पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों और विद्रोहियों के बीच संघर्ष एक बार फिर तेज हो गया है। बलूचिस्तान आंदोलन के लंबे इतिहास और अलग देश की मांग के बीच, पाकिस्तानी सेना द्वारा विद्रोहियों को दबाने के लिए चलाए जा रहे अभियानों में सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। ताजा घटनाक्रम में, बलूचिस्तान प्रांत के बरखान जिले में आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए एक विशेष सैन्य ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तानी सेना के एक मेजर सहित कुल 5 जवानों की मौत हो गई है। पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग, इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने इस घटना की पुष्टि करते हुए विस्तृत जानकारी साझा की है।
बरखान के नोशाम इलाके में संयुक्त 'क्लीन-अप' ऑपरेशन
इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) द्वारा बुधवार देर रात जारी किए गए एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह सैन्य कार्रवाई बलूचिस्तान के बरखान जिले के अंतर्गत आने वाले नोशाम इलाके में अंजाम दी गई थी। इस ऑपरेशन को पाकिस्तानी सेना और बलूचिस्तान फ्रंटियर कोर ने संयुक्त रूप से संचालित किया था और इस 'क्लीन-अप' ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य इलाके में छिपे आतंकवादियों का सफाया करना था। जैसे ही सुरक्षा बल लक्षित स्थान पर पहुंचे, वहां मौजूद आतंकवादियों और सेना के बीच भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई और इस गोलीबारी में सेना ने 7 आतंकवादियों को मार गिराने में सफलता हासिल की, लेकिन इस प्रक्रिया में सेना को भी अपने 5 जांबाज सैनिकों को खोना पड़ा, जिनमें एक फील्ड ऑफिसर (मेजर) भी शामिल थे।
हथियार और गोला-बारूद की बड़ी बरामदगी
मुठभेड़ समाप्त होने के बाद, सुरक्षा बलों ने घटनास्थल पर सघन तलाशी अभियान चलाया। ISPR ने जानकारी दी है कि मारे गए आतंकवादियों के कब्जे से भारी मात्रा में आधुनिक हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। सेना का मानना है कि ये आतंकवादी किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में थे। बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे इन अभियानों का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांति व्यवस्था बहाल करना और विद्रोही गतिविधियों पर अंकुश लगाना है।
बलूचिस्तान में सैन्य अभियानों का सिलसिला
पाकिस्तानी सुरक्षा बल इस साल की शुरुआत से ही बलूच विद्रोहियों के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं और साल 2024 के शुरुआती चार महीनों में बलूचिस्तान के विभिन्न हिस्सों में कई बड़े 'क्लीन-अप' ऑपरेशन चलाए गए हैं। आंकड़ों के अनुसार, मार्च महीने में हरनाई और बासीमा जिलों में चलाए गए ऑपरेशनों के दौरान कम से कम 15 आतंकवादियों को मार गिराया गया था। वहीं, फरवरी महीने में झोब जिले में हुई एक बड़ी सैन्य कार्रवाई में 10 आतंकवादी मारे गए थे। बलूचिस्तान को पाकिस्तान का सबसे अशांत प्रांत माना जाता है, जहां लंबे समय से कम तीव्रता वाला विद्रोह जारी है। विद्रोही समूह अक्सर सुरक्षा बलों और सरकारी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हैं, जिसके लिए पाकिस्तानी सरकार बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) जैसे संगठनों को जिम्मेदार ठहराती है।
खैबर पख्तूनख्वा में आत्मघाती हमला और जनहानि
बलूचिस्तान की इस घटना से महज दो दिन पहले, पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा में भी एक भीषण आतंकी हमला हुआ था। मंगलवार को लक्की मरवत जिले के नौरंग बाजार में एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटक से लदे ऑटो रिक्शा (तिपहिया वाहन) को भीड़-भाड़ वाले इलाके में उड़ा दिया। इस धमाके में 2 सुरक्षाकर्मियों और एक महिला सहित कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 33 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हमलावर ने नौरंग बाजार के फाटक चौक को निशाना बनाया था और पाकिस्तान में बढ़ती आतंकी घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
