अमेरिका के F-35 के बाद ईरान ने अब मार गिराया इजरायल का भी लड़ाकू विमान

ईरानी सेना ने शनिवार को इजरायली लड़ाकू विमान को निशाना बनाने का दावा किया है। इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने पुष्टि की कि ईरान के ऊपर एक मिशन के दौरान उनके विमान पर सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल दागी गई, हालांकि विमान सुरक्षित लौट आया।

तेहरान और यरूशलेम के बीच जारी सैन्य तनाव के बीच शनिवार को एक बड़ी घटना सामने आई है। ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के F-35 लड़ाकू विमान को निशाना बनाने के ठीक एक दिन बाद इजरायल के एक लड़ाकू विमान पर हमला किया है। तेहरान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब इजरायली वायु सेना (IAF) का एक विमान ईरानी हवाई क्षेत्र में एक विशेष मिशन पर था। इजरायली अधिकारियों ने इस हमले की पुष्टि की है, लेकिन उन्होंने विमान के गिरने के दावे को खारिज कर दिया है। इजरायली रक्षा बलों (IDF) के अनुसार, उनके पायलट ने सूझबूझ का परिचय देते हुए विमान को सुरक्षित बचा लिया और मिशन को योजना के अनुसार पूरा किया।

ईरानी हवाई क्षेत्र में मिसाइल दागने की घटना

शनिवार को हुई इस घटना ने मध्य पूर्व में पहले से ही अस्थिर स्थिति को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, इजरायली लड़ाकू विमान ईरान के ऊपर एक ऑपरेशन का हिस्सा था, तभी उस पर सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (SAM) से हमला किया गया। ईरानी मीडिया आउटलेट्स ने इसे अपनी वायु रक्षा प्रणाली की बड़ी सफलता के रूप में पेश किया है। हालांकि, इजरायल की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि विमान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। यह हमला ईरान की उस चेतावनी के बाद आया है जिसमें उसने अपने हवाई क्षेत्र के किसी भी उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की बात कही थी। सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की घटनाएं दोनों देशों के बीच सीधे हवाई संघर्ष के जोखिम को बढ़ाती हैं।

इजरायली वायु सेना की प्रतिक्रिया और पायलट का बचाव

इजरायल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली वायु सेना (IAF) ने स्वीकार किया कि उनका एक जेट ईरान के ऊपर एंटी-एयरक्राफ्ट फायर की चपेट में आया था। आईडीएफ के प्रवक्ता ने बताया कि जैसे ही सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल लॉन्च की गई, विमान के क्रू ने निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया। पायलट की सतर्कता और पेशेवर कौशल के कारण मिसाइल अपने लक्ष्य को भेदने में विफल रही। आईडीएफ ने स्पष्ट किया कि विमान सुरक्षित रूप से अपने बेस पर लौट आया है और मिशन के उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। यह घटना इजरायली पायलटों के प्रशिक्षण और उनकी उन्नत इलेक्ट्रॉनिक काउंटरमेजर प्रणालियों की प्रभावशीलता को दर्शाती है, जो दुश्मन की मिसाइलों को भ्रमित करने में सक्षम हैं।

तेहरान टाइम्स और क्षेत्रीय मीडिया के दावे

ईरानी समाचार पत्र तेहरान टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि ईरानी वायु रक्षा प्रणालियों ने इजरायली घुसपैठ का प्रभावी ढंग से जवाब दिया है। रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि यह कार्रवाई ईरान की संप्रभुता की रक्षा के लिए की गई थी। हालांकि, रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इजरायल का कौन सा विशिष्ट विमान मॉडल इस हमले का शिकार हुआ था। ईरानी अधिकारियों ने इस घटना को अपनी रक्षा क्षमताओं के प्रदर्शन के रूप में देखा है। इससे पहले शुक्रवार को भी ईरान ने एक अमेरिकी F-35 विमान को मार गिराने का दावा किया था, जिसे अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं किया है। क्षेत्रीय मीडिया इस घटना को ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते 'छाया युद्ध' के प्रत्यक्ष संघर्ष में बदलने के संकेत के रूप में देख रहा है।

ईरानी वायु रक्षा प्रणालियों की सक्रियता और तकनीकी पक्ष

ईरान ने हाल के वर्षों में अपनी वायु रक्षा प्रणालियों को काफी उन्नत किया है। इसमें बावर-373 और खोरदाद-15 जैसी स्वदेशी प्रणालियों के साथ-साथ रूस से प्राप्त S-300 प्रणालियां भी शामिल हैं। शनिवार की घटना में किस विशेष मिसाइल प्रणाली का उपयोग किया गया, इसकी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि ईरान अपनी सीमाओं के भीतर इजरायली और अमेरिकी विमानों की आवाजाही को रोकने के लिए अपनी रडार और मिसाइल क्षमताओं का आक्रामक रूप से उपयोग कर रहा है और इजरायली वायु सेना के लिए ईरान की यह बढ़ती सक्रियता एक बड़ी चुनौती पेश करती है, क्योंकि उसे अपने ऑपरेशनों के दौरान अत्यधिक उन्नत और घातक हवाई रक्षा वातावरण का सामना करना पड़ रहा है।

क्षेत्र में बढ़ते सैन्य जोखिम और सामरिक स्थिति

इजरायल और ईरान के बीच यह ताजा टकराव एक ऐसे समय में हुआ है जब पूरे क्षेत्र में युद्ध की स्थिति बनी हुई है। इजरायली वायु सेना लगातार सीरिया, लेबनान और अब ईरान के आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय है और आईडीएफ ने पुष्टि की है कि पायलट की सतर्कता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह घटना दर्शाती है कि ईरानी हवाई क्षेत्र में जोखिम का स्तर काफी बढ़ गया है। अब तक के संघर्ष में इजरायल ने अपनी वायु श्रेष्ठता बनाए रखी है, लेकिन ईरान की ओर से किए जा रहे मिसाइल हमले इस संतुलन को चुनौती दे रहे हैं। दोनों देशों के बीच बढ़ते इस तनाव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि किसी भी छोटी सी चूक से बड़े पैमाने पर क्षेत्रीय युद्ध छिड़ सकता है।