श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर पुलिस (Jammu Kashmir Police) ने अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी (Syed Ali Shah Geelani) के निधन के बाद घटे घटनाक्रम का सिलसिलेवार वीडियो जारी किया है. गिलानी की मौत के बाद घटनाक्रम को लेकर विवाद हुआ था. कश्मीर पुलिस ने सोमवार को एक बयान में बताया कि अधिकारियों को गिलानी के घर पर तीन घंटे इंतजार करना पड़ा था, जब वे उनकी मौत के बाद उन्हें दफनाने के लिए गए थे. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा कि संभवतः पाकिस्तान और असमाजिक तत्वों के दबाव में गिलानी का परिवार देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हुआ.
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कथित तौर पर सीमा पार से फैलाई जा रही अफवाहों का खंडन करते हुए अपने ट्विटर हैंडल के जरिये 4 वीडियो जारी किए. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गिलानी के शव को पाकिस्तानी झंडे (Pakistan Flag) में लपेटने और उनके घर पर देश विरोधी नारे लगाने को लेकर कड़े गैर कानूनी गतिविधियां रोकथाम (UAPA) कानून के तहत मामला दर्ज किया है.
Visuals from the graveyard during burial of SAS Geelani. pic.twitter.com/ndvcHx5xtG
— Kashmir Zone Police (@KashmirPolice) September 6, 2021
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कहा कि गिलानी के निधन के बाद आईजी कश्मीर विजय कुमार, एसपी और एएसपी उनके दोनों बेटों से रात 11 बजे के वक्त मिले. उन्होंने शोक संवेदना व्यक्त की और आम जनता के व्यापक हित को देखते हुए रात में उन्हें दफनाने की गुजारिश की. दोनों इस पर सहमत हो गए. लेकिन वहां गिलानी के पार्थिव शरीर को पाकिस्तानी झंडे में लपेटा गया और पाकिस्तान के पक्ष में नारेबाजी की गई.
पड़ोसियों को बाहर आने के लिए उकसाया गया. काफी देर तक मनाने के बाद रिश्तेदार उनके शव को कब्रिस्तान लेकर आए, जहां उन्हें दफनाने की प्रक्रिया इंतजामिया कमेटी के सदस्यों और स्थानीय इमाम की मौजूदगी में पूरी की गई. उनके दोनों बेटों के कब्रिस्तान आने से इनकार, उनके पाकिस्तानी एजेंडे के प्रति वफादारी का संकेत देता है, बजाय कि वे अपने पिता को प्यार और सम्मान के साथ अंतिम विदाई देते.
