वॉशिंगटन: चीन की नाक के नीचे साउथ चाइना सी में अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर अपने शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, बौखलाया चीन लगातार युद्ध की धमकियां दे रहा है। चीन की सरकारी मीडिया अमेरिका, ताइवान और जापान को जमकर खरीखोटी सुना रही हैं। इस बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने भी चीन पर निशाना साधा है।
मार्क एस्पर ने ट्वीट कर चीन को दी चेतावनी
मार्क एस्पर ने साउथ चाइना सी में तैनात अमेरिकी एयरक्राफ कैरियर यूएसएस निमित्ज और यूएसएस रोनाल्ड रीगन की तस्वीर को पोस्ट करते हुए लिखा कि सद्भावना और शुभकामना स्वतंत्रता को सुरक्षित नहीं रखती हैं। इसके लिए सामर्थ्य की जरूरत है। आपको साउथ चाइना सी में अमेरिकी नौसेना के यूएसएस निमित्ज और यूएसएस रोनाल्ड रीगन को देखना होगा।
चीनी मीडिया ने दी अमेरिका को धमकी
गुरुवार को अमेरिकी युद्धक विमानों के चीनी हवाई क्षेत्र के पास से गुजरने पर सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने ट्रंप प्रशासन को सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। इतना ही नहीं, चीनी मीडिया ने दावा किया कि उसकी सेना पहले की अपेक्षा अब ज्यादा ताकतवर है जो अमेरिका को हर क्षेत्र में मात दे सकती है।
अमेरिकी सेना को चीन ने दी चेतावनी
ग्लोबल टाइम्स ने दावा किया कि यूएस एयरफोर्स से सैन्य टोही विमानों ने बुधवार को चीन के गुआंगडोंग प्रांत के करीब उड़ान भरी है। इसके अलावा, बुधवार को एक अमेरिकी नौसेना का EP-3E ग्वांगडोंग के तटीय हवाई क्षेत्र के 90 किलोमीटर के दायरे में आ गया था। सरकारी मीडिया ने आगे कहा कि इन छोटी-छोटी घटनाओं से भी क्षेत्र में गंभीर संघर्ष देखने को मिल सकता है।
'चीन की टोह ले रहे अमेरिकी विमान'
ग्लोबल टाइम्स ने दावा किया कि अमेरिकी जासूसी विमान पिछले तीन दिनों से लगातार देश के दक्षिण तटीय इलाके में चीनी क्षेत्र के बेहद करीब से टोह ले रहा है। अखबार ने चीनी सैन्य विशेषज्ञों के हवाले कहा कि अमेरिका की इस कार्रवाई का मकसद चीन के जंगी जहाजों और हथियारों की टोह लेना है जो दक्षिण चीन सागर और ताइवान की ओर जाते हैं।
अमेरिकी युद्धाभ्यास पर भड़का चीनी मीडिया, कहा- उकसावे का देंगे जवाब
चीनी अखबार ने कहा कि अमेरिका का EP-3E निगरानी विमान बुधवार को बाशी चैनल से गुजरा और दक्षिण चीन के गुआंगडोंग प्रांत की ओर गया। एक समय में यह गुआंगडोंग से मात्र 51.68 नॉटिकल मील की दूरी पर था। ग्लोबल टाइम्स ने कहा कि लगातार तीसरे दिन ऐसा है जब अमेरिकी जासूसी विमान चीन के इतने नजदीक से गुजरा है।
'अमेरिका सैन्य संघर्ष की तैयारी के लिए आंकड़े जुटा रहा'
चीनी विशेषज्ञों का दावा है कि अमेरिका सैन्य संघर्ष की तैयारी के लिए खुफिया आंकड़े जुटा रहा है। ग्लोबल टाइम्स ने बताया कि अमेरिका का EP-3E और RC-135 विमान इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिग्नल और संचार सिग्नल को पकड़ता है और उसका विश्लेषण करके चीन के हथियारों और साजो सामान के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी इकट्ठा करता है। चीनी अखबार ने दावा किया कि RC-135 मिसाइलों का पता लगाने में सक्षम है।
ताइवान के पास क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे ज्यादा मिसाइल
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, ताइवान के पास इतनी ज्यादा मिसाइलें मौजूद हैं जो क्षेत्रफल के हिसाब से दुनियाभर में सबसे ज्यादा है। हालांकि ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने इन मिसाइलों की कुल संख्या को आजतक जारी नहीं किया है। ताइपे की चाइना टाइम्स अखबार के अनुसार, ताइवान के पास कुल 6000 से अधिक मिसाइलें हैं।
अमेरिकी और ताइवानी मिसाइलों का जखीरा
इन हथियारों में अमेरिका निर्मित मिसाइलों के अलावा ताइवान की स्वदेशी मिसाइलें भी शामिल हैं। जिसमें हवा से हवा, हवा से सतह और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें शामिल हैं। ताइवान के पास मिसाइल ही ऐसा हथियार है जिससे चीनी सेना खौफ खाती है और आजतक हमले के प्लान को अंजाम नहीं दे सकी है। क्योंकि, चीन के राष्ट्रपति से लेकर चीनी सेना के जनरल तक लगातार ताइवान पर हमले की धमकी देते रहे हैं।
पैट्रियॉट एडवांस्ड कैपेबिलिटी-3 मिसाइल
अमेरिका की पैट्रियॉट एडवांस्ड कैपेबिलिटी - 3 (PAC-3) मिसाइस दुनिया की सबसे बेहतरीन डिफेंस सिस्टम में से एक है। यह मिसाइल डिफेंस सिस्टम दुश्मन की बैलेस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और लड़ाकू जहाजों को पल भर में मार गिराने में सक्षम है। सभी मौसम में दागे जाने वाली इस मिसाइल का निर्माण लॉकहिड मॉर्टिन ने किया है। यह मिसाइल इस समय पूरे अमेरिका, जर्मनी, ग्रीस, इजरायल, जापान, कुवैत, नीदरलैंड, सऊदी अरब, कोरिया, पोलैंड, स्वीडन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, रोमानिया, स्पेन और ताइवान की सेना में शामिल है।
एवेंजर एयर डिफेंस सिस्टम
अमेरिका की ऑटोमेटिक सतह से हवा में मार करने वाला यह मिसाइल डिफेंस सिस्टम क्रूज मिसाइलों, ड्रोन, फिक्स विंग हवाई जहाज और हेलिकॉप्टरों के खिलाफ घातक कार्रवाई कर सकता है। इसका रडार दुश्मन के किसी भी प्रकार के हवाई हमले को रोकने में पूरी तरह सक्षम है।
हॉर्पून, स्टिंगर और AIM-9 Sidewinder
ये तीनों मिसाइल ताइवान की सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हार्पून एंटी शिप मिसाइल है जिसे मैक्डोनाल्ड डगलस ने बनाया है। यह जमीन से किसी भी शिप को निशाना बनाने में सक्षम है। स्ट्रिंगर मिसाइल मैन पोर्टेबल है जो जमीन से हवा में किसी भी हेलिकॉप्टर या ड्रोन को मार गिरा सकती है। जबकि AIM-9 Sidewinder शॉर्ट रेंज एयर टू एयर मिसाइल है जो दुश्मन के जहाजों और हेलिकॉप्टरों का काल बन सकती है।
Goodwill and best wishes do not secure freedom. Strength does. You have the watch in the South China Sea, @USNavy, #USSNimitz, & #USSRonaldReagan. pic.twitter.com/09aKRhZxTt
— Dr. Mark T. Esper (@EsperDoD) July 12, 2020
Hsiung Feng 1, 2 और 3
Hsiung Feng 1 और 2 ताइवान में नेशनल चुंग-शान इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी द्वारा विकसित एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम है। जो समुद्र में दुश्मन के नेवल शिप को आसानी से निशाना बना सकती है। जबकि Hsiung Feng 3 एक मध्यम दूरी की सुपरसोनिक मिसाइल है जो जमीन और पानी दोनों जगह दुश्मनों पर प्रभावी कार्रवाई कर सकती है।
वान चिएन और टीएन कुंग 1-3
वान चिएन यह एयर-टू-ग्राउंड क्रूज़ मिसाइल है जिसे ताइवान ने खुद विकसित किया है। ऐसा माना जाता है कि यह मिसाइल 200 किलोमीटर तक के लक्ष्यों को आसानी से भेद सकती है। जबकि टीएन कुंग 1-3 ताइवान द्वारा विकसित सतह से हवा में मार करने वाली एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल और एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम है। टीएन कुंग 3 45 से 70 किलोमीटर तक चीनी गाइडेड मिसाइलों को रोक सकता है। इनके अलावा भी ताइवान के पास कई अन्य मिसाइलें भी हैं।
दरअसल, गुआंगडोंग में चीन के कई युद्धपोतों के रुकने का ठिकाना है। इसके अलावा पीएलए के दक्षिणी थिएटर कमांड का मुख्यालय भी गुआंगडोंग के गुआंगझाओ में है। पीएलए की दक्षिणी कमान बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है और उसी के पास विवादित दक्षिण चीन सागर में चीन के हितों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है। ताइवान पर नजर रखने का जिम्मा भी इसी के पास है।
