ईरान की राजधानी तेहरान में एक बेहद तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली जब देश के विदेश मंत्री अब्बास अराघची को सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम यात्रा के दौरान भारी विरोध और बदसलूकी का सामना करना पड़ा। यह घटना उस समय हुई जब लाखों की संख्या में लोग अपने दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्र हुए थे। सोशल मीडिया पर वायरल हुए विभिन्न वीडियो में देखा जा सकता है कि शोक यात्रा में शामिल कुछ कट्टरपंथी और सरकार समर्थक प्रदर्शनकारी अराघची को देखते ही भड़क गए और उनके खिलाफ उग्र नारेबाजी करने लगे।
गद्दार और बेशर्म के नारों से गूंजा तेहरान
प्रदर्शनकारियों ने विदेश मंत्री अब्बास अराघची को निशाना बनाते हुए "गद्दार को मौत" और "बेशर्म" जैसे अपमानजनक नारे लगाए। भीड़ का यह गुस्सा मुख्य रूप से अमेरिका के साथ चल रही शांति वार्ता और युद्धविराम की रूपरेखा पर बातचीत को लेकर था। कट्टरपंथी गुटों का मानना है कि अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार का समझौता देश के हितों के खिलाफ है। विरोध प्रदर्शन इतना उग्र हो गया कि सुरक्षा कारणों और बढ़ते तनाव को देखते हुए अराघची को अयातुल्लाह खामेनेई की अंतिम यात्रा को बीच में ही छोड़कर वहां से जाना पड़ा। गौरतलब है कि केवल अराघची ही नहीं, बल्कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन को भी अंतिम संस्कार के दौरान इसी तरह की नाराजगी और हूटिंग का सामना करना पड़ा था।
विदेश मंत्री का सोशल मीडिया पर जवाब
इस घटना के बाद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की और उन्होंने सीधे तौर पर विरोध का जिक्र करने के बजाय अयातुल्लाह सैयद अली खामेनेई की अंतिम यात्रा में उमड़ी भारी भीड़ को देश की एकता और मजबूती का प्रतीक बताया। उन्होंने लिखा कि लाखों ईरानियों ने अपने नेता और उनकी विरासत को श्रद्धांजलि देने के लिए एकजुट होकर हिस्सा लिया है, जो ईरान की ताकत को दर्शाता है और उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो ईरान की जनता और न ही देश की सशस्त्र सेनाएं किसी भी प्रकार की बाहरी धमकी से डरने वाली हैं।
अमेरिका को समझौते की याद और कड़ी शर्तें
अराघची ने अपने बयान में अमेरिका को इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन की याद दिलाई और अपील की कि अमेरिका को अपने हस्ताक्षरों और किए गए वादों का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि जब तक ईरान के खिलाफ धमकियां बंद नहीं होंगी, तब तक किसी भी अंतिम समझौते पर बातचीत शुरू नहीं की जाएगी और विदेश मंत्री का यह रुख दर्शाता है कि आंतरिक विरोध के बावजूद वे कूटनीतिक मोर्चे पर अपनी शर्तों पर अडिग हैं। यह पूरी घटना ईरान की आंतरिक राजनीति में बढ़ते मतभेदों और अमेरिका के साथ संबंधों को लेकर देश के भीतर मौजूद गहरे तनाव को उजागर करती है।
- तेहरान में अयातुल्लाह खामेनेई की अंतिम यात्रा के दौरान अब्बास अराघची का जोरदार विरोध हुआ।
- भीड़ ने उन्हें अमेरिका के साथ शांति वार्ता की कोशिशों के कारण गद्दार और पाखंडी कहा।
- विरोध के कारण विदेश मंत्री को अंतिम यात्रा बीच में ही छोड़नी पड़ी।
- राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन को भी जनता की हूटिंग का सामना करना पड़ा।
- अराघची ने अमेरिका से इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन का सम्मान करने और धमकियां बंद करने को कहा।
