शरद पवार से फोन पर पीएम मोदी की बातचीत पर एकनाथ शिंदे का बड़ा बयान: जानिए क्या है पूरा मामला

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पीएम मोदी और शरद पवार की फोन पर हुई बातचीत पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने राजनीतिक मतभेद भुलाकर शरद पवार का हालचाल जाना और उन्हें आराम करने की सलाह दी।

महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में उस समय चर्चा तेज हो गई जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरदचंद्र पवार यानी एनसीपी एसपी के सुप्रीमो शरद पवार की तबीयत अचानक बिगड़ गई। तबीयत खराब होने के बाद शरद पवार को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है और इस घटनाक्रम के बीच देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद आगे बढ़कर शरद पवार से फोन पर बातचीत की। प्रधानमंत्री मोदी ने अस्पताल में भर्ती एनसीपी एसपी प्रमुख का हालचाल जाना और उनके स्वास्थ्य के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। इस फोन कॉल को लेकर अब महाराष्ट्र की राजनीति में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और इसी बीच राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का आधिकारिक बयान सामने आया है।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस पूरे मुद्दे पर मीडिया के सामने अपनी बात रखी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दरियादिली की खुलकर सराहना की। एकनाथ शिंदे ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शरद पवार से फोन पर केवल उनका हालचाल पूछा था और उस बातचीत में कुछ भी खास राजनीतिक एजेंडा नहीं था। शिंदे के अनुसार, प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरान शरद पवार को थोड़ा आराम करने की सलाह भी दी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे संकट और बीमारी के समय में देश के प्रधानमंत्री अपने सभी राजनीतिक मतभेदों को एक तरफ रख देते हैं और हर परिस्थिति में लोगों के साथ खड़े होने का बड़ा फैसला करते हैं, जो उनके एक बड़े दिल वाला नेता होने को पूरी तरह दर्शाता है।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आगे विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इसी महानता के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शरद पवार से व्यक्तिगत रूप से आग्रह किया है कि वे तब तक पूरी तरह आराम करें जब तक कि उनका स्वास्थ्य पूरी तरह ठीक नहीं हो जाता। प्रधानमंत्री का मानना है कि शरद पवार का राजनीतिक और सामाजिक मार्गदर्शन देश और सभी लोगों के लिए बहुत ज्यादा कीमती है, इसलिए उनके स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। शिंदे ने यह भी साझा किया कि उन्होंने खुद भी व्यक्तिगत रूप से शरद पवार से बातचीत की है और उन्हें विशेष रूप से सलाह दी है कि वे अस्पताल से छुट्टी मिलने को लेकर किसी भी प्रकार की जल्दबाजी बिल्कुल न दिखाएं। शिंदे ने कहा कि शरद पवार को कुछ समय तक पूरी तरह विश्राम करना चाहिए और जब वे शत-प्रतिशत स्वस्थ महसूस करें, उसके बाद ही वे अपने सार्वजनिक और राजनीतिक कार्यों को फिर से शुरू करें।

यह पूरा वाकया भारतीय राजनीतिक परिदृश्य में एक अलग ही उदाहरण पेश करता है जहाँ राजनीतिक दलों की वैचारिक लड़ाई और आपसी मतभेद अपनी जगह होते हैं, लेकिन किसी वरिष्ठ राजनेता के बीमार पड़ने या स्वास्थ्य संकट के समय सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता मानवीय संवेदनाओं को सर्वोपरि रखते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एनसीपी एसपी सुप्रीमो शरद पवार का हालचाल पूछना और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी करना तथा उन्हें आराम करने की सलाह देना इसी स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा का एक हिस्सा माना जा रहा है। अस्पताल में उपचाराधीन शरद पवार के स्वास्थ्य को लेकर उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में भी लगातार चिंता बनी हुई है, लेकिन तमाम नेताओं के बयानों से यह स्पष्ट है कि वे जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होकर वापसी करेंगे।