गूगल भारत में करेगा ₹1.35 लाख करोड़ का निवेश, बिछेगी सब-सी केबल

गूगल ने भारत में अगले 5 वर्षों में 15 बिलियन डॉलर (लगभग ₹1.35 लाख करोड़) के निवेश की घोषणा की है। सीईओ सुंदर पिचाई के अनुसार, कंपनी विशाखापत्तनम से अमेरिका तक समुद्र के नीचे ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाएगी। इस निवेश का मुख्य उद्देश्य एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक कनेक्टिविटी को मजबूत करना है।

35 लाख करोड़) के बड़े निवेश की घोषणा की है। यह घोषणा नई दिल्ली में आयोजित 'एआई इम्पैक्ट समिट' के दौरान की गई। सुंदर पिचाई ने बुधवार 18 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था में कंपनी की दीर्घकालिक भागीदारी पर चर्चा की। कंपनी के अनुसार, यह निवेश अगले 5 वर्षों की अवधि में चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।

भारत-अमेरिका कनेक्ट इनिशिएटिव और सब-सी केबल

सुंदर पिचाई ने समिट में 'भारत-अमेरिका कनेक्ट इनिशिएटिव' लॉन्च करने की जानकारी दी और इस परियोजना के तहत भारत और अमेरिका के बीच समुद्र के नीचे एक नया ऑप्टिकल फाइबर केबल रूट तैयार किया जाएगा। यह सब-सी केबल दोनों देशों के बीच डेटा ट्रांसफर की गति को बढ़ाने और एआई कनेक्टिविटी को तेज करने में मदद करेगी। कंपनी के अनुसार, इस नए रूट से भारत के विभिन्न स्थानों की वैश्विक स्तर पर कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे डिजिटल सेवाओं के विस्तार के नए रास्ते खुलेंगे।

विशाखापत्तनम में बनेगा अंतरराष्ट्रीय लैंडिंग स्टेशन

इस निवेश योजना के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में गूगल आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक नया अंतरराष्ट्रीय सब-सी लैंडिंग स्टेशन स्थापित करेगा। यह स्टेशन गूगल के वैश्विक नेटवर्क के लिए भारत में एक प्रमुख प्रवेश बिंदु (Entry Point) के रूप में कार्य करेगा। अधिकारियों के अनुसार, इस स्टेशन के माध्यम से भारत को सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों से सीधे जोड़ा जाएगा। इसके अतिरिक्त, नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने और डेटा आउटेज की समस्याओं को कम करने के लिए चार अतिरिक्त फाइबर रूट भी जोड़े जाएंगे।

एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर का विस्तार

गूगल का यह निवेश भारत में डेटा सेंटर की क्षमता और क्लाउड कंप्यूटिंग बुनियादी ढांचे को विकसित करने पर केंद्रित है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस इंफ्रास्ट्रक्चर की मदद से जटिल एआई मॉडल को प्रशिक्षित करने में सहायता मिलेगी। सुंदर पिचाई के अनुसार, गूगल सरकारी संस्थानों और स्थानीय अकादमिक केंद्रों के साथ साझेदारी करेगा ताकि एआई साइंस मॉडल और राष्ट्रीय स्तर के शोध कार्यों को गति दी जा सके। यह कदम भारत में एआई सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए उठाया गया है।

कौशल विकास और एआई सर्टिफिकेट प्रोग्राम

तकनीकी बुनियादी ढांचे के साथ-साथ गूगल ने मानव संसाधन विकास पर भी ध्यान केंद्रित किया है। कंपनी ने भारत में एक नया 'एआई प्रोफेशनल सर्टिफिकेट प्रोग्राम' शुरू करने की घोषणा की है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय युवाओं और पेशेवरों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में विशेषज्ञ बनाना है। सुंदर पिचाई ने कहा कि यह पहल भारत में डिजिटल कौशल की कमी को दूर करने और एआई अर्थव्यवस्था के लिए तैयार कार्यबल तैयार करने में सहायक होगी।

वैश्विक नेटवर्क के साथ भारत का एकीकरण

गूगल की इस योजना का उद्देश्य भारत को वैश्विक डिजिटल मानचित्र पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है। अंडर-सी केबल और डिजिटल सिस्टम के माध्यम से कंपनी भारत को अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण-पूर्वी एशिया के साथ एकीकृत करना चाहती है। कंपनी के अनुसार, यह निवेश न केवल कनेक्टिविटी में सुधार करेगा, बल्कि डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर की स्केलेबिलिटी को भी सुनिश्चित करेगा और यह परियोजना भारत के फिजिकल और डिजिटल सिस्टम को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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