केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हिमाचल प्रदेश के लिए एक बहुत बड़ी घोषणा करते हुए राज्य के 6 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 320 नई स्नातकोत्तर यानी पीजी मेडिकल सीटें बढ़ाने के प्रस्ताव को केंद्र सरकार द्वारा मंजूरी दिए जाने की आधिकारिक जानकारी दी है। केंद्र सरकार की इस महत्वपूर्ण परियोजना के तहत हिमाचल प्रदेश को 415 करोड़ रुपये का भारी-भरकम अनुदान प्रदान किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश भर में चिकित्सा शिक्षा के निरंतर विस्तार की दिशा में इस कदम को एक मील का पत्थर माना जा रहा है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि इस सौगात से हिमाचल प्रदेश के युवाओं को अपने ही गृह राज्य में मेडिकल की उच्च शिक्षा प्राप्त करने के अधिक से अधिक सुनहरे अवसर प्राप्त होंगे। इसके साथ ही, राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले आम लोगों को और भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराने में अभूतपूर्व मदद मिलेगी।
प्रस्ताव पर तेजी से लिया गया महत्वपूर्ण फैसला
इस पूरे प्रस्ताव पर केंद्र सरकार द्वारा दिखाए गए त्वरित रुख का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विस्तार से बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से यह प्रस्ताव आधिकारिक तौर पर 23 जून 2026 को प्राप्त हुआ था। इसके तुरंत बाद, 6 अक्टूबर को एम्स बिलासपुर के दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री के साथ भी इस विषय पर विस्तृत चर्चा की गई थी और अब केंद्र सरकार ने अपनी प्रक्रिया पूरी करते हुए इन सभी प्रस्तावित 320 सीटों को अपनी पूर्ण मंजूरी दे दी है।
किस मेडिकल कॉलेज को मिली कितनी सीटें?
यह बताते हुए कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश के इस प्रस्ताव पर कितनी तेजी से काम किया है, जेपी नड्डा ने कहा कि अब हम राज्य सरकार से भी यह पूरी उम्मीद रखते हैं कि वह इतनी ही तत्परता और तेजी के साथ सभी आवश्यक प्रशासनिक कदम उठाएगी, ताकि प्रदेश के युवाओं और आम जनता को इन सीटों का लाभ जल्द से जल्द मिल सके। स्वीकृत की गई इन 320 नई पीजी सीटों का कॉलेज-वार विवरण इस प्रकार है: राजधानी शिमला के मेडिकल कॉलेज के लिए 91 सीटें, टांडा और हमीरपुर के मेडिकल कॉलेजों के लिए 57-57 सीटें, मंडी के मेडिकल कॉलेज के लिए 55 सीटें, नाहन के मेडिकल कॉलेज के लिए 32 सीटें और चंबा के मेडिकल कॉलेज के लिए 28 सीटें शामिल की गई हैं। इन सभी सीटों के जुड़ने से सर्जरी, हड्डी रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, बाल रोग, कैंसर सहित चिकित्सा विज्ञान के कई अन्य प्रमुख क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने में बहुत मदद मिलेगी, जिससे राज्य का स्वास्थ्य ढांचा और अधिक मजबूत होगा।
देशभर में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की बड़ी योजना
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने अपने संबोधन में आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों के दौरान देश भर में मेडिकल शिक्षा के समग्र विस्तार और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए कई बड़े और ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। इसी निरंतर चल रही कड़ी के तहत, केंद्र सरकार ने 15,000 करोड़ रुपये की कुल लागत से अगले पांच वर्षों की अवधि में देश भर में कुल 10,000 नई यूजी और पीजी मेडिकल सीटें बढ़ाने की एक महत्वाकांक्षी योजना को अपनी स्वीकृति दी है। हिमाचल प्रदेश के लिए स्वीकृत की गई ये 320 नई पीजी सीटें भी इसी वृहद राष्ट्रीय योजना का एक अभिन्न और महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
समय पर शुरू करने के लिए पूरे किए जाएं जरूरी काम
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने हिमाचल प्रदेश की राज्य सरकार से विशेष रूप से यह पुरजोर आग्रह किया कि वह इन सभी 320 नई सीटों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर शुरू करने के लिए सभी जरूरी और कागजी कदम तुरंत उठाए, ताकि विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलने में किसी भी प्रकार की देरी न हो। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में केंद्र सरकार की वित्तीय और तकनीकी मदद से चल रही अन्य महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं के कामकाज में भी अपेक्षित तेजी लाने की सख्त जरूरत बताई।
अन्य विकास परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे पर जोर
जेपी नड्डा ने इस बात पर भी विशेष बल दिया कि चंडीगढ़ बद्दी और भानुपल्ली बिलासपुर जैसी देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं में राज्य सरकार की तय वित्तीय हिस्सेदारी और जमीन अधिग्रहण से जुड़े तमाम लंबित मामलों का समाधान जल्द से जल्द किया जाना चाहिए। इसी प्रकार, केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में बनाए जा रहे क्रिटिकल केयर ब्लॉक्स और अत्याधुनिक जन स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं के निर्माण कार्यों में भी तेजी लाने की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हिमाचल प्रदेश के आम लोगों के हित से सीधे जुड़े किसी भी विकास कार्य में किसी भी स्तर पर देरी बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। केंद्र सरकार प्रदेश के चहुंमुखी विकास के लिए हरसंभव वित्तीय और प्रशासनिक सहयोग प्रदान कर रही है और हमारी यही अपेक्षा है कि राज्य सरकार भी इन सभी कल्याणकारी परियोजनाओं को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता दे और इन्हें समय पर पूरा करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए। अंत में नड्डा ने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मजबूत नेतृत्व में केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश में मेडिकल शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य बुनियादी सुविधाओं को अत्यधिक मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता सिर्फ और सिर्फ हिमाचल का विकास और यहां के हर परिवार का समग्र कल्याण है।
