ट्रंप का सख्त आदेश: होर्मुज में बारूदी सुरंग बिछाने वाली ईरानी नावों को देखते ही मारें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना को ईरानी नावों पर सीधी कार्रवाई का आदेश दिया है। ट्रंप ने ईरान पर समुद्री मार्ग में बारूदी सुरंगें बिछाने का आरोप लगाया और साथ ही ईरानी महिला प्रदर्शनकारियों की रिहाई को लेकर भी बड़ा दावा किया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच एक अत्यंत सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अमेरिकी सेना और नौसेना को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) में बारूदी सुरंगें बिछाने वाली किसी भी ईरानी छोटी नाव को देखते ही निशाना बनाया जाए। ट्रंप ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस आदेश की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिकी नौसेना को यह निर्देश दिया है कि जो भी नाव, चाहे वह आकार में कितनी भी छोटी क्यों न हो, यदि वह होर्मुज जलडमरूमध्य के पानी में बारूदी सुरंगें बिछाती हुई पाई जाती है, तो उसे बिना किसी हिचक के तुरंत मार गिराया जाए।

समुद्री मार्ग की सुरक्षा और बारूदी सुरंगों को हटाने का अभियान

राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिकी नौसेना इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से बारूदी सुरंगों को हटाने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। उन्होंने इस अभियान की गति को तीन गुना तेज करने का आदेश दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया की तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का मुख्य केंद्र यही क्षेत्र रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

महिला प्रदर्शनकारियों की रिहाई पर ट्रंप का दावा

तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक और महत्वपूर्ण दावा किया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने उनकी अपील का सम्मान किया है और कुछ महिला प्रदर्शनकारियों को रिहा करने का निर्णय लिया है। ट्रंप के अनुसार, उन्हें सूचना मिली है कि 4 महिलाओं को 'तुरंत रिहा' किया जाएगा, जबकि अन्य 4 महिलाओं को एक-एक महीने की सजा दी जाएगी। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि वह इस बात की सराहना करते हैं कि ईरान और उसके नेताओं ने उनकी अपील को स्वीकार किया और प्रस्तावित फांसी की सजा को रोक दिया। ट्रंप ने बताया कि इन महिलाओं को बुधवार को फांसी दी जानी थी।

मानवाधिकार संगठनों और ईरान की प्रतिक्रिया

ट्रंप के दावों के विपरीत, मानवाधिकार संगठनों ने अलग जानकारी साझा की है। संगठनों का कहना है कि जिन महिलाओं की बात की जा रही है, उनमें से 2 को मार्च के महीने में ही जमानत पर रिहा कर दिया गया था। वहीं, अन्य 2 महिलाओं पर ऐसे गंभीर आरोप हैं जिनमें मौत की सजा का प्रावधान हो सकता है। इन सभी महिलाओं को जनवरी में हुए सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान गिरफ्तार किया गया था। ट्रंप ने मंगलवार को इन महिलाओं की एक तस्वीर भी साझा की थी, जिसमें 2 किशोर लड़कियां भी शामिल थीं। यह तस्वीर एक रूढ़िवादी कार्यकर्ता द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर पोस्ट की गई थी और दूसरी ओर, ईरान ने ट्रंप के इन सभी दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है।