दिल्ली में आयोजित हो रहे ब्रिक्स सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग को एक नई दिशा देने के लिए 3 मंत्रों पर काम करने का फॉर्मूला दिया है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष जोर दिया कि ब्रिक्स देश आज वैश्विक नवाचार और समाधान के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया की बदलती हुई परिस्थितियों और वैश्विक चुनौतियों के बीच ब्रिक्स देशों की भूमिका लगातार और भी अधिक महत्वपूर्ण होती जा रही है। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के अंत में सभी सदस्य देशों से ब्रिक्स को आगे बढ़ाने की पुरजोर अपील की ताकि यह समूह वैश्विक प्रगति का नेतृत्व कर सके।
आर्थिक मजबूती के लिए तीन प्रमुख मंत्र
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज जब ब्रिक्स अपने तीसरे दशक में प्रवेश कर रहा है, तो यह समय ठोस कार्रवाई का है। उन्होंने ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल से विशेष आग्रह किया कि वे ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार में आने वाली शीर्ष दस बाधाओं को हटाने के लिए एक रिकॉर्ड बना सकते हैं। यह पहला मंत्र व्यापारिक सुगमता को बढ़ावा देने के लिए है। दूसरे मंत्र के रूप में उन्होंने स्टार्टअप्स पर ध्यान केंद्रित किया। पीएम ने प्रस्ताव दिया कि क्या हम 100 ब्रिक्स स्टार्टअप को दूसरे ब्रिक्स बाजारों में साझा करने और उन्हें वहां स्थापित होने के लिए समर्थन दे सकते हैं। तीसरे मंत्र के तहत उन्होंने व्यापारिक जगत के बीच 1000 नई साझेदारियां विकसित करने का लक्ष्य रखा। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि इन तीनों मापदंडों पर हमें हर साल अपनी प्रगति की समीक्षा करनी चाहिए ताकि ब्रिक्स न केवल खुद आगे बढ़े बल्कि पूरी दुनिया की प्रगति में भी योगदान दे।
ब्रिक्स की आर्थिक ताकत के आंकड़े
प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स की आर्थिक शक्ति का विवरण देते हुए बताया कि आज ब्रिक्स देश दुनिया की 50 प्रतिशत आबादी, 40 प्रतिशत जीडीपी और 25 प्रतिशत से ज्यादा ग्लोबल ट्रेड का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने तुलनात्मक आंकड़े पेश करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जहां वैश्विक जीडीपी करीब ढाई गुना बढ़ी है, वहीं ब्रिक्स देशों की कुल जीडीपी लगभग साढ़े चार गुना बढ़ी है। इसका सीधा अर्थ यह है कि ब्रिक्स की आर्थिक ताकत बाकी दुनिया की तुलना में करीब दोगुनी तेजी से बढ़ी है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि ब्रिक्स देश वैश्विक अर्थव्यवस्था के नए ग्रोथ इंजन बन चुके हैं।
पुतिन ने जी7 देशों पर साधा निशाना
ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जी7 देशों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने जी7 की वैश्विक आर्थिक भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि ब्रिक्स देशों की हिस्सेदारी और प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। पुतिन ने जोर देकर कहा कि दुनिया की आर्थिक वृद्धि में ब्रिक्स देशों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स दुनिया की करीब आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है और वैश्विक अर्थव्यवस्था में इसकी हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया में आर्थिक विकास के नए केंद्र और ग्रोथ इंजन उभर रहे हैं और इनमें ब्रिक्स देशों की भूमिका अहम है। पश्चिमी प्रतिबंधों का जिक्र करते हुए पुतिन ने दावा किया कि इन सबके बावजूद रूस की अर्थव्यवस्था में मजबूती बनी हुई है और वह विकास की राह पर अग्रसर है।
