है लेकिन दिल्ली सरकार ने कुछ नहीं किया। 10 हजार से ज्यादा लोग सांस लेने के चलते मर गए। आज सांस लेना 25 सिगरेट के बराबर है। दिल्ली सरकार ने 50 लाख मास्क बांटकर भ्रष्टाचार कर दिया है। दिल्ली में जल प्रदूषण इतना ज्यादा है कि बोतल का पानी पीना पड़ रहा है। 

वायु प्रदूषण फैलाने में हर भारतीय का थोड़ा हिस्सा

गुलाम नबी आजाद ने कहा, प्रदूषण पर तीनों तरफ से सुझाव आए। वायु प्रदूषण को प्रदूषित करने में हर भारतीय का थोड़ा हिस्सा है। चाहे वो किसी भी पार्टी से धर्म से हो। उन्होंने कहा कि इसके लिए सिगरेट, तंबाकू, पान, चूल्हा, मशीनरी, फैक्ट्ररी, किसानों के घास जलाना और हमारी गाडियां प्रदूषण के लिए जिम्मेदार हैं। हर सरकार भी प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि तीन करोड़ बहन-बेटियां गर्भवती होती है। उनके पेट में बच्चों और महिलाओं की क्या हालत है। उन्होंने कहा कि हम सब इंसानी जानों से खेलते हैं। हमें समाधान की तरफ जाना चाहिए। 

गुलाम नबी ने कहा कि मंत्री साहब को प्रधानमंत्रियों से निवेदन करना चाहिए कि सभी मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाए क्योंकि वो ही समस्या का हल निकालेंगे। सांसद वहां भी भाषण देकर आएंगे लेकिन उससे कुछ होगा नहीं। इस बैठक में केन्द्र सरकार के संबंधित मंत्री, मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्रियों, राज्यपाल या उपराज्यपालों को बैठक में बुलाना चाहिए। इस बैठक में एजेंडा तय होना चाहिए। छह महीने में दोबारा बैठक होनी चाहिए। बैठक में राज्य सरकार क्या करेंगी और केन्द्र सरकार क्या करेगी।

प्रदूषण खत्म करना स्वीच ऑफ और ऑन करना नहीं है, इसके लिए...

पर्यावरण, वन और जलवायु मंत्री मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, दूसरे सदन में किसी ने कहा कि बीजिंग ने अपना प्रदूषण 15 साल में कम किया। हमें भी कुछ समय लगेगा और हम भी जल्द इसमें कामयाबी हासिल करेंगे। हमें 15 साल से कम समय में ये लक्ष्य हासिल कर लेंगे। उन्होंने कहा कि इसके प्रयास हमेशा करने चाहिए। उन्होंने कहा कि एक दिन स्वीच ऑन और स्वीच ऑफ करने से कुछ नहीं होगा। उन्होंने कहा कि  एक दिन स्वीच ऑफ किया और प्रदूषण खत्म, ऐसी जादू की छड़ी किसी के पास नहीं है।