मुथूट फाइनेंस: तिमाही मुनाफे में 95% की वृद्धि, शेयर 14% लुढ़के

मुथूट फाइनेंस ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में ₹2,656 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 95% अधिक है। हालांकि, शानदार वित्तीय परिणामों के बावजूद, शुक्रवार को कंपनी के शेयरों में 14% की भारी गिरावट देखी गई। बाजार की व्यापक बिकवाली को इस गिरावट का मुख्य कारण माना जा रहा है।

मुथूट फाइनेंस लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही के लिए अपने वित्तीय परिणामों की घोषणा की है, जिसमें कंपनी के शुद्ध लाभ में भारी उछाल देखा गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का स्टैंडअलोन शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 95% बढ़कर ₹2,656 करोड़ हो गया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में ₹1,363 करोड़ था। हालांकि, इन सकारात्मक आंकड़ों के बावजूद शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों को भारी बिकवाली का सामना करना पड़ा। शुक्रवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर मुथूट फाइनेंस के शेयर 14% तक गिरकर ₹3,577 के इंट्राडे निचले स्तर पर पहुंच गए।

वित्तीय प्रदर्शन और आय का विवरण

कंपनी की कुल आय में भी इस तिमाही के दौरान महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की गई है। मुथूट फाइनेंस की कुल आय साल-दर-साल आधार पर 64% बढ़कर ₹7,263 करोड़ तक पहुंच गई है। मुनाफे में इस बड़ी वृद्धि के पीछे प्रोविज़न में 47% की कमी और ₹111 करोड़ का अतिरिक्त लाभ प्रमुख कारण रहे हैं। कंपनी के प्रबंधन के अनुसार, परिचालन दक्षता और ऋण वसूली में सुधार ने वित्तीय स्थिति को मजबूत करने में मदद की है और हालांकि, बाजार विश्लेषकों ने नोट किया है कि तिमाही आधार पर मुनाफे के मार्जिन में मामूली नरमी देखी गई है, जिसने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया होगा।

एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

48 लाख करोड़ के स्तर पर पहुंच गया है। 40 लाख करोड़ रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, कुल लोन एयूएम में ₹38,905 करोड़ की वृद्धि हुई है, जो 36% की वार्षिक वृद्धि को दर्शाता है। विशेष रूप से दिसंबर तिमाही के दौरान, गोल्ड लोन एयूएम में ₹14,740 करोड़ की वृद्धि हुई, जो पिछली तिमाही की तुलना में लगभग 12% की वृद्धि है। यह वृद्धि दर्शाती है कि बाजार में गोल्ड लोन की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है।

गोल्ड लोन सेगमेंट और परिचालन मेट्रिक्स

गोल्ड लोन सेगमेंट कंपनी के पोर्टफोलियो का मुख्य आधार बना हुआ है। गोल्ड लोन एयूएम में सालाना आधार पर ₹36,702 करोड़ की वृद्धि हुई है। कंपनी के प्रबंध निदेशक जॉर्ज अलेक्जेंडर मुथूट के अनुसार, गोल्ड लोन क्षेत्र में मजबूत मांग और नियामक स्पष्टता से व्यवसाय को निरंतर समर्थन मिल रहा है। हालांकि, कुछ परिचालन मेट्रिक्स जैसे 'लोन-टू-वैल्यू' (LTV) अनुपात में मामूली गिरावट और टनेज (सोने की मात्रा) में कमी भी दर्ज की गई है। इन कारकों को बाजार द्वारा बारीकी से देखा जा रहा है, क्योंकि ये भविष्य की लाभप्रदता को प्रभावित कर सकते हैं।

भविष्य के लिए संशोधित विकास लक्ष्य

कंपनी के प्रबंधन ने भविष्य के विकास को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण साझा किया है। प्रबंध निदेशक ने घोषणा की है कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के लिए अपने वार्षिक विकास मार्गदर्शन (Growth Guidance) को संशोधित कर दिया है। पहले यह लक्ष्य 30-35% निर्धारित किया गया था, जिसे अब बढ़ाकर 44-45% कर दिया गया है। कंपनी का मानना है कि शाखा विस्तार के नियमों में ढील और सोने की कीमतों में मजबूती से एयूएम की वृद्धि को आगे भी समर्थन मिलेगा। इसके अलावा, क्रेडिट लागत और परिचालन व्यय उम्मीद के मुताबिक नियंत्रित रहे हैं।

बाजार की प्रतिक्रिया और ब्रोकरेज का रुख

शेयर बाजार में आई इस 14% की गिरावट को व्यापक बाजार बिकवाली और आईटी क्षेत्र में कमजोरी के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। ब्रोकरेज फर्म जेफरीज (Jefferies) ने मुथूट फाइनेंस पर अपनी रिपोर्ट में ₹4,750 का लक्ष्य मूल्य निर्धारित किया है। ब्रोकरेज के अनुसार, हालांकि तिमाही आधार पर मार्जिन में कुछ दबाव दिखा है, लेकिन एयूएम की मजबूत वृद्धि और बेहतर क्रेडिट लागत कंपनी के लिए सकारात्मक पहलू हैं। बाजार के जानकारों का कहना है कि सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव और नियामक परिवर्तनों का असर भी एनबीएफसी (NBFC) क्षेत्र के शेयरों पर देखने को मिल रहा है।


डिस्क्लेमर

यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है और इसमें कोई निवेश सलाह शामिल नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श लें।

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