NEET UG 2026 पेपर लीक: मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी गिरफ्तार, अब तक 8 आरोपी दबोचे गए

सीबीआई ने नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में मुख्य सरगना पीवी कुलकर्णी को गिरफ्तार किया है। कुलकर्णी एक केमिस्ट्री लेक्चरर है जिसने परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक कर छात्रों को विशेष कोचिंग दी थी। इस मामले में अब तक कुल आठ गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने नीट-यूजी 2026 (NEET-UG 2026) परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए इस पूरे प्रकरण के मुख्य सरगना यानी किंगपिन को गिरफ्तार कर लिया है। वी. कुलकर्णी (PV Kulkarni) के रूप में हुई है, जो पेशे से रसायन विज्ञान (Chemistry) का लेक्चरर है। सीबीआई की जांच में यह बात सामने आई है कि कुलकर्णी ने ही इस पूरे पेपर लीक कांड की मुख्य सेटिंग की थी और परीक्षा की शुचिता को भंग करने में केंद्रीय भूमिका निभाई थी। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिससे इस बड़े नेटवर्क की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं। सीबीआई ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से प्राप्त महत्वपूर्ण जानकारियों और परीक्षा प्रक्रिया में कुलकर्णी की संदिग्ध भूमिका के पुख्ता सबूत मिलने के बाद यह कार्रवाई की है।

मुख्य सरगना पी.वी. कुलकर्णी की भूमिका और प्रश्नपत्र तक पहुंच

वी. कुलकर्णी ने ही सबसे पहले प्रश्नपत्र तक अपनी पहुंच बनाई थी। रसायन विज्ञान के लेक्चरर होने के नाते और परीक्षा प्रक्रिया के कुछ हिस्सों में शामिल होने के कारण, उसने प्रश्नपत्र को एक्सेस किया। प्रश्नपत्र हासिल करने के बाद, कुलकर्णी ने अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह में छात्रों को संगठित करना या 'मोबिलाइज' करना शुरू कर दिया था। सीबीआई के अनुसार, कुलकर्णी ने इस पूरी साजिश को अंजाम देने के लिए एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे के साथ हाथ मिलाया था। मनीषा वाघमारे को सीबीआई पहले ही 14 मई 2026 को गिरफ्तार कर चुकी है। इन दोनों ने मिलकर उन छात्रों की पहचान की जिन्हें पेपर लीक का लाभ दिया जाना था और फिर उन्हें एक सुनियोजित तरीके से प्रशिक्षित किया गया।

पुणे में विशेष कोचिंग और नोटबुक में दर्ज किए गए सवाल

वी. कुलकर्णी और मनीषा वाघमारे ने मिलकर इन छात्रों के लिए महाराष्ट्र के पुणे स्थित कुलकर्णी के निजी आवास पर विशेष कोचिंग कक्षाओं का आयोजन किया। इन कक्षाओं का उद्देश्य छात्रों को लीक हुए प्रश्नपत्र के सवालों से रूबरू कराना था। अप्रैल के अंत में आयोजित इन गुप्त क्लासों के दौरान, कुलकर्णी ने छात्रों को न केवल प्रश्न बताए, बल्कि उनके संभावित विकल्प और बिल्कुल सही उत्तर भी लिखवाए। छात्रों को निर्देश दिया गया था कि वे इन सवालों और जवाबों को अपनी नोटबुक में हाथ से नोट करें। जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि छात्रों द्वारा अपनी नोटबुक में लिखे गए ये सवाल 3 मई 2026 को आयोजित वास्तविक नीट-यूजी परीक्षा के प्रश्नपत्र से हूबहू मेल खाते थे। यह इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि परीक्षा से काफी पहले ही प्रश्नपत्र लीक हो चुका था।

देशव्यापी गिरफ्तारियां और कानूनी कार्यवाही का विवरण

सीबीआई इस मामले में अब तक देश के विभिन्न हिस्सों से कुल आठ आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। जांच का दायरा जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिलियानगर जैसे शहरों तक फैला हुआ है, जहां से अब तक सात अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है। इन गिरफ्तार आरोपियों में से पांच को पहले ही संबंधित अदालत में पेश किया जा चुका है, जहां से उन्हें विस्तृत पूछताछ और मामले की गहराई तक जाने के लिए सात दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है और वहीं, हाल ही में गिरफ्तार किए गए दो अन्य आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड के लिए पुणे की एक अदालत में पेश किया जा रहा है, ताकि उन्हें आगे की कार्यवाही के लिए दिल्ली की अदालत में स्थानांतरित किया जा सके।

सीबीआई की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि पेपर लीक की जड़ें काफी गहरी थीं और इसमें शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े लोग भी शामिल थे। कुलकर्णी द्वारा अप्रैल के अंतिम सप्ताह में ही प्रश्नपत्र छात्रों तक पहुंचा देना इस बात की पुष्टि करता है कि परीक्षा प्रणाली में बड़ी सेंध लगाई गई थी। फिलहाल, सीबीआई गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और उन छात्रों का पता लगाया जा सके जिन्होंने इस अवैध तरीके से परीक्षा में लाभ उठाने की कोशिश की थी। मामले की जांच अभी भी जारी है और आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां होने की संभावना है।