अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन दौरे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने उनके निजी जीवन और आदतों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। वीडियो में ट्रंप एक आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान ग्लास उठाकर टोस्ट करते दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद इंटरनेट पर यह दावा किया जाने लगा कि ट्रंप ने पहली बार शराब पी ली और अपना नो अल्कोहल वाला नियम तोड़ दिया। ट्रंप ने हमेशा यह कहा है कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी में कभी शराब को हाथ नहीं लगाया है, इसलिए इस वीडियो ने लोगों को हैरान कर दिया है।
सोशल मीडिया पर दावों की बाढ़ और वीडियो की हकीकत
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में कहा गया कि ट्रंप ने अपनी जिंदगी में कभी शराब नहीं पी, लेकिन चीन में कूटनीतिक शिष्टाचार के नाते उन्हें जो ड्रिंक दी गई, उसे उन्होंने पी लिया। कुछ यूजर्स ने इसे चीन की बढ़ती ताकत के एक संकेत के रूप में भी पेश किया। एशियन बिजनेस डेली की एक रिपोर्ट के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने टोस्ट के लिए शैंपेन का ग्लास उठाया और उसे अपने होंठों तक ले गए। वीडियो के दृश्यों से ऐसा प्रतीत होता है जैसे उन्होंने ड्रिंक का एक हल्का सा घूंट लिया हो। इसके तुरंत बाद उन्होंने ग्लास अपने स्टाफ को सौंप दिया। कैमरे में यह भी कैद हुआ कि ट्रंप ने कुछ सेकंड तक ड्रिंक को अपने मुंह में रखा और फिर उसे निगल लिया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि उस ग्लास में वास्तव में शैंपेन थी या कोई अन्य गैर-मादक पेय।
शराब से दूरी की भावुक वजह: भाई की मौत
डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार सार्वजनिक मंचों पर यह स्वीकार किया है कि वह शराब से कोसों दूर रहते हैं और 2017 में राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने स्पष्ट किया था कि उन्होंने अपने जीवन में कभी ड्रिंक नहीं की। बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के इस फैसले के पीछे उनके बड़े भाई फ्रेडी ट्रंप की दुखद मृत्यु थी। फ्रेडी ट्रंप की मात्र 42 साल की उम्र में शराब की लत से जुड़ी बीमारियों के कारण मौत हो गई थी। अपने भाई को इस हालत में देखने के बाद ट्रंप ने संकल्प लिया था कि वह कभी शराब नहीं पिएंगे।
ट्रंप न केवल खुद शराब से दूर रहते हैं, बल्कि वह अपने बच्चों को भी शराब, ड्रग्स और सिगरेट से दूर रहने की सख्त सलाह देते रहे हैं। उनके भाई फ्रेडी ने मरने से पहले उन्हें चेतावनी दी थी कि वह कभी शराब की शुरुआत न करें। यही कारण है कि चीन दौरे के इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर इतनी चर्चा हो रही है, क्योंकि लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या ट्रंप ने अपना दशकों पुराना संकल्प तोड़ दिया है।
पूर्व सलाहकार का स्पष्टीकरण और चीन यात्रा का महत्व
ट्रंप के पूर्व सलाहकार ब्रूस लेवेल ने इन वायरल दावों को पूरी तरह से गलत बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि ट्रंप ने शराब नहीं पी थी। उन्होंने राष्ट्रपति की ओर से स्पष्ट किया कि ट्रंप न तो शराब पीते हैं और न ही किसी प्रकार के ड्रग्स का सेवन करते हैं। अभी तक किसी भी स्वतंत्र संस्था या व्हाइट हाउस ने आधिकारिक तौर पर यह पुष्टि नहीं की है कि उस ग्लास में शराब ही थी। अक्सर अंतरराष्ट्रीय दौरों पर राष्ट्राध्यक्षों को टोस्ट के लिए एप्पल जूस या अन्य सॉफ्ट ड्रिंक्स दी जाती हैं जो दिखने में शराब जैसी लगती हैं।
ट्रंप की यह चीन यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक थी और वह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के विशेष निमंत्रण पर वहां गए थे। पिछले 9 साल में किसी अमेरिकी राष्ट्रपति की यह पहली चीन यात्रा थी। इस दौरे के दौरान ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और चीन के बीच कई महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौते हुए हैं। बातचीत के दौरान ईरान युद्ध, ताइवान का मुद्दा और अंतरराष्ट्रीय व्यापार जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा हुई। हालांकि, चीन ने बाद में ताइवान के मुद्दे पर अमेरिका को चेतावनी भी दी। इस गंभीर कूटनीतिक माहौल के बीच ट्रंप का यह वीडियो अब भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
