अमेरिका ने शुक्रवार को एक बड़ा कूटनीतिक और आर्थिक फैसला लेते हुए अगले साल 7 अप्रैल तक रूसी डीजल की बिक्री पर लगी पाबंदियों को हटाने का ऐलान किया है। यह महत्वपूर्ण निर्णय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई गहन बातचीत के बाद लिया गया है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य वैश्विक और अमेरिकी बाजारों में ईंधन की आपूर्ति को सुचारू बनाना और बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाना है। हालांकि, इस कदम ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है और यूक्रेन ने इस पर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने ट्रंप के इस कदम की तीखी आलोचना की है और इसे एक बेहद कमजोर फैसला करार दिया है।
जेलेंस्की ने फैसले को बताया कमजोर और खतरनाक
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने राष्ट्रपति ट्रंप के इस फैसले की निंदा करते हुए कहा कि मॉस्को को अपने पेट्रोलियम उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचने की अनुमति देने से रूस को यूक्रेन के खिलाफ जारी जंग को जारी रखने के लिए अतिरिक्त फंड मिलेगा। जेलेंस्की का तर्क है कि इस डीजल बिक्री से होने वाली कमाई का इस्तेमाल सीधे तौर पर रूसी सेना की मजबूती के लिए किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुतिन को इस तरह के उपहार देने से दुनिया को शांति या कोई फायदा नहीं होगा और जेलेंस्की ने इस बात पर भी जोर दिया कि इस तरह के फैसले अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के प्रभाव को कम करते हैं और हमलावर देश को आर्थिक मजबूती प्रदान करते हैं।
यह समझौता उस समय घोषित किया गया जब यूक्रेन का एक प्रतिनिधिमंडल रूस के साथ युद्ध को सुलझाने के लिए अमेरिका में मौजूद था। जेलेंस्की ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वार्ताकारों को धोखे के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका मानना है कि एक तरफ शांति वार्ता की कोशिशें हो रही हैं और दूसरी तरफ रूस को आर्थिक राहत दी जा रही है, जो यूक्रेन के हितों के खिलाफ है।
ट्रेजरी डिपार्टमेंट की आधिकारिक घोषणा के विवरण
अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने राष्ट्रपति ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच बातचीत के कुछ ही मिनटों बाद इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की। विभाग ने कहा कि रूसी हानिकारक विदेशी गतिविधियों से जुड़े प्रतिबंध नियमों के तहत प्रतिबंधित सभी लेन-देन, जो रूसी संघ में बने डीजल की बिक्री, डिलीवरी, अनलोडिंग या आयात से संबंधित हैं, उन्हें मंजूरी दे दी गई है। इसमें अमेरिका में होने वाला आयात भी शामिल है। ट्रेजरी डिपार्टमेंट के अनुसार, यह छूट 7 अप्रैल 2027 को रात 12 बजकर 1 मिनट (ईस्टर्न डेलाइट टाइम) तक के लिए मान्य होगी। यह समय सीमा स्पष्ट करती है कि अमेरिका लंबे समय तक रूसी डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना चाहता है।
डीजल आपूर्ति का निर्धारित लक्ष्य और ट्रंप का बयान
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिए इस समझौते के आंकड़ों को साझा किया। ट्रंप ने बताया कि रूस तुरंत 3 लाख टन से ज्यादा डीजल की सप्लाई करेगा। इसके बाद आपूर्ति की योजना को और विस्तार दिया जाएगा, जिसमें नवंबर में 5 लाख टन और उसके तुरंत बाद 10 लाख टन डीजल की सप्लाई शामिल है। ट्रंप ने यह भी कहा कि रूस अपनी रिफाइनरियों की स्थिति और उत्पादन क्षमता के आधार पर भविष्य में 30 लाख टन और डीजल की सप्लाई कर सकता है। इस बड़े पैमाने पर होने वाली आपूर्ति से बाजार में ईंधन की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।
वैश्विक बाजार की स्थिति और राजनीतिक दबाव
दुनिया भर में डीजल की कीमतें हाल के समय में काफी बढ़ गई हैं। इसके पीछे मुख्य कारण यूक्रेन द्वारा रूसी रिफाइनरियों पर किए गए हमले हैं, जिससे मॉस्को को डीजल के निर्यात पर रोक लगानी पड़ी थी। इसके अलावा, सऊदी अरब में रिफाइनरियों पर हूती मिलिशिया के हमलों ने भी वैश्विक ईंधन आपूर्ति को कम कर दिया था। अमेरिका के भीतर, राष्ट्रपति ट्रंप पर ईंधन की कीमतें कम करने के लिए भारी राजनीतिक दबाव है, विशेष रूप से नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले। ट्रंप प्रशासन का यह फैसला घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने और अर्थव्यवस्था को स्थिर करने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है, भले ही इसके लिए रूस के साथ समझौता करना पड़ा हो।
