भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: सेंसेक्स 755 अंक लुढ़का, निफ्टी 25600 के नीचे

शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ खुला। वैश्विक बाजारों के कमजोर संकेतों और आईटी सेक्टर में बिकवाली के कारण सेंसेक्स 755 अंक टूटकर 82,919 पर आ गया, जबकि निफ्टी 25,600 के स्तर से नीचे फिसल गया। बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान चौतरफा बिकवाली देखी गई।

शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार के खुलते ही दलाल स्ट्रीट पर बिकवाली का भारी दबाव देखा गया। 00 के स्तर पर खुला। 00 के स्तर पर आ गया। बाजार के जानकारों के अनुसार, वैश्विक बाजारों से मिले नकारात्मक संकेतों और विशेष रूप से अमेरिकी तकनीकी शेयरों में आई गिरावट ने घरेलू बाजार की धारणा को प्रभावित किया है। शुरुआती कारोबार में बाजार की चौड़ाई काफी कमजोर रही, जहां गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वाले शेयरों के मुकाबले अधिक दर्ज की गई।

आईटी सेक्टर में बिकवाली का भारी दबाव

बाजार की इस गिरावट में सबसे बड़ी भूमिका सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र की रही। निफ्टी आईटी इंडेक्स में शुरुआती कारोबार में ही बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), एचसीएल टेक्नोलॉजीज और विप्रो जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों में लाल निशान में कारोबार होता देखा गया। अमेरिकी बाजारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े शेयरों में आई बिकवाली और एंथ्रोपिक शॉक की आशंकाओं ने भारतीय आईटी कंपनियों पर दबाव बढ़ा दिया है। चूंकि भारतीय आईटी क्षेत्र का राजस्व काफी हद तक अमेरिकी बाजार पर निर्भर करता है, इसलिए वहां की हलचल का सीधा असर इन शेयरों पर पड़ा है।

अमेरिकी बाजारों से मिले कमजोर वैश्विक संकेत

वैश्विक स्तर पर अमेरिकी बाजारों में आई कमजोरी ने भारतीय निवेशकों के मनोबल को प्रभावित किया है। 00% से ज्यादा की गिरावट के साथ बंद हुआ था। पिछले एक साल से वैश्विक बाजारों में आई तेजी का मुख्य आधार एआई थीम रही थी और अब इस थीम में आ रही सुस्ती के कारण तकनीकी शेयरों में मुनाफावसूली देखी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, यदि अमेरिकी बाजारों में गिरावट का यह सिलसिला जारी रहता है, तो इसका असर अन्य उभरते बाजारों पर भी पड़ सकता है और हालांकि, भारतीय बाजार के संदर्भ में यह देखा जा रहा है कि एआई ट्रेड में आने वाली ठंडक लंबी अवधि के लिए अलग प्रभाव डाल सकती है।

कॉर्पोरेट अपडेट्स और प्रमुख शेयरों की स्थिति

बाजार की इस उथल-पुथल के बीच कई कंपनियों से जुड़ी खबरें भी चर्चा में रहीं। 00 करोड़ रुपये का एक नया प्रोजेक्ट मिलने की जानकारी सामने आई है। वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी की पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। इसके अतिरिक्त, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी गेल इंडिया में नए चेयरमैन की नियुक्ति को लेकर भी बाजार में चर्चा बनी हुई है। कोल इंडिया, ओएनजीसी, हिंडाल्को, इंद्रप्रस्थ गैस और बायोकॉन जैसे शेयरों पर भी बाजार की नजर बनी हुई है।

क्षेत्रवार प्रदर्शन और बाजार की स्थिति

आईटी के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी मिला-जुला रुख देखा गया। बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं के शेयरों में भी शुरुआती दबाव नजर आया। ऑटो सेक्टर में कुछ हद तक स्थिरता देखी गई, लेकिन बाजार के समग्र नकारात्मक रुख के कारण वहां भी बढ़त सीमित रही। मुथूट फाइनेंस, पीआई इंडस्ट्रीज, आईआरसीटीसी और पेट्रोनेट एलएनजी जैसे शेयरों में भी उतार-चढ़ाव का माहौल रहा। बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की गतिविधियों पर भी बाजार की दिशा निर्भर करेगी। वर्तमान में बाजार में अस्थिरता का स्तर बढ़ा हुआ है, जिससे निवेशकों के बीच सतर्कता देखी जा रही है।

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