शेयर बाजार अपडेट: सेंसेक्स और निफ्टी में मामूली बढ़त के साथ कारोबार शुरू

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 11 फरवरी 2026 को लगातार चौथे दिन तेजी देखी गई। बीएसई सेंसेक्स 65.23 अंक बढ़कर 84,339.15 पर और निफ्टी 62.30 अंक चढ़कर 25,997.45 पर खुला। बाजार में टाइटन के शेयरों में सबसे अधिक बढ़त दर्ज की गई, जबकि बीईएल के शेयरों में गिरावट रही।

भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार, 11 फरवरी 2026 को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में अपनी बढ़त बरकरार रखी। घरेलू बेंचमार्क सूचकांकों, बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 ने वैश्विक संकेतों और घरेलू संस्थागत प्रवाह के बीच हरे निशान में कारोबार की शुरुआत की। 15 के स्तर पर खुला। 45 के स्तर पर पहुंच गया।

बाजार में तेजी का यह सिलसिला पिछले सप्ताह शुक्रवार से शुरू हुआ था। हालांकि चालू सप्ताह के शुरुआती दो सत्रों में बाजार की चाल धीमी रही है, लेकिन सकारात्मक धारणा बनी हुई है। विश्लेषकों के अनुसार, बाजार में यह स्थिरता बड़े स्तर पर बिकवाली के अभाव और चुनिंदा ब्लू-चिप शेयरों में खरीदारी के कारण देखी जा रही है।

सेंसेक्स और निफ्टी के घटकों का प्रदर्शन

बुधवार को शुरुआती कारोबार के दौरान बाजार की चौड़ाई सकारात्मक रही। बीएसई सेंसेक्स की 30 प्रमुख कंपनियों में से 21 शेयर बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि 9 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। एनएसई निफ्टी 50 के आंकड़ों के अनुसार, इसके 50 घटकों में से 37 शेयर हरे निशान में खुले और 13 शेयरों ने लाल निशान में अपनी शुरुआत की। 26% की तेजी देखी गई, जिसने बाजार को शुरुआती सहारा दिया। 49% की गिरावट के साथ शीर्ष घाटे में रहे।

प्रमुख सेक्टर्स और शेयरों में हलचल

विभिन्न क्षेत्रों के शेयरों में मिश्रित रुझान देखने को मिला और 81% की वृद्धि दर्ज की गई। 33% की बढ़त के साथ खुले। 24% की तेजी रही। रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा स्टील जैसे भारी वजन वाले शेयरों ने भी मामूली बढ़त के साथ योगदान दिया।

गिरावट वाले शेयरों का विवरण

सकारात्मक शुरुआत के बावजूद, कुछ प्रमुख शेयरों में बिकवाली का दबाव देखा गया। 26% की गिरावट के साथ खुले। 07% की सुस्ती रही। 11%) शामिल रहे। 08% की मामूली गिरावट दर्ज की गई।

बाजार विश्लेषण और निष्कर्ष

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी का 26,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब पहुंचना एक महत्वपूर्ण तकनीकी घटनाक्रम है। विश्लेषकों का मानना है कि बाजार में मौजूदा बढ़त मुख्य रूप से सेक्टर-विशिष्ट रोटेशन और तिमाही परिणामों के बाद के समायोजन के कारण है। हालांकि वैश्विक बाजार की अनिश्चितताएं अभी भी बनी हुई हैं, लेकिन घरेलू निवेशकों का भरोसा बाजार को निचले स्तरों पर सहारा दे रहा है। निष्कर्षतः, भारतीय बाजार ने अपनी रिकवरी की राह जारी रखी है, लेकिन उच्च स्तरों पर मुनाफावसूली की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है।

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