महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे पर एक बार फिर से तीखा हमला बोला है। शिंदे ने उद्धव को हिंदुत्व के मुद्दे पर घेरते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि यूबीटी गुट ने हिंदुत्व को बहुत पहले ही त्याग दिया है। उन्होंने एक कड़ा संदेश देते हुए कहा कि हिंदुत्व कोई टी-शर्ट नहीं है जिसे राजनीतिक जरूरत के हिसाब से कभी भी पहना या उतारा जा सके। शिंदे का यह हमला उद्धव ठाकरे द्वारा शुरू किए गए 'राम रक्षा' आंदोलन के जवाब में आया है, जिसे शिंदे ने केवल एक राजनीतिक पैंतरा करार दिया है।
राम रक्षा आंदोलन और नागपुर की जनसभा
शिवसेना (यूबीटी) ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान में कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के विरोध में पूरे महाराष्ट्र में 'राम रक्षा आंदोलन' की शुरुआत की है और इस आंदोलन के माध्यम से उद्धव ठाकरे सरकार पर निशाना साध रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को उन्होंने नागपुर के एक राम मंदिर में पूजा-अर्चना की और वहां एक जनसभा को संबोधित किया और इस सभा में उद्धव ने भाजपा और एकनाथ शिंदे पर जमकर प्रहार किए थे। शिंदे ने इस पर पलटवार करते हुए कहा कि जब राजनीतिक जमीन खिसकने लगी है, तब उद्धव को भगवान राम की याद आ रही है।
शिंदे का तंज: जब भगवा लगा घटने तब राम का नाम लगे रटने
" उन्होंने भगवान राम के आदर्शों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रभु रामचंद्र जी ने अपने पिता के वचनों को निभाने के लिए 14 साल का वनवास स्वीकार किया था, लेकिन उद्धव ने अपने पिता बालासाहेब ठाकरे के विचारों और विरासत को ही छोड़ दिया। शिंदे ने कड़े शब्दों में कहा कि जो राम का नहीं हो सकता, वह किसी काम का नहीं हो सकता और उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग कभी रामभक्तों पर अपमानजनक टिप्पणी करते थे, आज उद्धव उन्हीं के साथ खड़े होकर हिंदुत्व की बातें कर रहे हैं।
गठबंधन और विचारधारा पर सवाल
उपमुख्यमंत्री ने उद्धव ठाकरे को सलाह दी कि उन्हें अपने इस आंदोलन में ममता बनर्जी, सोनिया गांधी, अखिलेश यादव और राहुल गांधी जैसे सहयोगियों को बुलाना चाहिए। उन्होंने आश्चर्य जताया कि उद्धव मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को क्यों चुनौती दे रहे हैं, जबकि उन्हें अपने गठबंधन के साथियों के साथ खड़ा होना चाहिए और शिंदे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के साथ गठबंधन करके उद्धव ने बालासाहेब ठाकरे के 'गर्व से कहो हम हिंदू हैं' के नारे को भुला दिया है। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व कोई राजनीतिक सुविधा की चीज नहीं है जिसे जब चाहा उतार दिया और जब लाभ दिखा तब पहन लिया।
पीएम मोदी की उपलब्धियां और पार्टी की मजबूती
शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने न केवल राम मंदिर का निर्माण कराया बल्कि देश को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं और उन्होंने हाइड्रोजन ट्रेन और विक्रम रॉकेट की लॉन्चिंग जैसे वैज्ञानिक और तकनीकी विकास का उल्लेख किया। शिंदे ने राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि वे विदेश जाकर प्रधानमंत्री को बदनाम करते हैं। अपनी पार्टी की ताकत का जिक्र करते हुए शिंदे ने बताया कि वे 40 विधायक से आज 56 से ज्यादा विधायक बन गए हैं और 6 सांसद भी आधिकारिक तौर पर उनके साथ जुड़ गए हैं। उन्होंने 'लेना बैंक' और 'देना बैंक' का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी सरकार जनता को विकास निधि देने में विश्वास रखती है, न कि केवल सत्ता हथियाने में।
