अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए पिछले एक साल में अरबों रुपये पानी की तरह बहाए हैं। यह विशाल खर्च, जो तीन मुख्य मोर्चों पर किया गया, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' (MAGA)। अभियान के वादे के विपरीत प्रतीत होता है, जिसमें महंगे विदेशी सैन्य हस्तक्षेपों से बचने की बात कही गई थी। इस ऑपरेशन को अमेरिका के सबसे महंगे सैन्य अभियानों में से एक बताया जा रहा है, जिसमें महत्वपूर्ण नौसैनिक और हवाई तैनाती, एक बड़ा इनाम और गुप्त सीआईए गतिविधियां शामिल थीं, सभी का उद्देश्य मादुरो को निष्क्रिय करना था।
ऑपरेशन साउदर्न स्पीयर: एक महंगा सैन्य अभियान
निकोलस मादुरो को बेअसर करने के प्रयास का मुख्य हिस्सा 'ऑपरेशन साउदर्न स्पीयर' नामक एक पहल थी, जिसे सितंबर में शुरू किया गया था। डिफेंस वन मैगजीन के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी अभियान में जबरदस्त सैन्य संपत्तियों की तैनाती शामिल थी और इसमें सबसे आगे एक युद्धपोत, एक परमाणु पनडुब्बी और एक जेराल्ड फोर्ड-श्रेणी का विमानवाहक पोत था, जिनका कुल मूल्य $40 अरब डॉलर था। ये नौसैनिक संपत्तियां वेनेजुएला के चारों ओर घेराबंदी की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा थीं। नौसैनिक शक्ति के पूरक के रूप में, ऑपरेशन में 83 फाइटर जेट, 10 उन्नत एफ-35 जेट और 7 रीपर ड्रोन सहित महत्वपूर्ण हवाई श्रेष्ठता की भी तैनाती देखी गई। इन हवाई घटकों का मूल्य अकेले $3 अरब डॉलर था। इस तैनाती का पैमाना इतना बड़ा था कि परिचालन लागत खगोलीय थी, वेनेजुएला के आसपास इन संपत्तियों को बनाए रखने के लिए प्रति घंटे $333,000 (लगभग 3 करोड़ भारतीय रुपये) का अनुमानित खर्च आता था। सितंबर से जनवरी तक फैला यह पूरा परिचालन चरण, लगभग 3700 घंटे की सक्रिय। तैनाती तक चला, जिससे इस सैन्य घेराबंदी के लिए कुल लागत बहुत अधिक हो गई।
मादुरो के सिर पर भारी इनाम
प्रत्यक्ष सैन्य खर्चों के अलावा, निकोलस मादुरो को पकड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण वित्तीय प्रोत्साहन भी रखा गया था। संयुक्त राज्य अमेरिका ने उनकी गिरफ्तारी की जानकारी देने वाले को $50 मिलियन (लगभग 450 करोड़ भारतीय रुपये) का एक बड़ा इनाम देने की पेशकश की थी। यह इनाम कथित तौर पर ऑपरेशन के तुरंत बाद अधिकारियों को वितरित किया गया था और विशेष रूप से, एक हेलीकॉप्टर उतारने में शामिल एक पायलट को अमेरिकी खजाने से लगभग $2 मिलियन की राशि दी गई थी, जो प्रमुख कर्मियों के लिए विशिष्ट प्रोत्साहनों का संकेत देता है। इस इनाम की विशालता मादुरो की गिरफ्तारी पर अमेरिका द्वारा दी गई उच्च प्राथमिकता को रेखांकित करती है, क्योंकि यह ओसामा बिन लादेन। के लिए पहले दिए गए इनाम से दोगुना था, जो वेनेजुएला के नेता के कथित खतरे या रणनीतिक महत्व को उजागर करता है।
सीआईए का व्यापक गुप्त अभियान और बजट आवंटन
मादुरो के खिलाफ ऑपरेशन केवल एक पारंपरिक सैन्य प्रयास नहीं था; इसमें केंद्रीय खुफिया एजेंसी (सीआईए) के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण गुप्त घटक भी शामिल था और व्हाइट हाउस के अनुसार, सीआईए को इस साल अपने अभियानों के लिए $101 बिलियन (लगभग 9 लाख करोड़ भारतीय रुपये) का एक बड़ा बजट आवंटित किया गया था। यह बजट मोटे तौर पर विभाजित था, जिसमें $73 बिलियन खुफिया जानकारी जुटाने के लिए और $28 बिलियन सैन्य कार्रवाई के लिए निर्धारित किए गए थे। इस कुल सीआईए बजट का एक बड़ा हिस्सा कथित तौर पर वेनेजुएला ऑपरेशन के लिए लगाया गया था, जो मादुरो को अस्थिर करने या पकड़ने के प्रयास में शामिल खुफिया और गुप्त कार्रवाई की गहराई को दर्शाता है। यह आवंटन अमेरिका द्वारा अपनाए गए बहु-आयामी दृष्टिकोण को दर्शाता है, जिसमें। प्रत्यक्ष सैन्य दबाव को गुप्त खुफिया अभियानों के साथ जोड़ा गया था।
जमीनी तैनाती और रणनीतिक योजना
वेनेजुएला की राजधानी काराकास की सैन्य घेराबंदी रणनीति का एक महत्वपूर्ण पहलू था। ऑपरेशन में 150 हेलीकॉप्टरों की तैनाती शामिल थी, जो तेजी से हवाई हमले या निकासी के लिए तत्परता का सुझाव देता है। इसके अलावा, लगभग 10,000 अमेरिकी सैनिकों को काराकास के आसपास रणनीतिक रूप से तैनात किया गया था, जो क्षेत्र को सुरक्षित करने या विशिष्ट उद्देश्यों को पूरा करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण जमीनी उपस्थिति का संकेत देता है। इस व्यापक सैन्य कार्रवाई की योजना कथित तौर पर अगस्त में शुरू हुई थी, जिसमें अमेरिकी सैनिकों ने सावधानीपूर्वक हमले की योजना विकसित की थी। यह दीर्घकालिक रणनीतिक तैयारी मादुरो को सत्ता से हटाने के अमेरिकी इरादे की गंभीरता और व्यापक प्रकृति को रेखांकित करती है।
पिछली विफलताएं और विकसित रणनीति
वर्तमान ऑपरेशन वेनेजुएला में नेतृत्व परिवर्तन को प्रभावित करने का संयुक्त राज्य अमेरिका का पहला प्रयास नहीं था। 2020 में, अमेरिका ने पहले भी वेनेजुएला के खिलाफ एक ऑपरेशन चलाने की कोशिश की थी, लेकिन उस समय उसे सफलता नहीं मिल पाई थी। इस पिछली विफलता से सीखते हुए, अमेरिका ने इस बार अधिक सतर्क और बहु-आयामी दृष्टिकोण अपनाया। विकसित रणनीति का एक प्रमुख तत्व पश्चिमी मीडिया में मादुरो को "ड्रग्स किंगपिन" के रूप में प्रचारित करने का एक ठोस प्रयास था, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनके शासन को अवैध ठहराना और हस्तक्षेप के लिए जन समर्थन प्राप्त करना था और इस मीडिया अभियान के बाद, काराकास को व्यवस्थित रूप से घेर लिया गया, जिससे मादुरो पर दबाव बढ़ गया। इन प्रयासों के बावजूद, मादुरो ने कथित तौर पर अमेरिकी मांगों के आगे झुकने से इनकार कर दिया, जिससे उनकी दृढ़ता का प्रदर्शन हुआ।