राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली इस समय कड़ाके की ठंड और गंभीर वायु प्रदूषण की दोहरी मार झेल रही है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली में अगले चार दिनों तक शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी, जबकि वायु गुणवत्ता लगातार 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज की जा रही है। यह स्थिति शहर के निवासियों के लिए स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां और दैनिक जीवन में व्यवधान पैदा कर रही है।
शीतलहर का अलर्ट और पूर्वानुमान
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली सहित उत्तर भारत के कई राज्यों के लिए शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। पूर्वानुमान के मुताबिक, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में 5 जनवरी तक शीतलहर चलने का अनुमान है। विशेष रूप से दिल्ली में, 2 जनवरी से 5 जनवरी के बीच कुछ स्थानों पर शीतलहर चलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, शीतलहर की घोषणा तब की जाती है जब न्यूनतम तापमान सामान्य औसत तापमान से 4. 5 से 6. 5 डिग्री सेल्सियस नीचे गिर जाता है। यह स्थिति न केवल ठंड बढ़ाती है, बल्कि खुले में रहने वाले। लोगों और संवेदनशील आबादी के लिए गंभीर स्वास्थ्य जोखिम भी पैदा करती है।
दिल्ली का तापमान और मौसम का मिजाज
गुरुवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम यानी 17. 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 3. 7 डिग्री अधिक यानी 10. 6 डिग्री सेल्सियस रहा। हालांकि, आने वाले दिनों के लिए मौसम विभाग ने सुबह के समय कई स्थानों पर आंशिक रूप। से बादल छाए रहने, मध्यम कोहरा और कुछ स्थानों पर घना कोहरा रहने का अनुमान जताया है। अधिकतम तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच और न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जो ठंड की तीव्रता को बनाए रखेगा। यह तापमान गिरावट और कोहरे का संयोजन दिनचर्या को प्रभावित कर सकता है।
राजधानी में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति
ठंड के साथ-साथ दिल्ली में वायु प्रदूषण भी एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) लगातार 'बहुत खराब' श्रेणी में बना हुआ है, जिसका 24 घंटे का औसत 380 दर्ज किया गया और सीपीसीबी के समीर ऐप से मिली जानकारी के अनुसार, 26 निगरानी स्टेशन 'बहुत खराब' श्रेणी में थे, जबकि 11 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज किए गए। आनंद विहार में सबसे खराब एक्यूआई 423 दर्ज किया गया, जो अत्यंत खतरनाक स्तर को दर्शाता है और वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली ने पूर्वानुमान जताया है कि वायु गुणवत्ता 4 जनवरी तक 'बहुत खराब' श्रेणी में बनी रहेगी और अगले छह दिनों तक भी ऐसी ही स्थिति रहने का अनुमान है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ेंगे।
घना कोहरा और दृश्यता की समस्या
शीतलहर और प्रदूषण के साथ-साथ राजधानी में घने कोहरे का। प्रकोप भी जारी है, जिससे दृश्यता बुरी तरह प्रभावित हुई है। गुरुवार को कई क्षेत्रों में दृश्यता खराब रही और सफदरजंग में 31 दिसंबर की रात 10:30 बजे से 1 जनवरी की सुबह 8:30 बजे तक दृश्यता सबसे कम 500 मीटर दर्ज की गई, जो सुबह नौ बजे तक सुधरकर 600 मीटर हो गई। इसी तरह, पालम में 31 दिसंबर की रात 9:30 बजे से 1 जनवरी की सुबह आठ बजे तक दृश्यता 500 मीटर दर्ज की गई, जो सुबह 8:30 बजे तक बढ़कर 600 मीटर हो गई। इस घने कोहरे के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ। है, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली-एनसीआर में तापमान का विस्तृत विश्लेषण
दिसंबर का सबसे ठंडा दिन
दिल्ली-एनसीआर में गुरुवार को निगरानी केंद्रों पर अधिकतम तापमान 14. 8 डिग्री सेल्सियस और 17. 3 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा, जो अधिकांश स्थानों पर सामान्य से कम था। सफदरजंग में अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 17. 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पालम में सामान्य से 2. 8 डिग्री कम 15 और 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लोधी रोड पर अधिकतम तापमान 15. 8 डिग्री सेल्सियस, रिज पर 16 और 6 डिग्री सेल्सियस और आयानगर में सबसे कम अधिकतम तापमान 14. 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और पूरे क्षेत्र में न्यूनतम तापमान नौ डिग्री सेल्सियस और 10. 6 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा और सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 10. 6 डिग्री सेल्सियस, पालम में नौ डिग्री, लोधी रोड पर 10 डिग्री, रिज पर 9. 9 डिग्री और आयानगर में 10. 3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान विभाग के आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार की सुबह सापेक्ष आर्द्रता 97 प्रतिशत और शाम को 87 प्रतिशत रही, जो ठंड और कोहरे के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाती है।
इससे पहले, दिल्ली में बुधवार को पिछले छह वर्षों में दिसंबर का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया था और इस दिन अधिकतम तापमान गिरकर सामान्य से लगभग 6. 2 डिग्री कम 14 और 2 डिग्री सेल्सियस हो गया था। आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, शहर में आखिरी बार इससे कम अधिकतम तापमान 31 दिसंबर 2019 को दर्ज किया गया था, जब दिन का अधिकतम तापमान 9. 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था। यह दर्शाता है कि इस वर्ष की सर्दी कितनी तीव्र है और आने वाले दिनों में भी राहत मिलने की संभावना कम है।
आगे की राह और सावधानी
दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में शीतलहर, घना कोहरा और 'बहुत खराब' वायु गुणवत्ता का यह संयोजन एक गंभीर स्थिति पैदा कर रहा है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे ठंड से बचने के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें, अनावश्यक। यात्रा से बचें और वायु प्रदूषण के उच्च स्तर को देखते हुए बाहर निकलने पर मास्क का उपयोग करें। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। प्रशासन और संबंधित विभाग भी इस स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठा रहे हैं, लेकिन जनभागीदारी और सावधानी ही इन चुनौतियों का सामना करने में सहायक होगी।