गाड़ी में मोबाइल चार्ज करना पड़ सकता है भारी, भूलकर भी न करें ये गलतियां

कार में मोबाइल चार्ज करना सुविधाजनक है लेकिन गलत तरीके से चार्ज करने पर फोन और कार की बैटरी खराब हो सकती है। सस्ते चार्जर के इस्तेमाल और इंजन बंद होने पर फोन लगा छोड़ने जैसी गलतियों से बचना चाहिए।

आज के समय में सफर पर निकलते समय सबसे बड़ी चिंता यही रहती थी कि कहीं फोन की बैटरी खत्म न हो जाए। लेकिन अब कारों में चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध होने से यह परेशानी काफी हद तक कम हो गई है। रास्ते में रास्तों का पता लगाने के लिए नक्शे का इस्तेमाल करना हो, मनोरंजन के लिए गाने सुनने हों या कोई जरूरी फोन कॉल करना हो, मोबाइल का चार्ज रहना बेहद जरूरी हो गया है।

गलत तरीके से चार्जिंग के नुकसान

कार में फोन चार्ज करना जितना आसान है, उतनी ही सावधानी भी इसमें जरूरी है। गलत चार्जर का चुनाव या गलत तरीके से फोन चार्ज करने की प्रक्रिया आपके फोन और कार की बैटरी दोनों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है और इसलिए कुछ छोटी लेकिन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना अनिवार्य है ताकि किसी भी बड़े नुकसान से बचा जा सके।

सस्ते और घटिया चार्जर से बचें

अक्सर लोग कार के लिए बाजार से कोई भी सस्ता चार्जर खरीद लेते हैं, जो सही फैसला नहीं है। बहुत सस्ते या बिना किसी ब्रांड वाले चार्जर में बिजली के प्रवाह को सही मात्रा में नियंत्रित करने की क्षमता नहीं होती है। इसकी वजह से चार्जिंग के दौरान फोन जरूरत से ज्यादा गर्म हो सकता है और बैटरी ठीक से चार्ज भी नहीं होती। कई बार खराब गुणवत्ता वाले चार्जर या उनके तारों के कारण कार के इलेक्ट्रिकल सिस्टम में भी खराबी आ सकती है। इसलिए हमेशा एक अच्छी कंपनी का भरोसेमंद और उच्च गुणवत्ता वाला चार्जर ही इस्तेमाल करना चाहिए।

इंजन शुरू करने से पहले फोन न जोड़ें

ज्यादातर लोगों की आदत होती है कि वे कार में बैठते ही सबसे पहले फोन को चार्जिंग पर लगा देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, पहले कार को स्टार्ट करना चाहिए और जब इंजन ठीक से चलने लगे, तभी फोन को चार्जर से जोड़ना बेहतर होता है। इसका कारण यह है कि कार स्टार्ट होते समय बिजली के प्रवाह में अचानक उतार-चढ़ाव या बदलाव हो सकता है। अगर फोन उस समय पहले से जुड़ा हो, तो उस पर बिजली का अनावश्यक दबाव पड़ सकता है जिससे फोन के सर्किट को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है।

धूप में चार्जिंग करने से बचें

गर्मी के मौसम में कार के अंदर का तापमान बहुत तेजी से बढ़ सकता है। अगर आपका फोन चार्जिंग पर लगा है और उस पर सीधी धूप भी पड़ रही है, तो वह बहुत ज्यादा गर्म हो सकता है। फोन का अत्यधिक गर्म होना उसकी बैटरी लाइफ के लिए खतरनाक है। फोन को सुरक्षित रखने के लिए उसे हमेशा ऐसी जगह रखें जहां सीधी धूप न आती हो। अगर चार्जिंग के दौरान फोन बहुत ज्यादा गर्म महसूस हो, तो तुरंत चार्जिंग रोक देना ही समझदारी है।

सफर खत्म होने पर चार्जर निकालें

कुछ कारों में इंजन बंद होने के बाद भी चार्जिंग सॉकेट में बिजली की सप्लाई जारी रहती है। ऐसी स्थिति में अगर फोन काफी देर तक लगा रह जाए, तो वह कार की बैटरी की ऊर्जा को सोख सकता है। इससे कार की बैटरी डिस्चार्ज हो सकती है और अगली बार कार स्टार्ट करने में समस्या आ सकती है और इसलिए सफर खत्म होने के बाद फोन और चार्जर दोनों को सॉकेट से बाहर निकाल देना एक अच्छी और सुरक्षित आदत है।

निष्कर्ष: सावधानी में ही सुरक्षा है

कार में मोबाइल चार्ज करना कोई गलत बात नहीं है, बस इसके लिए सही तरीका अपनाना जरूरी है। सही चार्जर का चुनाव करें, फोन को गर्मी से बचाएं और इंजन बंद होने के बाद चार्जर लगा हुआ न छोड़ें। इन आसान और छोटे उपायों को अपनाकर आप अपने महंगे स्मार्टफोन और अपनी कार दोनों को सुरक्षित रख सकते हैं।