भारत में बेरोजगारी दर बढ़ी: मार्च 2026 में 5.1% पहुंचा आंकड़ा, देखें रिपोर्ट

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (NSO) द्वारा जारी ताजा PLFS आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 में भारत की बेरोजगारी दर बढ़कर 5.1 प्रतिशत हो गई है। शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 6.8 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि श्रम बल भागीदारी दर में मामूली गिरावट देखी गई है।

देश में बेरोजगारी के मोर्चे पर ताजा आंकड़े सामने आए हैं, जो मार्च 2026 के दौरान बेरोजगारी में मामूली वृद्धि का संकेत देते हैं। 1 प्रतिशत हो गई है। 9 प्रतिशत दर्ज किया गया था। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि इस वृद्धि का मुख्य कारण शहरी इलाकों में उच्च बेरोजगारी दर का होना है।

शहरी बेरोजगारी दर में दर्ज किया गया इजाफा

PLFS द्वारा जारी आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया गया है कि शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी की स्थिति में बदलाव आया है। 6 प्रतिशत के स्तर पर थी। ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो, 15 साल और उससे ज्यादा उम्र की ग्रामीण महिलाओं में बेरोजगारी दर मार्च 2026 में लगभग स्थिर बनी रही। हालांकि, इसी आयु वर्ग के पुरुषों में बेरोजगारी दर फरवरी 2026 की तुलना में मार्च 2026 में मामूली रूप से अधिक दर्ज की गई है। अखिल भारतीय स्तर पर ये मासिक अनुमान कुल 3,75,262 व्यक्तियों के सर्वेक्षण से प्राप्त जानकारी पर आधारित हैं।

श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) के ताजा आंकड़े

श्रम बल भागीदारी दर (LFPR) के आंकड़ों में मार्च के दौरान स्थिरता और मामूली गिरावट का मिला-जुला रुख देखा गया है। 9 प्रतिशत के मुकाबले थोड़ी कम है। 7 प्रतिशत थी। शहरी क्षेत्रों में एलएफपीआर लगभग स्थिर बनी रही। 3 प्रतिशत से कम है। 2 प्रतिशत दर्ज की गई।

श्रमिक जनसंख्या अनुपात (WPR) की स्थिति

श्रमिक जनसंख्या अनुपात (WPR) के मामले में शहरी क्षेत्रों में व्यापक रूप से स्थिरता देखी गई है। 6 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। 3 प्रतिशत से कम है। 8 प्रतिशत रहा, जबकि फरवरी 2026 में यह आंकड़ा 47 प्रतिशत था।