Relationship / सेक्स लाइफ को लेकर क्या आपको भी सताती है ये चिंता? जानिए जरूरी बातें

Zoom News : May 20, 2021, 04:39 PM
Delhi: कुछ लोगों में सेक्स के प्रति कम दिलचस्पी चिंता का विषय होता है, लेकिन बहुत से लोग अपनी सेक्स की ज्यादा इच्छा से ही परेशान होते हैं। कई बार ऐसे लोगों के मन में सवाल उठने लगता है कि क्या ये सब नॉर्मल है या ये किसी बड़ी समस्या का संकेत है। एक्सपर्ट का मानना है कि इसके पीछे कई वजहें हो सकती हैं, जरूरी नहीं कि ये हर बार लत का संकेत हो।

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हमारी यौन इच्छा में उम्र भर बदलाव आते रहते हैं। अगर आप खुद में कम्फर्टेबल महसूस करते हैं और आपको ऐसा नहीं लगता है कि आपका अपने सेक्सुअल बिहैवियर पर कंट्रोल छूट रहा है तो इसे नॉर्मल या हेल्दी कहा जा सकता है। फिर चाहे आप दिन में दो बार या महीने में एक बार ही सेक्स क्यों न करते हों।

हार्मोन- एक्सपर्ट कहते हैं कि जब आपका टेस्टोस्टेरॉन लेवल बहुत हाई होता है तो लिबिडो (कामोत्तेजना) भी बहुत ज्यादा हो सकती है। टेस्टोस्टेरॉन जेंडर की परवाह किए बना सेक्सुअल फंक्शनिंग और डिजायर से जुड़े होते हैं। हमारे लाइफस्टाइल की बहुत सारी बातें और बॉडी का प्रोसेस शरीर में टेस्टोस्टेरॉन के बढ़ने की वजह हो सकता है। यहां तक कि एक्सरसाइज,  टीनेजर अवस्था समेत कई बातें शामिल होती हैं।

इसके अलावा, प्रोजेस्टेरॉन में ऑएस्ट्रोजन भी कामोत्तेजना को प्रभावित करते हैं। डोपामिन या ऑक्सीटोसिन जैसे हार्मोन भी कई बार रोमांस को बढ़ाने का काम करते हैं। इसलिए कई बार नए रिलेशनशिप में आप ज्यादा रोमांटिक हो सकते हैं।

मेंस्ट्रुअल साइकिल- अगर आपने पीरियड्स के दौरान ज्यादा कामोत्तेजना महसूस की है तो आप दुनिया में अकेली नहीं हैं। मेंस्ट्रुअल साइकिल के दौरान होने वाला हार्मोनल उतार-चढ़ाव कामोत्तना को घटा भी सकता है और बढ़ा भी सकता है। ओवुलेशन के दौरान (पीरियड से करीब 14 दिन पहले) टेस्टोस्टेरॉन और ऑएस्ट्रोजन का पीक होता है और दोनों ही हार्मोन्स का प्रवाह सेक्स ड्राइव को बढ़ाता है।

प्रेग्नेंसी- प्रेग्नेंसी के दौरान सेक्सुअल डिजायर बढ़ने के भी कई कारण हो सकते हैं। महिलाओं के शरीर में ऑएस्ट्रोजन का लेवल बढ़ने से भी उनके शरीर में सेक्स ड्राइव इम्प्रूव हो सकती है। इसके लिए हमारे जेनिटल्स एरिया में होने वाले ब्लड फ्लो को अच्छा माना जाता है जो इस उत्तेजना को बढ़ाने का काम करता है। अच्छी बात ये है कि प्रेंग्नेंसी के दौरान सेक्स को पूर्णत: सुरक्षित है।

आकर्षण- एक रिश्ते के शुरुआती चरणों में जुनून और उत्तेजना का बढ़ना काफी सामान्य है जो अक्सर सेक्सुअल डिजायर को भी बढ़ा देता है। एक लॉन्ग टर्म रिलेशनशिप में कपल्स एक दूसरे का भरोसा जीतकर और अपनी सेक्स संबंधी जरूरतों के बारे में बात करके अपनी सेक्स लाइफ को एंजॉय कर सकते हैं।

सेक्स एडिक्शन क्या है- सेक्स एडिक्शन वीडियो गेम खेलना, स्मार्टफोन चलाना या पॉर्न की लत जैसा ही है। हालांकि इस प्रकार के व्यवहार नशे की लत की तरह साइकोलॉजिकल एडिक्शन नहीं है। सेक्स एडिक्शन क्या है? इस विषय पर एक बड़ी बहस छिड़ी हुई है। कुछ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ये एक मैनुफैक्चर्ड डिसॉर्डर है। जबकि कुछ इसे व्यवहारिक एडिक्शन समझते हैं, जो कि इंटरनेट गेमिंग डिसॉर्डर जैसा ही है।

यदि कोई व्यक्ति अपनी हाई सेक्स ड्राइव को लेकर चिंतित है तो उससे खुद से कुछ सवाल पूछने चाहिए। जैसे कि क्या कुछ इमोशन, रिलेशनशिप की चुनौतियां या व्यवहार सेक्सुअल ड्राइव को बढ़ाते हैं? अगर आपको लग रहा है कि सेक्स आपकी सोशल लाइफ पर हावी हो रहा है और इससे आपकी रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है तो इसे लेकर साइकोलॉजिस्ट या डॉक्टर से मिलें और चर्चा करें।

एक डॉक्टर हार्मोनल डिसॉर्डर या दिमाग से जुड़ी समस्याओं का पता लगाकर आपको सही सलाह दे सकता है। ताकि आप कम्फर्टेबल होकर अपनी सेक्स लाइफ को एंजॉय कर सकें।

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