इजराइल ने एक भारतीय नागरिक की असाधारण बहादुरी और वीरता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित करने का निर्णय लिया है और इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को 'प्रेसिडेंशियल अवार्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म' यानी नागरिक वीरता के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए इजराइल आमंत्रित किया है। यह सम्मान उन्हें एक ऐसी घटना के लिए दिया जा रहा है, जिसमें उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर सैकड़ों लोगों की जान बचाई और एक बड़ी विमान दुर्घटना को टाल दिया।
आसमान में टला बड़ा हादसा
यह पूरी घटना 30 सितंबर की है, जब फ्लाईदुबई का एक विमान दुबई से तेल अवीव के लिए उड़ान भर रहा था। इस विमान में 174 यात्री और चालक दल के 6 सदस्य सवार थे, यानी कुल 180 लोगों की जान दांव पर लगी थी। उड़ान के दौरान अचानक कॉकपिट में एक बेहद खतरनाक स्थिति पैदा हो गई। विमान के सह-पायलट ने विमान को क्रैश करने की कोशिश की, जो एक आत्मघाती कदम हो सकता था। इस दौरान कैप्टन स्मित मच्छार ने न केवल स्थिति को संभाला, बल्कि अपने सह-पायलट के जानलेवा हमले का भी सामना किया।
सह-पायलट के साथ हुई इस भिड़ंत में कैप्टन मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हालांकि, गंभीर चोटें आने के बावजूद उन्होंने अपना हौसला नहीं खोया और विमान पर नियंत्रण बनाए रखा। उनकी सूझबूझ और पेशेवर दक्षता के कारण ही विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के ताबूक की ओर मोड़ा जा सका, जहां उसकी सुरक्षित लैंडिंग कराई गई और कैप्टन मच्छार के इस साहसी कदम ने 174 यात्रियों और 6 क्रू मेंबर्स की जान बचा ली और एक बड़ी तबाही को होने से रोक दिया।
राष्ट्रपति इसाक हर्जोग का आभार और सम्मान
कैप्टन स्मित मच्छार की इस बहादुरी की गूंज इजराइल के उच्चतम स्तर तक पहुंची है। राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने 4 अक्टूबर को एक पत्र लिखकर कैप्टन मच्छार के प्रति अपना गहरा आभार व्यक्त किया। राष्ट्रपति ने अपने पत्र में लिखा कि कैप्टन मच्छार के असाधारण साहस और दृढ़ संकल्प ने एक बड़ी त्रासदी को टालने में मदद की है। उन्होंने कहा कि इजराइल की जनता इस भारतीय पायलट की ऋणी है और उनकी बहादुरी को सलाम करती है।
राष्ट्रपति हर्जोग ने स्पष्ट किया कि जैसे ही कैप्टन मच्छार पूरी तरह से स्वस्थ हो जाएंगे, उन्हें इजराइल आमंत्रित किया जाएगा। " यह पुरस्कार उन नागरिकों को दिया जाता है जो अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की जान बचाने के लिए असाधारण वीरता का प्रदर्शन करते हैं।
स्वस्थ होने के बाद होगा भव्य समारोह
फिलहाल कैप्टन स्मित मच्छार उस हमले में लगी चोटों से उबर रहे हैं और उनका इलाज चल रहा है। इजराइली राष्ट्रपति ने उनके शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने कहा कि कैप्टन मच्छार ने जिस तरह से गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद परिस्थितियों का सामना किया, वह उन्हें इस सर्वोच्च नागरिक वीरता सम्मान के योग्य बनाता है। यह घटना न केवल एक पायलट की बहादुरी की कहानी है, बल्कि यह एक भारतीय नागरिक के वैश्विक स्तर पर दिखाए गए अदम्य साहस का भी प्रतीक है।
फ्लाईदुबई विमान में सवार उन 174 यात्रियों के लिए कैप्टन मच्छार किसी फरिश्ते से कम नहीं थे। इजराइल सरकार द्वारा दिया जाने वाला यह सम्मान भारत और इजराइल के बीच मानवीय संबंधों को भी मजबूती प्रदान करता है। पूरी दुनिया अब कैप्टन मच्छार के स्वस्थ होने की प्रतीक्षा कर रही है, ताकि उन्हें वह सम्मान दिया जा सके जिसके वे हकदार हैं। उनकी बहादुरी ने यह साबित कर दिया कि संकट के समय में लिया गया सही फैसला और अटूट साहस ही सबसे बड़ी जीत होती है।
