भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल: केंद्र ने दी ₹12,980 करोड़ की गारंटी, जहाजों को मिलेगा सुरक्षा कवच

केंद्र सरकार ने समुद्री व्यापार को सुरक्षित करने के लिए 'भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल' (BMI Pool) को मंजूरी दी है। ₹12,980 करोड़ की सॉवरेन गारंटी के साथ, यह पहल युद्ध और समुद्री लुटेरों के खतरों के बीच भारतीय जहाजों को विदेशी कंपनियों पर निर्भरता के बिना व्यापक बीमा कवर प्रदान करेगी।

वैश्विक तनाव, समुद्री लुटेरों का खतरा और युद्ध जैसे हालात अक्सर अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बड़ा असर डालते हैं और ऐसे में भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए जहाजों और समुद्री व्यापार को सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम फैसला लिया है। दुनियाभर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और समुद्र में बढ़ते खतरों के बीच भारत ने अपने समुद्री व्यापार को सुरक्षित करने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने शनिवार को भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल (BMI Pool) के गठन को मंजूरी दे दी है। यह कदम न केवल भारतीय जहाजों को सुरक्षा देगा, बल्कि विदेशी कंपनियों पर हमारी निर्भरता को भी खत्म करेगा।

भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल का गठन और सरकारी गारंटी

शनिवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में एक बड़ा फैसला लेते हुए देश का अपना घरेलू समुद्री बीमा पूल (BMI Pool) बनाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है। सरकार ने इस पूल के लिए ₹12,980 करोड़ की सॉवरेन गारंटी (सरकारी गारंटी) दी है। इसका मतलब है कि अब युद्ध या तनाव जैसी कठिन परिस्थितियों में भी भारतीय जहाजों को बिना किसी रुकावट के बीमा कवर मिलता रहेगा। सरकार द्वारा ₹12,980 करोड़ की गारंटी देने का मुख्य उद्देश्य यह है कि अगर समुद्र में कोई बहुत बड़ी आपदा आती है, तो बीमा राशि के भुगतान की जिम्मेदारी भारत सरकार की होगी। इससे निवेशकों और शिपिंग कंपनियों का भरोसा बढ़ेगा और भारत किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध के खिलाफ ज्यादा लचीला बनेगा।

विदेशी कंपनियों पर निर्भरता खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम

वर्तमान में भारतीय जहाजों को बीमा के लिए अंतरराष्ट्रीय कंपनियों, जैसे लंदन स्थित क्लबों पर निर्भर रहना पड़ता है। जब दुनिया में कहीं युद्ध छिड़ता है या किसी देश पर प्रतिबंध लगते हैं, तो ये विदेशी कंपनियां अक्सर बीमा कवर देने से मना कर देती हैं या कीमतें बहुत बढ़ा देती हैं। इससे भारत का आयात-निर्यात प्रभावित होता है। इसी निर्भरता और अनिश्चितता को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने यह कदम उठाया है।

बीमा पूल के तहत मिलने वाले व्यापक कवर और लाभ

'भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल' समुद्री व्यापार से जुड़े लगभग सभी जोखिमों को कवर करेगा।

यह पूल उन सभी जहाजों को कवर देगा जो किसी भी अंतरराष्ट्रीय देश से भारत आ रहे हैं या भारत से बाहर जा रहे हैं, भले ही वे दुनिया के सबसे खतरनाक समुद्री गलियारों से क्यों न गुजर रहे हों।

आत्मनिर्भर शिपिंग सेक्टर और अंडरराइटिंग क्षमता

इस पूल की कुल अंडरराइटिंग क्षमता लगभग ₹950 करोड़ होगी, जिसे सदस्य बीमा कंपनियां मिलकर संभालेंगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बीमा से जुड़ी कानूनी विशेषज्ञता और क्लेम का निपटारा अब भारत में ही हो सकेगा। सरकार का यह कदम आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती देगा और भारतीय शिपिंग उद्योग की वैश्विक स्थिति को सुधारेगा।