छबड़ा | पंचायत समिति छबड़ा की 27 ग्राम पंचायतों में सरपंच व पंच पदों के लिए बुधवार को शांतिपूर्ण तरीके से मतदान हुआ। गांव की सरकार चुनने के लिए ग्रामीण मतदाताओं में उत्साह दिखा। मतदान केंद्रों पर सुबह से शाम तक लंबी कतारें लगी रहीं। इस दौरान पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही। निर्वाचन अधिकारी एसडीएम दुर्गाशंकर मीणा, डीएसपी ओमेंद्रसिंह शेखावत दिनभर मतदान केंद्रों पर निरीक्षण करते रहे एवं मतदान केंद्रों के हाल जानते रहे। 27 ग्राम पंचायतों के सरपंच चुनने के लिए 183 प्रत्याशी व 267 वार्ड पंच के लिए 567 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। इसके लिए निर्वाचन विभाग की ओर से 93 मतदान केंद्र बनाए गए थे।
यहां 90% से अधिक मतदान
कुछ पंचायतों में शाम छह बजे तक मतदान भी संपन्न हुआ। जिसमें कड़ैयानोहर में 90.93 प्रतिशत, तीतरखेड़ी में 80.65, दीलोद में 86.57, गोड़ियामेहर में 86.82, झरखेड़ी में 90.96, ग्राम पंचायत खोपर में 90.43, हानाहेड़ी में 85.56 प्रतिशत मतदान रिकार्ड किया गया।
लग्जरी गाड़ियों से आए वोटर
दूरदराज गांव के मतदाता लग्जरी वाहनों से पहंुचे। मतदाताओं ने बताया कि इन वाहनों का इंतजाम संबंधित सरपंच पद के प्रत्याशियों ने ही किया था, लेकिन मतदान केंद्र से दो सौ मीटर दूर ही रोक दिया गया। यहां से मतदाता पैदल मतदान केंद्रों पर पहंुचे।
किशनगंज : 102 साल की नाथी बाई पोते के साथ बूथ तक पहुंची
किशनगंज| पंचायत समिति में तीसरे चरण में 39 ग्राम पंचायतों व 222 वार्डों के लिए उत्साह के साथ लोग मतदान करने पहुंचे। सुबह 8 बजे मतदान शुरू होने के साथ ही बूथों पर मतदाताओं की लंबी-लंबी कतारे लगी रही। उच्च माध्यमिक स्कूल में बनाए गए सभी 5 बूथों पर दिव्यांग मतदाताओं की मदद के लिए साइकिल समेत मदद के लिए आंगनबाड़ी कार्यकताओ ने भी सहयोग किया। यहां पर सुबह 10 बजे तक पंचायत समिति क्षेत्र में 33.36 प्रतिशत मतदान हुआ। एसडीएम चंदन दुबे ने बताया कि सभी शांतिपूर्ण मतदान हुआ। कलेक्टर इंद्र सिंह राव ने रानीबड़ौद, बांसथूनी, भंवरगढ़, फल्दी केंद्रो की व्यवस्थााएं देखी। उच्च माध्यमिक स्कूल में मतदान केंद्र पर पहली बार देवेेंद्र सुमन ने दिव्यांग होने के बाद भी परिजनों की मदद से मतदान किया तो 102 साल की नाथी बाई ने पोते लवकुमार के साथ मतदान करने के लिए पहुंची। वही रामगढ़, भंवरगढ़ पंचायत में भी उत्साह रहा।
छबड़ा पंचायत समिति
दीलौद से सीमा चौधरी,
केडियनोहर से भवानी शंकर मालव,
मुंडकिया से पिंकी कुमाबत,
घाटाखेडी से अमृतलाल मेहरा,
भीलवाड़ा नीचासे रानी बाई,
जैपला से भावना सिंह,
झरखेड़ी से पाना बाई,
कडैयाहाट से डोली बाईं,
तीतर खेडी से रेखा बाई,
गोडिया मेहर से चीतरंजन मीणा,
फलिया से शिवनारायण,
हान्याहेड़ी से सुगन बाई,
खोपर से मंजू बाई,
मूंडला से इकलेश मीणा,
गुघोरे से राजेंद्र खारोल,
भूलोन से अंजलि शर्मा,
तेलनी से चांदनी बाई,
निपानिया से विजय सिंह,
पचपाडा से रामकल्याण बैरवा विजय घोषित।
किशनगंज पंचायत समिति
बृजनगर से अतुरुधा गुजर,
सेवंनी से गंगाधर,
रेलाबन से रमेशचंद,
सौभागपुरा से हरप्रीत सिंह,
कागला बंमोरी से निर्मला बाई,
बकनपुरा से पवनजीत सिंह,
गरड़ा से सरव॑जीत सिंह,
बरूनी से जगदेव सिंह,
दीगोदपार से रेखा,
छीनोद से रचना कंबर,
रानीबड़ौद से द्रोपती देवी,
किशनगंज से राधाकिशन,
बांसथूनी से ललिता बाई,
फल्दी से त्रिलोक,
बिलासगढ़ से गुड्डी बाई,
पिंजनासे उम्मेद सिंह,
ख्यावदा से मीणा,
जलबाड़ा से कन्या बाई,
छत्रगंज से साजल,
सिमलौद से रामावतार,
बादीपुर से हस्प्रीत कौर,
परानियां से जुबैदा,
घट्टी से राजारास,
भवंरगढ़ से पिस्ता बाई,
खंडेला से अनीता बैरवा,
रामपुरिया उर्फ टोडिया से कविता गुर्जर विजय घोषित हुए हैं।
