Pakistan Train Hijack / PAK सेना झूठ बोल रही है? BLA का दावा- अब भी 150 सैनिक हमारे कब्जे में

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हाईजैक हुई ज़फर एक्सप्रेस को लेकर BLA और पाक सरकार के दावे अलग-अलग हैं। BLA के मुताबिक 60 पाक सैनिक मारे गए और 150 अब भी बंधक हैं, जबकि पाक सरकार ने ऑपरेशन सफल बताया। चश्मदीदों ने 70-80 शव देखने का दावा किया, जिससे पाक सेना के बयानों पर सवाल उठ रहे हैं।

Pakistan Train Hijack: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में जफर एक्सप्रेस ट्रेन के हाईजैक होने के बाद से स्थिति बेहद तनावपूर्ण बन चुकी है। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) और पाकिस्तान सरकार दोनों अलग-अलग दावे कर रही हैं, जिससे स्थिति में लगातार भ्रम की स्थिति बनी हुई है। BLA का कहना है कि ट्रेन में 60 सैनिक मारे गए हैं और 150 अभी भी उनके कब्जे में हैं, जबकि पाकिस्तान सरकार ने अपने दावे में कहा है कि ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है और सभी सुसाइड बॉम्बर्स को मार गिराया गया है। इस स्थिति में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिरकार सच्चाई क्या है?

BLA और पाकिस्तान के दावों में अंतर

BLA का दावा है कि ट्रेन में कुल 426 यात्री थे, जिनमें से 214 पाकिस्तान के सैनिक थे। BLA के अनुसार, उसने 60 सैनिकों को मार गिराया है और 150 अभी भी उसके कब्जे में हैं। इसके साथ ही, पाकिस्तान आर्मी के हमले में BLA के तीन कमांडर भी मारे गए हैं। इसके विपरीत, पाकिस्तान सरकार ने कहा कि उसकी सेना और एयरफोर्स ने ऑपरेशन को पूरा किया, जिसमें 21 यात्री और 4 सैनिक मारे गए। पाकिस्तान का कहना है कि सभी 33 BLA लड़ाके मारे गए हैं और 212 नागरिकों को बिना किसी नुकसान के रिहा कर दिया गया है।

BLA की डेडलाइन और पाकिस्तान का जवाब

BLA ने पाकिस्तान सरकार को एक कड़ा अल्टीमेटम दिया है, जिसमें कहा गया है कि अगर पाकिस्तान ने उनके बलूच कैदियों को नहीं छोड़ा, तो वे ट्रेन में मौजूद सभी 150 बंधकों को मार देंगे। यह डेडलाइन आज दोपहर 1 बजे खत्म हो रही है, और BLA ने चेतावनी दी है कि हर घंटे में 5 बंधक मारे जाएंगे। BLA का कहना है कि उन्होंने आम नागरिकों को बिना नुकसान के छोड़ दिया है और पाकिस्तान सरकार से कोई संवाद की कोशिश नहीं की गई। वे ये भी कहते हैं कि पाकिस्तान अब अपनी गलती सुधारने का आखिरी मौका खोने के कगार पर है और उसे झूठे प्रोपेगेंडा को बंद करना होगा।

चश्मदीदों की गवाही और पाकिस्तान के दावों पर सवाल

वहीं, चश्मदीदों के बयान भी पाकिस्तान के दावों को चुनौती दे रहे हैं। कुछ चश्मदीदों ने दावा किया कि ट्रेन के बाहर 70 से 80 शव पड़े हुए थे और कई शव ट्रेन के भीतर भी थे। अगर पाकिस्तान का दावा सच है कि ऑपरेशन के दौरान सिर्फ 25 मौतें हुईं, तो फिर ये शव कहां हैं? क्या पाकिस्तान अपने आंकड़ों को छुपा रहा है या फिर वह सच्चाई से मुंह मोड़ रहा है? इस पर अभी तक कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिल सके हैं।

क्या पाकिस्तान छिपा रहा है सच्चाई?

पाकिस्तान के दावे पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। एक ओर तो पाकिस्तान सरकार कह रही है कि ऑपरेशन सफल रहा और सिर्फ 25 लोगों की मौत हुई, लेकिन दूसरी ओर चश्मदीदों और बलूच आर्मी के दावे इस आंकड़े से कहीं ज्यादा गंभीर हैं। क्वेटा रेलवे स्टेशन पर 200 ताबूत पहुंचने की खबरें भी आई हैं, जो पाकिस्तान के दावे को और भी संदिग्ध बनाती हैं।

पाकिस्तान सरकार को अपनी तरफ से कोई साक्ष्य या वीडियो जारी नहीं किए गए हैं, जो उसके दावों को सही साबित कर सकें। यदि ट्रेन अभी भी बलूच आर्मी के कब्जे में है, तो फिर उसकी तस्वीरें या वीडियो कहां हैं?

निष्कर्ष

बलूचिस्तान में जफर एक्सप्रेस ट्रेन के हाईजैक होने के बाद से दोनों पक्षों के दावे एक दूसरे से मेल नहीं खा रहे हैं। इस स्थिति में यह समझना मुश्किल हो रहा है कि कौन सा दावा सही है। हालांकि, पाकिस्तान सरकार को अपनी स्थिति को स्पष्ट करने और बलूच आर्मी के आरोपों का जवाब देने की आवश्यकता है। इसके अलावा, चश्मदीद गवाहियों और पाकिस्तान के आंकड़ों में स्पष्ट अंतर को देखते हुए, यह सवाल उठता है कि क्या पाकिस्तान सच छुपा रहा है। आने वाले घंटों में, यह देखना होगा कि क्या पाकिस्तान इस विवाद को हल कर पाता है या नहीं।

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