राजस्थान में नीट पेपर लीक (NEET 2026 Paper Leak) का मामला अब एक बड़े राजनीतिक संग्राम में तब्दील हो चुका है। इस पूरे विवाद के केंद्र में मुख्य आरोपी दिनेश बिंवाल (Dinesh Binwal) का नाम सामने आया है, जिसे लेकर भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी का दौर जारी है। इस विवाद की शुरुआत बुधवार को हुई जब पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य सरकार और जांच एजेंसियों पर तीखा हमला बोला। इसके बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने इन आरोपों पर सफाई दी, लेकिन गुरुवार को नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली द्वारा पेश किए गए नए सबूतों ने इस मामले को और अधिक गरमा दिया है।
अशोक गहलोत के गंभीर आरोप और एसओजी की भूमिका
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मामले में सबसे पहले मोर्चा खोलते हुए राज्य सरकार को 'एक्सपोज' करने का दावा किया। गहलोत ने सार्वजनिक रूप से कहा कि नीट मामले में पकड़ा गया आरोपी दिनेश बिंवाल कोई साधारण व्यक्ति नहीं बल्कि भाजपा का सक्रिय नेता है और उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बिंवाल के परिवार के कई सदस्य पहले से ही विभिन्न सरकारी नौकरियों में कार्यरत हैं, जो मिलीभगत की ओर इशारा करता है। गहलोत ने विशेष रूप से एसओजी (SOG) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और पूछा कि आखिर अब तक इस मामले के मुख्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज क्यों नहीं की गई है? उन्होंने सरकार पर आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
भाजपा का बचाव और मदन राठौड़ का बयान
अशोक गहलोत के इन तीखे हमलों पर प्रतिक्रिया देने के लिए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने मोर्चा संभाला। बुधवार देर शाम भाजपा की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में राठौड़ ने गहलोत के दावों को पूरी तरह से 'कोरा झूठ' करार दिया। भाजपा ने स्पष्ट किया कि जिस दिनेश बिंवाल को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, वह पार्टी का प्राथमिक कार्यकर्ता भी नहीं है। मदन राठौड़ ने तर्क दिया कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं के साथ कोई भी व्यक्ति फोटो खिंचवा सकता है और इसे राजनीतिक संबंध या पार्टी सदस्यता का आधार नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
टीकाराम जूली का पलटवार और सोशल मीडिया के सबूत
विवाद का सबसे महत्वपूर्ण मोड़ गुरुवार को आया जब नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मदन राठौड़ के दावों को चुनौती देते हुए नए सबूत पेश किए और जूली ने भाजपा विधायक महेंद्र पाल मीणा के सोशल मीडिया पोस्ट के स्क्रीनशॉट साझा किए। इन पोस्ट में विधायक ने आरोपी दिनेश बिंवाल को 'भाई' संबोधित करते हुए बधाई दी थी। जूली ने दावा किया कि दिनेश बिंवाल न केवल भाजपा का कार्यकर्ता है, बल्कि वह भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो), जयपुर देहात का जिला मंत्री भी है। उन्होंने भाजपा नेतृत्व को नसीहत दी कि वे जनता के सामने झूठ बोलने के बजाय सच्चाई को स्वीकार करें और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
भाजपा से अपराधी निकलना कोई नई बात नहीं है परन्तु भाजपा प्रदेशाध्यक्ष जिस तरह NEET पेपर लीक के आरोपी दिनेश बिंवाल से पल्ला झाड़ने के लिए झूठ बोल रहे हैं वह आश्चर्यजनक है।
— Tika Ram Jully (@TikaRamJullyINC) May 13, 2026
भाजपा के जमवारामगढ़ के विधायक श्री महेन्द्र पाल मीणा अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर इस आरोपी को भाई लिखते हैं… https://t.co/nZCvykPbTx pic.twitter.com/FzVknIFBoG
मामले के मुख्य बिंदु और राजनीतिक घटनाक्रम
इस राजनीतिक खींचतान ने राजस्थान में नीट पेपर लीक मामले की जांच को एक नई दिशा दे दी है। जहां कांग्रेस पार्टी आरोपी के भाजपा कनेक्शन को लेकर हमलावर है, वहीं भाजपा इसे केवल एक राजनीतिक साजिश बता रही है। अब देखना यह होगा कि इन नए सबूतों के सामने आने के बाद जांच एजेंसियां और राज्य सरकार क्या कदम उठाती हैं। फिलहाल, दिनेश बिंवाल के राजनीतिक संबंधों को लेकर शुरू हुआ यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है और दोनों ही दल एक-दूसरे पर तथ्यों को छिपाने का आरोप लगा रहे हैं।
