जल जीवन मिशन घोटाला: महेश जोशी जेल भेजे गए, संजय बड़ाया कोर्ट में हुए भावुक

राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में पूर्व मंत्री महेश जोशी को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वहीं, दलाल की भूमिका निभाने वाले संजय बड़ाया को 3 दिन की एसीबी रिमांड पर भेजा गया है। पेशी के दौरान बड़ाया भावुक नजर आए।

राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले से जुड़े मामले में सोमवार को जयपुर की एक अदालत में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई और इस दौरान पूर्व जिला मंत्री महेश जोशी और दलाल की भूमिका निभाने के आरोपी संजय बड़ाया को पेश किया गया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने महेश जोशी को 7 मई को उनके निवास से गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्हें चार दिनों की रिमांड पर भेजा गया था। रिमांड की अवधि समाप्त होने पर उन्हें पुनः कोर्ट में पेश किया गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान एसीबी ने जोशी से टेंडर प्रक्रिया और उससे जुड़ी अनियमितताओं के संबंध में गहन पूछताछ की है।

एसीबी की रिमांड मांग और कोर्ट का फैसला

सुनवाई के दौरान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने अदालत से संजय बड़ाया के लिए 5 दिन और महेश जोशी के लिए 3 दिन की अतिरिक्त रिमांड की मांग की थी। एसीबी के वकीलों ने दलील दी कि इस घोटाले की तह तक जाने के लिए दोनों आरोपियों को आमने-सामने बिठाकर पूछताछ करना अनिवार्य है। जांच एजेंसी का मानना है कि टेंडर प्रक्रिया में हुए भ्रष्टाचार के कई राज इन दोनों की संयुक्त पूछताछ से खुल सकते हैं। हालांकि, अदालत ने सभी उपलब्ध तथ्यों और दलीलों पर विचार करने के बाद महेश जोशी को ज्यूडिशल कस्टडी (न्यायिक हिरासत) में जेल भेजने का आदेश दिया। वहीं, संजय बड़ाया को 3 दिन की एसीबी रिमांड पर सौंप दिया गया है, जहां उनसे टेंडर प्रक्रिया से जुड़ी कड़ियों को जोड़ने के लिए पूछताछ की जाएगी।

संजय बड़ाया की गिरफ्तारी और कोर्ट में भावुक पल

संजय बड़ाया की गिरफ्तारी के घटनाक्रम पर नजर डालें तो एसीबी ने उन्हें देर रात करीब 2 बजे दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में लिया था, जिसके बाद उन्हें जयपुर लाया गया। सोमवार को जब उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, तो वहां का माहौल काफी भावुक हो गया। संजय बड़ाया की पत्नी भी सुनवाई के दौरान कोर्ट परिसर में मौजूद रहीं। पेशी के दौरान संजय बड़ाया अपने आंसू नहीं रोक पाए और काफी भावुक दिखाई दिए। एसीबी अब रिमांड अवधि के दौरान बड़ाया से उन संपर्कों और लेन-देन के बारे में जानकारी जुटाएगी जो जल जीवन मिशन के टेंडर आवंटन में इस्तेमाल किए गए थे।

महेश जोशी के राजनीतिक दबाव के आरोप

कोर्ट परिसर में पेशी के दौरान महेश जोशी ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी गिरफ्तारी को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) वर्तमान में राजनीतिक दबाव में काम कर रही है। जोशी ने खुद को निर्दोष बताते हुए विश्वास जताया कि अंततः न्याय और सत्य की ही जीत होगी। उन्होंने संजय बड़ाया के खिलाफ जारी किए गए लुक आउट नोटिस पर भी सवाल उठाए। जोशी ने कहा कि जो व्यक्ति कोर्ट की अनुमति लेकर विदेश गया था, उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी करना यह साबित करता है कि जांच एजेंसी किसी दबाव के तहत कार्रवाई कर रही है।

मामले के मुख्य बिंदु

महेश जोशी की गिरफ्तारी और जेल भेजे जाने के बाद राजस्थान की सियासत में उबाल आ गया है। इस पूरे मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है, जहां कांग्रेस पार्टी भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगा रही है। कांग्रेस का कहना है कि उनके नेताओं को बेवजह परेशान किया जा रहा है। दूसरी ओर, भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया है कि कांग्रेस के शासनकाल में जल जीवन मिशन में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ था। भाजपा नेताओं का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और किसी भी दोषी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, सबकी नजरें संजय बड़ाया से होने वाली पूछताछ और कोर्ट की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।