गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 'एआई इम्पैक्ट समिट' के दौरान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के साथ एक महत्वपूर्ण तकनीकी साझेदारी की घोषणा की है। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की क्षमताओं का लाभ उठाना है और पिचाई ने बुधवार 18 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद इस सहयोग को सार्वजनिक किया। इस पहल से एम्स में आने वाले लाखों रोगियों और वहां कार्यरत चिकित्सा पेशेवरों को आधुनिक तकनीकी सहायता मिलने की उम्मीद है।
एम्स और गूगल के बीच तकनीकी सहयोग के मुख्य बिंदु
सुंदर पिचाई के अनुसार, गूगल और एम्स की यह साझेदारी मुख्य रूप से डॉक्टरों को नैदानिक प्रक्रियाओं में सहायता प्रदान करने पर केंद्रित होगी। एआई का उपयोग रोगियों की मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने और जटिल डेटा का विश्लेषण करने के लिए किया जाएगा। पिचाई ने स्पष्ट किया कि यह परियोजना अभी अपने शुरुआती चरण में है, लेकिन इसका उद्देश्य डॉक्टरों के कार्यभार को कम करना और सटीकता में सुधार करना है। एआई सिस्टम डॉक्टरों के लिए एक सहायक के रूप में कार्य करेगा, जिससे वे अधिक प्रभावी ढंग से उपचार के निर्णय ले सकेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय चर्चा
एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने से पहले सुंदर पिचाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान भारत और गूगल के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में सहयोग को और अधिक गहरा करने पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने रेखांकित किया कि भारत में एआई का पारिस्थितिकी तंत्र तेजी से विकसित हो रहा है और गूगल जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी से स्वास्थ्य, कृषि और भाषा जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होंगे और पिचाई ने इस मुलाकात को सकारात्मक बताया और कहा कि भारत की डिजिटल यात्रा में एआई एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
शिक्षा और शासन प्रणालियों में एआई का अनुप्रयोग
समिट के दौरान पिचाई ने केवल स्वास्थ्य सेवा ही नहीं, बल्कि अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी एआई की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एआई की मदद से शिक्षा प्रणाली को अधिक व्यक्तिगत और प्रभावी बनाया जा सकता है, जिससे छात्रों को उनकी सीखने की क्षमता के अनुसार मार्गदर्शन मिल सकेगा। इसके अतिरिक्त, सरकारी प्रणालियों और अस्पताल प्रबंधन में एआई के एकीकरण से प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और गति आने की संभावना है। पिचाई ने कहा कि एआई उन जटिल कार्यों को सरल बना सकता है जिन्हें पारंपरिक रूप से अधिक समय और संसाधनों की आवश्यकता होती है।
गूगल आई/ओ 2026 और भविष्य की योजनाएं
इस कार्यक्रम के दौरान गूगल ने अपने वार्षिक डेवलपर सम्मेलन 'गूगल आई/ओ 2026' की तारीखों की भी आधिकारिक घोषणा की। यह वैश्विक आयोजन 19 और 20 मई को कैलिफोर्निया में आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में कंपनी अपनी आगामी एआई तकनीकों और सॉफ्टवेयर अपडेट्स का प्रदर्शन करेगी। भारत में आयोजित इस समिट के माध्यम से गूगल ने यह स्पष्ट किया है कि वह भारतीय बाजार और यहां की विशिष्ट चुनौतियों के समाधान के लिए एआई को एक प्रमुख उपकरण के रूप में देख रहा है।
भारत में एआई बुनियादी ढांचे का विकास
सुंदर पिचाई ने भारत में एआई के भविष्य को लेकर कहा कि देश में तकनीकी नवाचार की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने स्थानीय भाषाओं के समर्थन और कृषि क्षेत्र में डेटा-संचालित समाधानों के महत्व पर जोर दिया। गूगल की योजना भारत में एआई बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की है ताकि छोटे और मध्यम उद्योगों के साथ-साथ सार्वजनिक सेवाओं को भी इस तकनीक का लाभ मिल सके। अधिकारियों के अनुसार, यह साझेदारी भारत के डिजिटल इंडिया मिशन को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध हो सकती है।
