नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानों का आगाज, लखनऊ के लिए उड़े किसान

केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने जेवर एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानों का उद्घाटन किया। पहली उड़ान में 170 किसान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने लखनऊ रवाना हुए।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जेवर ने आज अपने वाणिज्यिक उड़ान संचालन की शुरुआत के साथ एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने बोर्डिंग गेट पर फीता काटकर इन सेवाओं का औपचारिक उद्घाटन किया। यह अवसर उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के विमानन क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक है। इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी हवाई अड्डे पर मौजूद रहे। उद्घाटन समारोह के दौरान पहली इंडिगो फ्लाइट लखनऊ से नोएडा एयरपोर्ट पहुंची, जिससे इस विश्व स्तरीय सुविधा का कार्यात्मक शुभारंभ हुआ।

किसानों के सम्मान में पहली उड़ान

हवाई अड्डे से शुरू होने वाली पहली उड़ान में उन किसानों को विशेष सम्मान दिया गया है, जिन्होंने जेवर एयरपोर्ट के निर्माण के लिए अपनी बहुमूल्य जमीन उपलब्ध कराई थी। लगभग 170 किसानों को एक विशेष विमान के जरिए लखनऊ ले जाया गया है। यह पहल उन लोगों के प्रति आभार व्यक्त करने का एक तरीका है जिनके सहयोग के बिना इस विशाल परियोजना का सपना पूरा होना संभव नहीं था और इन किसानों के साथ जेवर के विधायक और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के अधिकारी भी इस यात्रा का हिस्सा बने हैं। लखनऊ पहुंचने पर ये किसान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करेंगे, जहां मुख्यमंत्री स्वयं उन्हें सम्मानित करेंगे। इस मुलाकात के बाद विशेष विमान इन किसानों को लेकर वापस नोएडा एयरपोर्ट लौटेगा।

भारतीय संस्कृति और आधुनिकता का संगम

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को आधुनिक तकनीक के साथ-साथ भारतीय संस्कृति की पहचान देने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। टर्मिनल बिल्डिंग में यात्रियों को उत्तर प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत और वाराणसी के प्रसिद्ध गंगा घाटों की झलक देखने को मिलेगी। हवाई अड्डे के डिजाइन में भारतीय वास्तुकला, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं का खास ध्यान रखा गया है। टर्मिनल में प्रवेश करते ही यात्रियों को बनारस के घाटों जैसी डिजाइन और सांस्कृतिक अनुभव प्राप्त होगा। यह प्रयास सुनिश्चित करता है कि हवाई अड्डा केवल यात्रा का केंद्र न रहकर एक सांस्कृतिक मील का पत्थर भी बने।

डिजिटल तकनीक से आसान होगा सफर

यात्रियों की सुविधा के लिए हवाई अड्डे पर डिजी यात्रा जैसी आधुनिक तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया जा रहा है। इस सुविधा के जरिए यात्री का चेहरा ही उसकी पहचान और बोर्डिंग पास के रूप में काम करेगा, जिससे चेक-इन और बोर्डिंग की प्रक्रिया काफी तेज और सरल हो जाएगी। हवाई अड्डे पर हाई-स्पीड एक्सीलेटर, आधुनिक लिफ्ट और विश्व स्तरीय बैगेज सिस्टम लगाए गए हैं, जो यात्रियों को एक सुखद अनुभव प्रदान करेंगे। ये तकनीकी सुधार नोएडा से हवाई यात्रा को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए कुशल और परेशानी मुक्त बनाने के उद्देश्य से किए गए हैं।

उड़ानों का शेड्यूल और नियमित सेवाएं

लखनऊ और नोएडा के बीच इस विशेष उड़ान सेवा की शुरुआत 15 जून से की गई है, जबकि 1 जुलाई 2026 से इस रूट पर नियमित उड़ानों के संचालित होने की उम्मीद है। दोनों शहरों के बीच हवाई सफर का समय लगभग 1 घंटा रहेगा। निर्धारित शेड्यूल के अनुसार, इंडिगो की फ्लाइट लखनऊ से सुबह करीब 7 बजे उड़ान भरेगी और 8 बजे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचेगी। वहीं, वापसी में यह फ्लाइट शाम को नोएडा से उड़ान भरकर रात करीब 8 बजे लखनऊ पहुंचेगी। यह कनेक्टिविटी राज्य की राजधानी और एनसीआर क्षेत्र के बीच आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन को बढ़ावा देगी।

सुरक्षा और ग्रीन एनर्जी पर विशेष जोर

हवाई अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था को सीआईएसएफ, उत्तर प्रदेश पुलिस और निजी सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से बेहद मजबूत बनाया गया है। पूरे परिसर की निगरानी एआई आधारित कैमरों और आधुनिक सिस्टम के जरिए की जाएगी। इसके अलावा, हवाई अड्डे को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए सौर और पवन ऊर्जा का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जाएगा। योजना के अनुसार, हवाई अड्डे की लगभग 50 प्रतिशत बिजली की जरूरतें नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से पूरी की जाएंगी। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट आने वाले समय में न केवल हवाई यात्रा का बड़ा केंद्र बनेगा, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक तकनीक का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी पेश करेगा।